{"_id":"6a6e45f61a0ce867d405bfb2","slug":"it-was-necessary-to-stop-the-planned-religious-conversions-cm-khatima-news-c-236-1-ktm1001-115264-2026-08-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"योजनाबद्ध तरीके से हो रहे धर्मांतरण को रोकना जरूरी था : सीएम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
योजनाबद्ध तरीके से हो रहे धर्मांतरण को रोकना जरूरी था : सीएम
Sun, 02 Aug 2026 12:46 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Sun, 02 Aug 2026 12:46 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
खटीमा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड में योजनाबद्ध तरीके से धर्मांतरण का प्रयास किया जा रहा था जिसे रोकना आवश्यक था। इसी उद्देश्य से सख्त धर्मांतरण विरोधी कानून लागू किया गया। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जनजाति का लाभ लेकर धर्मांतरण करने वालों को मिलने वाली सुविधाओं पर भी सरकार गंभीरता से विचार कर रही है। उन्होंने समाज से इस कुप्रथा को समाप्त करने में सक्रिय सहयोग का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री धामी शनिवार को खटीमा स्थित बैंक्वेट हॉल में आयोजित थारू जनजाति संवाद कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने धर्मांतरण विरोधी कानून की सराहना करते हुए कहा कि इससे कई लोगों की अपने मूल धर्म में वापसी का मार्ग प्रशस्त हुआ है। संवाद के दौरान जनप्रतिनिधियों ने बताया कि उत्तराखंड गठन से पूर्व उत्तर प्रदेश में थारू जनजाति का आरक्षण रोस्टर में पांचवां स्थान था जबकि वर्तमान में यह 24वें स्थान पर है। उन्होंने इसे दोबारा पांचवें स्थान पर लाने का अनुरोध किया ताकि युवाओं को रोजगार में बेहतर अवसर मिल सकें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का यह संवाद केवल औपचारिक कार्यक्रम नहीं बल्कि सरकार और थारू समाज के बीच विश्वास एवं विकास की साझेदारी को मजबूत करने का माध्यम है। सीएम ने कहा कि उनका थारू समाज से जुड़ाव आज का नहीं बल्कि वर्षों पुराना है और खटीमा से उनका आत्मीय संबंध हमेशा बना रहेगा। उन्होंने कहा कि वह यहां समाज की समस्याएं, सुझाव और अपेक्षाएं सुनने आए हैं ताकि योजनाओं को और अधिक प्रभावी ढंग से लागू किया जा सके।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि जनजातीय समुदाय को शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और आधारभूत सुविधाओं से जोड़कर उन्हें सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया जा रहा है। इसी दिशा में जहां एक ओर अटल आवास योजना में आय सीमा को व्यावहारिक बनाया है, वहीं घर निर्माण की लागत में भी बढ़ोतरी की है ताकि अधिक से अधिक परिवारों को इसका लाभ मिल सके। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) में भी बड़ी संख्या में जनजातीय परिवारों को लाभ मिला है। इस योजना के अंतर्गत घर पाने के लिए इस वर्ष जो आवेदन आए हैं उनमें लगभग 28 प्रतिशत आवेदन जनजातीय परिवारों के हैं। सीएम ने नशे के बढ़ते चलन पर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकार संयुक्त रूप से इसके विरुद्ध अभियान चला रही हैं।
कार्यक्रम में ये रहे मौजूद
ब्लॉक प्रमुख सरिता राणा, राणा थारू परिषद के अध्यक्ष दान सिंह राणा, सांसद प्रतिनिधि रविंद्र राणा, रमेश राणा, मंजीत राणा, दौलत राणा, शोभा देवी, मनोज राणा, कमलदीप राणा, मनोज राणा, सूरज प्रकाश राणा, हरीश राणा, आकाश राणा, गोपाल राणा, दायित्वधारी मोहनी पोखरिया, गंभीर सिंह धामी, किशन सिंह किन्ना,अनिल कपूर डब्बू, पालिकाध्यक्ष रमेश चंद्र जोशी, रंदीप पोखरिया, भवानी भंडारी, डीएम नितिन भदौरिया, एसएसपी अजय गणपति, सीडीओ दिवेश शाशनी, एसडीएम तुषार सैनी, सीओ नीरज सेमवाल, कोतवाल विजेंद्र शाह आदि।
