गैरसैंण में बजट सत्र: सदन में गरजे धारचूला विधायक धामी, डीडीहाट के चुफाल ने उठाया जिला गठन का मुद्दा
गैरसैंण में चल रहे बजट सत्र में सीमांत जिलों के विधायकों ने अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याओं, मांगों और विकास से जुड़े मुद्दों को सदन में उठाया गया।
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गैरसैंण में बजट सत्र चल रहा है। पक्ष और विपक्ष के विधायक अपने-अपने क्षेत्र की समस्याओं को सदन में रखने यहां पहुंचे हैं। विपक्ष सवाल दाग रहा है तो पक्ष इसका जवाब दे रहा है। सीमांत जिले से भी क्षेत्रीय विधायक जनता की आवाज बुलंद करते हुए अपने क्षेत्र की समस्याओं को सदन में रख रहे हैं। पेश से जिले के विधायकों के सदन में उठाए सवालों, समस्याओं और मांगों पर एक रिपोर्ट।
विधायक धामी ने किया गुंजी में जमीन पर्यटन विभाग के नाम करने का विरोध
गैरसैंण में चल रहे बजट सत्र के दौरान धारचूला के विधायक हरीश धामी ने सरकार के साथ ही अधिकारियों पर तीखे हमले किए। उन्होंने कहा कि पिछले आपदाकाल में दैवी आपदा मद में धारचूला में कितना धन स्वीकृत हुआ इसकी जानकारी मांगी गई थी। अब तक इसका उत्तर नहीं मिल सका है। ऐसे में साफ है कि अधिकारी सरकार के एजेंट के रूप में काम कर रहे हैं जो ठीक नहीं है। जनप्रतिनिधियों को जानकारी न देने और उनका फोन न उठाने वाले अधिकारियों को दंडित किया जाना चाहिए।
उन्होंने गुंजी में ग्रामीणों से उनके कब्जे वाली जमीन खाली करवाने और इसे पर्यटन विभाग के नाम करने का भी विरोध किया। उन्होंने कहा कि गुंजी गांव में प्रधानमंत्री मोदी का यहां के ग्रामीणों ने जोरदार स्वागत किया। उन्होंने इसे प्रथम गांव के रूप में पहचान भी दी। प्रधानमंत्री के आने के बाद शिवधाम के नाम पर यहां जनजाति के लोगों की 1500 नाली जमीन पर्यटन विभाग के नाम कर दी गई। जमीन खाली कराने के लिए सरकार ने शिवधाम में भी बुलडोजर चला दिया।
जब यहां के ग्रामीण चीन सीमा पर देश के असल प्रहरी बनकर रह रहे थे तब सरकार ने उन्हें जमीन खाली करने के लिए नहीं कहा। अब सरकार इस जमीन से ग्रामीणों को हटाकर इसे उद्योगपतियों के हवाले करना चाहती है। सरकार को यहां के ग्रामीणों को पांच-पांच नाली जमीन देनी चाहिए ताकि वे सीमा के प्रहरी के रूप में काम करते हुए अपना रोजगार भी कर सकें।
विधायक मयूख महर ने की खिलाड़ियों के नाम से संस्थानों को पहचान दिलाने की मांग
गैरसैंण में आयोजित सत्र में पिथौरागढ़ के विधायक मयूख महर ने मुक्केबाज स्व. राजेंद्र पुनेड़ा और भारतीय फुटबाल टीम के कप्तान त्रिलोक बसेड़ा के नाम से संस्थानों को पहचान दिलाने की मांग की। उन्होंने सदन में कहा कि पिथौरागढ़ स्पोर्ट्स कॉलेज को मुक्केबाज हरी सिंह थापा तो स्पोर्ट्स स्टेडियम को सुरेंद्र सिंह वल्दिया के नाम से पहचान मिली है।
जिले के महान मुक्केबाज स्व. राजेंद्र पुनेड़ा ने एशियार्ड में रजत पदक जीता था। वहीं भारतीय फुटबाल टीम के कप्तान रहे स्व. त्रिलोक बसेड़ा ने एशिया कप में विजय दिलाकर देश का गौरव बढ़ाया था। उन्होंने सरकार ने दोनों खिलाड़ियों के नाम से प्रदेश के बड़े खेल संस्थानों को पहचान दिलाने की मांग की है।
विधायक बिशन सिंह चुफाल ने उठाया डीडीहाट जिले का मुद्दा
डीडीहाट विधायक बिशन सिंह चुफाल ने गैरसैंण में आयोजित बजट सत्र में पुरजोर तरीके से नए जिले का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने 2011 में चार जिलों के गठन के लिए अधिसूचना जारी की थी। अगले साल सरकार बदली तो ये नए जिले अस्तित्व में नहीं आ सके। डीडीहाट भी इनमें शामिल है।
उन्होंने कहा कि किसी भी क्षेत्र के विकास के लिए छोटी प्रशासनिक इकाई जरूरी हैं। डीडीहाट जिला बनने से यहां का संपूर्ण विकास होगा। क्षेत्र के हर व्यक्ति की भी यहीं मांग है। वहीं उन्होंने राजी जनजाति के तीन गांवों के ग्रामीणों की आवाजाही सुगम बनाने के लिए रौतिस नदी में झूलापुल बनाने की भी मांग की।
विधायक चुफाल ने मूनाकोट में महाविद्यालय खोलने के लिए भी कहा। कहा कि क्षेत्र में 15 से अधिक इंटर कॉलेजों में छह हजार से अधिक छात्र पढ़ रहे हैं। उन्हें स्थानीय स्तर पर उच्च शिक्षा दिलाने के लिए क्षेत्र के लोग मूनाकोट में महाविद्यालय खोलने की मांग कर रहे हैं। महाविद्यालय के लिए जमीन उपलब्ध करा दी है। ऐसे में यहां महाविद्यालय खोलने की स्वीकृति मिलनी चाहिए।