Bajpur: विधायक पांडेय के बेटे से जुड़े जमीन विवाद में हुई सुनवाई, तीन पक्षकारों ने रखा अपना पक्ष
बाजपुर में भाजपा विधायक अरविंद पांडेय के बेटे से जुड़े जमीन विवाद मामले में जांच कमेटी के सामने पक्षकारों की सुनवाई हुई और अगली तारीख शुक्रवार तय की गई।
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भाजपा विधायक अरविंद पांडेय के बेटे से जुड़े जमीन विवाद में गठित जांच कमेटी की सुनवाई हुई। इस दौरान जमीन विवाद से संबंधित तीन पक्षकारों ने अपना पक्ष रखा जिसमें एक पक्ष ने विवाद से संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराने का अनुरोध करते हुए समय मांगा। कमेटी की तरफ से अगली तिथि शुक्रवार को रखी गई है।
आरोप है कि विधायक के बेटे अतुल पांडेय ने गांव सैमलपुरी निवासी जनजाति समाज के व्यक्ति की करीब तीन एकड़ से अधिक भूमि कूटरचित साक्ष्यों के आधार पर अपने नाम दर्ज कराई और उसके बाद गुरविंदर सिंह को बेच दी। गुरविंदर सिंह से मक्खन सिंह आदि ने खरीद ली। शिकायत पर मंडलायुक्त ने भूमि संबंधित आदेश जनजाति के पक्ष में दिया था। मामला चर्चा में आने पर विधायक अरविंद पांडेय ने तहसील पहुंचकर मंडलायुक्त का आदेश राजस्व अभिलेखों में दर्ज कराया लेकिन बाद में यह आदेश हटा दिया गया। मामला संदिग्ध मानते हुए रजिस्ट्रार कानूनगो राकेश शाह को उत्तरकाशी से अटैच कर दिया था। डीएम ने भूमि प्रकरण में एडीएम की अध्यक्षता में एसडीएम, बदोस्त अधिकारी, अल्पसंख्यक अधिकारी की जांच कमेटी गठित की।
बृहस्पतिवार को एसडीएम कार्यालय में जांच कमेटी अध्यक्ष एडीएम कौस्तुभ मिश्रा, एसडीएम डाॅ. अमृता शर्मा सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे। इस दौरान विधायक के बेटे अतुल पांडेय अधिवक्ताओं के साथ पेश हुए। अतुल पांडेय ने जांच कमेटी को पत्र देकर जमीन प्रकरण में तत्कालीन संबंधित असिस्टेट कलैक्टर प्रथम श्रेणी बाजपुर को जांच में शामिल करने की मांग की है। पक्षकार मक्खन सिंह ने जमीन के 229 बी के दौरान रहे अधिकारी और कर्मचारियों से भी जवाब तलब करने की मांग की है। वहीं पक्षकार गुरविंदर सिंह के अधिवक्ता अजीम अहमद ने कमेटी से दस्तावेज उपलब्ध कराने और समय देने का अनुरोध किया है। विधायक के बेटे अतुल पांडेय ने कहा कि जमीन विवाद से संबंधित अधिकारियों को भी जांच में शामिल किया जाए। उन्होंने कहा चुनाव नजदीक आने पर उनके पिता अरविंद पांडेय की छवि को धूमिल करने की कोशिश की जा रही है।