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Udham Singh Nagar News: गन्ने की 0238 प्रजाति में लगी रेड रोड बीमारी
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Tue, 03 Mar 2026 01:29 AM IST
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काशीपुर। गन्ने की 0238 प्रजाति बीमारी की चपेट में है। यदि समय रहते प्रजाति नहीं बदली तो फसल चौपट होगी और किसानों को नुकसान हो सकता है। खतरनाक बीमारी रेड रोड ने किसानों को चिंता में डाल दिया है।
गन्ने की प्रजाति 0238 में रेड रोड बीमारी आने के बाद से गन्ना अनुसंधान केंद्र के वैज्ञानिक किसानों के साथ संगोष्ठी कर रहे हैं। गांव-गांव जाकर किसानों को 0238 प्रजाति की बुआई नहीं करने की सलाह दे रहे हैं। साथ ही उन्हें 15023, 13235, 14201, 12226 जैसी उन्नतशील प्रजातियों को लगाने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं। वर्तमान में 0238 रेड रोड की चपेट में है।
अनुसंधान केंद्र के वैज्ञानिकों के अनुसार, जो खेत रेड रोड से कम प्रभावित है। उन खेतों से किसान प्रभावित पौधों को उखाड़ कर जमीन में दवा डालें। जो अधिक प्रभावित है उन खेतों का गन्ना आपूर्ति कर फसल चक्र अपनाकर एक वर्ष गन्ने की फसल न बोएं। पहले गेहूं और धान की फसल उगाएं, इसके बाद गन्ने की भविष्य निरोगी प्रजातियों की बुआई करें। इससे रेड रोड बीमारी से बचा जा सकता है।
गन्ने की प्रजाति 0238 रेड रोड बीमारी से ग्रसित है। गन्ने का रकबा लगातार घट रहा है। बारिश की कमी और 0238 में हुई बीमारी से इस बार पैदावार में कमी आने की संभावना है।
- चंद्र सिंह इमलाल, अपर आयुक्त गन्ना विभाग
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गन्ने की प्रजाति 0238 में रेड रोड बीमारी आने के बाद से गन्ना अनुसंधान केंद्र के वैज्ञानिक किसानों के साथ संगोष्ठी कर रहे हैं। गांव-गांव जाकर किसानों को 0238 प्रजाति की बुआई नहीं करने की सलाह दे रहे हैं। साथ ही उन्हें 15023, 13235, 14201, 12226 जैसी उन्नतशील प्रजातियों को लगाने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं। वर्तमान में 0238 रेड रोड की चपेट में है।
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अनुसंधान केंद्र के वैज्ञानिकों के अनुसार, जो खेत रेड रोड से कम प्रभावित है। उन खेतों से किसान प्रभावित पौधों को उखाड़ कर जमीन में दवा डालें। जो अधिक प्रभावित है उन खेतों का गन्ना आपूर्ति कर फसल चक्र अपनाकर एक वर्ष गन्ने की फसल न बोएं। पहले गेहूं और धान की फसल उगाएं, इसके बाद गन्ने की भविष्य निरोगी प्रजातियों की बुआई करें। इससे रेड रोड बीमारी से बचा जा सकता है।
गन्ने की प्रजाति 0238 रेड रोड बीमारी से ग्रसित है। गन्ने का रकबा लगातार घट रहा है। बारिश की कमी और 0238 में हुई बीमारी से इस बार पैदावार में कमी आने की संभावना है।
- चंद्र सिंह इमलाल, अपर आयुक्त गन्ना विभाग

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