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Udham Singh Nagar News: दो स्कूलों के 239 छात्र-छात्राओं की जान दांव पर
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रुद्रपुर। खेड़ा स्थित प्राथमिक व उच्च माध्यमिक स्कूल में शिक्षा ग्रहण कर रहे 239 छात्र-छात्राओं और आठ शिक्षकों के लिए हर दिन खतरा बना रहता है। विद्यालय की छत के ठीक ऊपर से गुजर रही 11 केवी की बिजली की लाइन बच्चों की जिंदगी गंभीर खतरा बनकर मंडरा रही है। मैदान में खेलते समय बच्चों के हाथ से छूटने वाली गेंदें अक्सर इन तारों से टकरा जाती हैं, जिससे शॉर्ट-सर्किट और अन्य दुर्घटनाओं का अंदेशा बना रहता है।
यह समस्या कोई नई नहीं है। स्कूल स्टॉफ का कहना है कि वर्ष 2019 में भी बिजली की लाइनें गिर गई थीं। उस समय बिजली विभाग ने तार हटाने के बजाय उन्हें बदला और सपोर्ट लगा दिया। दुर्भाग्यवश, 2020 में इंटरवल के ठीक पांच मिनट बाद एक बार फिर लाइन गिर गईं। इन घटनाओं के बावजूद, बिजली विभाग ने समस्या का स्थायी समाधान करने के बजाय यथास्थिति बनाए रखी। विद्यालय प्रबंधन की ओर से कई बार बिजली विभाग के अधिशासी अभियंता को आवेदन दिए गए लेकिन अब तक कुछ नहीं हुआ।
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जान जोखिम में डालकर हो रही पढ़ाई
यह स्थिति अत्यंत चिंताजनक है। एक ओर जहां सरकार शिक्षा का अधिकार और बच्चों की सुरक्षा को लेकर बड़े-बड़े वादे करती है, वहीं खेड़ा के इस विद्यालय में बच्चे जान जोखिम में डालकर शिक्षा प्राप्त करने को मजबूर हैं।
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प्रधानाचार्य की चिंता
हाई टेंशन बिजली की लाइनों से लगातार मंडराते खतरे के कारण बच्चों के मन में डर व्याप्त है। इस डर का असर इस हद तक है कि 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस और 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस पर झंडा फहराने जैसे राष्ट्रीय पर्वों के दौरान भी बच्चों और शिक्षकों को असुरक्षित महसूस होता हैं। मुख्य शिक्षा अधिकारी के समक्ष भी इस गंभीर समस्या को रखा है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई है। - रेवती जोशी, प्रधानाचार्य
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कोट
विद्यालय प्रबंधन बिजली लाइन को शिफ्टिंग करने के लिए विधिवत आवेदन करे और लाइन शिफ्टिंग की प्रक्रिया पूरी करे तो लाइन को हटाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। - राजीव चक्रवर्ती, ईई, ऊर्जा निगम
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यह समस्या कोई नई नहीं है। स्कूल स्टॉफ का कहना है कि वर्ष 2019 में भी बिजली की लाइनें गिर गई थीं। उस समय बिजली विभाग ने तार हटाने के बजाय उन्हें बदला और सपोर्ट लगा दिया। दुर्भाग्यवश, 2020 में इंटरवल के ठीक पांच मिनट बाद एक बार फिर लाइन गिर गईं। इन घटनाओं के बावजूद, बिजली विभाग ने समस्या का स्थायी समाधान करने के बजाय यथास्थिति बनाए रखी। विद्यालय प्रबंधन की ओर से कई बार बिजली विभाग के अधिशासी अभियंता को आवेदन दिए गए लेकिन अब तक कुछ नहीं हुआ।
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जान जोखिम में डालकर हो रही पढ़ाई
यह स्थिति अत्यंत चिंताजनक है। एक ओर जहां सरकार शिक्षा का अधिकार और बच्चों की सुरक्षा को लेकर बड़े-बड़े वादे करती है, वहीं खेड़ा के इस विद्यालय में बच्चे जान जोखिम में डालकर शिक्षा प्राप्त करने को मजबूर हैं।
प्रधानाचार्य की चिंता
हाई टेंशन बिजली की लाइनों से लगातार मंडराते खतरे के कारण बच्चों के मन में डर व्याप्त है। इस डर का असर इस हद तक है कि 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस और 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस पर झंडा फहराने जैसे राष्ट्रीय पर्वों के दौरान भी बच्चों और शिक्षकों को असुरक्षित महसूस होता हैं। मुख्य शिक्षा अधिकारी के समक्ष भी इस गंभीर समस्या को रखा है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई है। - रेवती जोशी, प्रधानाचार्य
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कोट
विद्यालय प्रबंधन बिजली लाइन को शिफ्टिंग करने के लिए विधिवत आवेदन करे और लाइन शिफ्टिंग की प्रक्रिया पूरी करे तो लाइन को हटाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। - राजीव चक्रवर्ती, ईई, ऊर्जा निगम