एवरेस्ट विजेता मोहन राणा और तिला सेन को किया सम्मानित
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बीएसएफ के एवरेस्ट विजेता मोहन सिंह राणा और आईटीबीपी की एवरेस्ट विजेता तिला सेन को सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि दोनों ने न केवल उत्तराखंड बल्कि पूरे देश का नाम गौरवान्वित किया है। संवाद कार्यक्रम के दौरान थारू समाज के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। प्रतिनिधियों ने कहा कि वर्ष 2022 में भ्रम और अफवाहों के कारण जो राजनीतिक भूल हुई, उसका प्रायश्चित समाज भविष्य में करेगा।
विस्थापित किसानों की समस्या को उठाया
थारू समाज के प्रतिनिधियों ने वर्ष 1962 में नानक सागर बांध से विस्थापित किसानों की भूमि संबंधी समस्या का भी मुद्दा उठाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह मामला सरकार के संज्ञान में है और इसके समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही थारू समाज के प्रतिनिधियों ने उत्तराखंड में केंद्र सरकार की तर्ज पर पृथक जनजातीय कार्य मंत्रालय गठित करने व खटीमा में उच्च शिक्षा एवं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए कोचिंग सेंटर स्थापित करने का सुझाव दिया। सीएम ने सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया।
प्रधानमंत्री पर आपत्तिजनक टिप्पणी की निंदा की
सीएम ने प्रधानमंत्री के प्रति आपत्तिजनक टिप्पणी करने वालों की निंदा करते हुए कहा कि ऐसे कृत्यों से बचने के लिए संस्कारयुक्त और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने प्रधानमंत्री की ओर से बच्चों से संवाद स्थापित करने के प्रयासों व उन्हें क्षमा करने की भी सराहना की।
आश्रम पद्धति विद्यालयों को किया जा रहा अपग्रेड
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के तहत जिले में पहले चरण में 824 और दूसरे चरण में 101 घरों का निर्माण किया गया है। जनजाति कल्याण विभाग के माध्यम से आश्रम पद्धति विद्यालयों, छात्रावासों और आईटीआई संस्थानों के विकास के लिए करोड़ों रुपये की धनराशि दी गई है। आश्रम पद्धति विद्यालयों को कक्षा 12 तक अपग्रेड करने का काम भी किया जा रहा है। इसके अलावा एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों के माध्यम से भी जनजातीय बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान की जा रही है। खटीमा में बालिका छात्रावास के लिए चार करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं जबकि बाजपुर में 16 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से विद्यालय और छात्रावास का निर्माण किया जा रहा है। गदरपुर में 100 बेड का बालक छात्रावास भी बनाया जा रहा है। वहीं, थारू राजकीय इंटर कॉलेज खटीमा में दो करोड़ रुपये से अधिक की लागत से खेल मैदान का सौंदर्गीकरण, ऑडिटोरियम का आधुनिकीकरण और भवन की मरम्मत का कार्य किया जा रहा है। जनजातीय समाज की माताओं और बहनों को आत्मनिर्भर बनाने कर दिशा में भी सरकार गंभीरता से कार्य कर रही है।
सीमांत क्षेत्र विकास कार्यक्रम से 10 करोड़ की योजनाएं हुई पूरी
