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Udham Singh Nagar News: यूएसनगर नगर तक पहुंची फर्जी शस्त्र लाइसेंस की आंच, काशीपुर में एसटीएफ ने की जांच

संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर Updated Thu, 04 Jun 2026 12:48 AM IST
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The heat of fake arms licenses reached US Nagar, STF conducted investigation in Kashipur.
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काशीपुर। पंजाब, हरियाणा और यूपी में तैयार कराए गए फर्जी शस्त्र लाइसेंस उत्तराखंड में चढ़वाने के मामले की जांच ऊधमसिंह नगर तक पहुंच गई है। एसटीएफ को काशीपुर में भी ऐसे मामले होने का इनपुट मिला है। गृह सचिव के निर्देश पर ऐसे मामलों की जांच के लिए गठित एसटीएफ की टीम ने काशीपुर पहुंचकर पड़ताल की। टीम ने कुछ लोगों से पूछताछ भी की। भनक लगने पर संदिग्ध एसटीएफ टीम के सामने नहीं आए।

जनवरी 2026 में स्पेशल टास्क फोर्स उत्तराखंड देहरादून से समाजसेवी नीरज ने शिकायत की थी कि अपराधी किस्म के लोग फर्जी तरीके से अवैध शस्त्र लेकर फर्जी लाइसेंस और एनओसी प्राप्त कर उत्तराखंड के जिलों में दर्ज करा रहे हैं।
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शिकायत में कहा कि यूपी के शामली निवासी मनोज सिंह का शस्त्र लाइसेंस सिरसा (हरियाणा) से जारी होना दर्शाया गया है जो कि उत्तर प्रदेश शस्त्र नंबर 3805 जनपद देहरादून में दर्ज हुआ है। एसटीएफ की जांच में आरोप सही पाए गए।
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निरीक्षक अबुल कलाम की ओर से 16 जनवरी को प्रेमनगर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई। जांच में पता लगा कि अन्य कई लोगों ने बाहरी राज्यों के नाम से जारी फर्जी लाइसेंसों पर शस्त्र चढ़ाकर उत्तराखंड के विभिन्न जिलों में दर्ज कराए है।
पुलिस ने प्रेमनगर, देहरादून में प्रॉपर्टी डीलिंग कर रहे मनोज को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसके कब्जे से फर्जी लाइसेंस पर चढ़ा पिस्टल व पांच कारतूस बरामद हुए।
जांच में लाइसेंस सिरसा के डीएम कार्यालय से जारी होना नहीं पाया गया। काशीपुर में भी फर्जी लाइसेंस पर कई शस्त्र चढ़े होने की भनक एसटीएफ की टीम को लगी है। फर्जी लाइसेंस पर शस्त्र चलाने वालों में एक ग्राम प्रधान का पुत्र, एक पूर्व पार्षद का भाई और एक प्रॉपर्टी डीलर का नाम चर्चा में हैं। सत्यापन के लिए उत्तराखंड एसटीएफ की टीम काशीपुर पहुंची लेकिन कोई भी संदिग्ध टीम को नहीं मिल सका।

फर्जी प्रपत्र तैयार कर बनाया था
पूछताछ में आरोपी मनोज सिंह ने एसटीएफ को बताया कि उक्त शस्त्र लाइसेंस शिवा गन हाउस बेगमपुल मेरठ के मालिक शिवा के साथ फर्जी प्रपत्र तैयार कर बनवाया था। शिवा गन के प्रोप्राइटर ने ही उसे पिस्टल भी दी थी जिसके एवज में चार लाख रुपये लिए थे। उत्तराखंड के गृह सचिव ने सभी जिलों के जिलाधिकारी व एसएसपी को शस्त्र लाइसेंसों के सत्यापन के निर्देश दिए हैं। इसी क्रम में उत्तराखंड एसटीएफ की टीमें शस्त्र लाइसेंसों के सत्यापन अभियान में जुटी हैं।
कोट -
बाहरी राज्यों से फर्जी लाइसेंस बनवाकर उन पर शस्त्र चढ़ाए जाने की शिकायतें मिली हैं जिनकी जांच कराई जा रही है। प्रकरण प्रकाश में आने पर संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। - अजय गणपति, एसएसपी, ऊधमसिंह नगर
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