सीएम ने कहा कि मुख्यमंत्री सीमांत क्षेत्र विकास कार्यक्रम के तहत वर्ष 2020 से 2025 तक 10 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न योजनाएं पूरी की गई हैं। हजारों परिवारों को पेयजल, बिजली और गैस कनेक्शन उपलब्ध कराए गए हैं। आज जहां एक ओर विधानसभा सितारगंज में थारू विकास भवन का निर्माण किया जा रहा है। वहीं समाज कल्याण विभाग के अंतर्गत जनजातीय क्षेत्रों में अवस्थापना सुविधाओं के लिए दो करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि स्वीकृत की गई है। जनजातीय परिवारों को बेटी की शादी के लिए 50 हजार रुपये तक की आर्थिक सहायता भी प्रदान की जा रही है। ऊधमसिंह नगर, देहरादून, पिथौरागढ़ और चमोली में जनजातीय क्षेत्रों के विकास को और गति देने के लिए अलग-अलग जनजाति कल्याण अधिकारियों की नियुक्ति भी की है।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री धामी शनिवार को खटीमा स्थित बैंक्वेट हॉल में आयोजित थारू जनजाति संवाद कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने धर्मांतरण विरोधी कानून की सराहना करते हुए कहा कि इससे कई लोगों की अपने मूल धर्म में वापसी का मार्ग प्रशस्त हुआ है। संवाद के दौरान जनप्रतिनिधियों ने बताया कि उत्तराखंड गठन से पूर्व उत्तर प्रदेश में थारू जनजाति का आरक्षण रोस्टर में पांचवां स्थान था जबकि वर्तमान में यह 24वें स्थान पर है। उन्होंने इसे दोबारा पांचवें स्थान पर लाने का अनुरोध किया ताकि युवाओं को रोजगार में बेहतर अवसर मिल सकें।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का यह संवाद केवल औपचारिक कार्यक्रम नहीं बल्कि सरकार और थारू समाज के बीच विश्वास एवं विकास की साझेदारी को मजबूत करने का माध्यम है। सीएम ने कहा कि उनका थारू समाज से जुड़ाव आज का नहीं बल्कि वर्षों पुराना है और खटीमा से उनका आत्मीय संबंध हमेशा बना रहेगा। उन्होंने कहा कि वह यहां समाज की समस्याएं, सुझाव और अपेक्षाएं सुनने आए हैं ताकि योजनाओं को और अधिक प्रभावी ढंग से लागू किया जा सके।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि जनजातीय समुदाय को शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और आधारभूत सुविधाओं से जोड़कर उन्हें सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया जा रहा है। इसी दिशा में जहां एक ओर अटल आवास योजना में आय सीमा को व्यावहारिक बनाया है, वहीं घर निर्माण की लागत में भी बढ़ोतरी की है ताकि अधिक से अधिक परिवारों को इसका लाभ मिल सके। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) में भी बड़ी संख्या में जनजातीय परिवारों को लाभ मिला है। इस योजना के अंतर्गत घर पाने के लिए इस वर्ष जो आवेदन आए हैं उनमें लगभग 28 प्रतिशत आवेदन जनजातीय परिवारों के हैं। सीएम ने नशे के बढ़ते चलन पर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकार संयुक्त रूप से इसके विरुद्ध अभियान चला रही हैं।
कार्यक्रम में ये रहे मौजूद
ब्लॉक प्रमुख सरिता राणा, राणा थारू परिषद के अध्यक्ष दान सिंह राणा, सांसद प्रतिनिधि रविंद्र राणा, रमेश राणा, मंजीत राणा, दौलत राणा, शोभा देवी, मनोज राणा, कमलदीप राणा, मनोज राणा, सूरज प्रकाश राणा, हरीश राणा, आकाश राणा, गोपाल राणा, दायित्वधारी मोहनी पोखरिया, गंभीर सिंह धामी, किशन सिंह किन्ना,अनिल कपूर डब्बू, पालिकाध्यक्ष रमेश चंद्र जोशी, रंदीप पोखरिया, भवानी भंडारी, डीएम नितिन भदौरिया, एसएसपी अजय गणपति, सीडीओ दिवेश शाशनी, एसडीएम तुषार सैनी, सीओ नीरज सेमवाल, कोतवाल विजेंद्र शाह आदि।
एवरेस्ट विजेता मोहन राणा और तिला सेन को किया सम्मानित
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बीएसएफ के एवरेस्ट विजेता मोहन सिंह राणा और आईटीबीपी की एवरेस्ट विजेता तिला सेन को सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि दोनों ने न केवल उत्तराखंड बल्कि पूरे देश का नाम गौरवान्वित किया है। संवाद कार्यक्रम के दौरान थारू समाज के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। प्रतिनिधियों ने कहा कि वर्ष 2022 में भ्रम और अफवाहों के कारण जो राजनीतिक भूल हुई, उसका प्रायश्चित समाज भविष्य में करेगा।
विस्थापित किसानों की समस्या को उठाया
थारू समाज के प्रतिनिधियों ने वर्ष 1962 में नानक सागर बांध से विस्थापित किसानों की भूमि संबंधी समस्या का भी मुद्दा उठाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह मामला सरकार के संज्ञान में है और इसके समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही थारू समाज के प्रतिनिधियों ने उत्तराखंड में केंद्र सरकार की तर्ज पर पृथक जनजातीय कार्य मंत्रालय गठित करने व खटीमा में उच्च शिक्षा एवं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए कोचिंग सेंटर स्थापित करने का सुझाव दिया। सीएम ने सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया।
प्रधानमंत्री पर आपत्तिजनक टिप्पणी की निंदा की
सीएम ने प्रधानमंत्री के प्रति आपत्तिजनक टिप्पणी करने वालों की निंदा करते हुए कहा कि ऐसे कृत्यों से बचने के लिए संस्कारयुक्त और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने प्रधानमंत्री की ओर से बच्चों से संवाद स्थापित करने के प्रयासों व उन्हें क्षमा करने की भी सराहना की।
आश्रम पद्धति विद्यालयों को किया जा रहा अपग्रेड
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के तहत जिले में पहले चरण में 824 और दूसरे चरण में 101 घरों का निर्माण किया गया है। जनजाति कल्याण विभाग के माध्यम से आश्रम पद्धति विद्यालयों, छात्रावासों और आईटीआई संस्थानों के विकास के लिए करोड़ों रुपये की धनराशि दी गई है। आश्रम पद्धति विद्यालयों को कक्षा 12 तक अपग्रेड करने का काम भी किया जा रहा है। इसके अलावा एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों के माध्यम से भी जनजातीय बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान की जा रही है। खटीमा में बालिका छात्रावास के लिए चार करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं जबकि बाजपुर में 16 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से विद्यालय और छात्रावास का निर्माण किया जा रहा है। गदरपुर में 100 बेड का बालक छात्रावास भी बनाया जा रहा है। वहीं, थारू राजकीय इंटर कॉलेज खटीमा में दो करोड़ रुपये से अधिक की लागत से खेल मैदान का सौंदर्गीकरण, ऑडिटोरियम का आधुनिकीकरण और भवन की मरम्मत का कार्य किया जा रहा है। जनजातीय समाज की माताओं और बहनों को आत्मनिर्भर बनाने कर दिशा में भी सरकार गंभीरता से कार्य कर रही है।
सीमांत क्षेत्र विकास कार्यक्रम से 10 करोड़ की योजनाएं हुई पूरी
सीएम ने कहा कि मुख्यमंत्री सीमांत क्षेत्र विकास कार्यक्रम के तहत वर्ष 2020 से 2025 तक 10 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न योजनाएं पूरी की गई हैं। हजारों परिवारों को पेयजल, बिजली और गैस कनेक्शन उपलब्ध कराए गए हैं। आज जहां एक ओर विधानसभा सितारगंज में थारू विकास भवन का निर्माण किया जा रहा है। वहीं समाज कल्याण विभाग के अंतर्गत जनजातीय क्षेत्रों में अवस्थापना सुविधाओं के लिए दो करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि स्वीकृत की गई है। जनजातीय परिवारों को बेटी की शादी के लिए 50 हजार रुपये तक की आर्थिक सहायता भी प्रदान की जा रही है। ऊधमसिंह नगर, देहरादून, पिथौरागढ़ और चमोली में जनजातीय क्षेत्रों के विकास को और गति देने के लिए अलग-अलग जनजाति कल्याण अधिकारियों की नियुक्ति भी की है।