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Uttarkashi News: श्रद्धा का रास्ता या कचरे का ढेर, नेताला में स्वच्छता व्यवस्था फेल
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Mon, 15 Jun 2026 07:10 PM IST
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- यात्रा सीजन में बढ़ते कूड़े का निस्तारण नहीं होने से गंगा किनारे पहाड़ियों पर फैल रहा कचरा
- व्यवसायियों और स्थानीय लोगों ने उठाई स्थायी समाधान की मांग
- चारधाम यात्रा मार्ग के प्रमुख पड़ाव नेताला
श्रद्धा का रास्ता या कचरे का ढेर, नेताला में स्वच्छता व्यवस्था फेल
उत्तरकाशी। चारधाम यात्रा मार्ग के प्रमुख पड़ाव नेताला में कूड़ा निस्तारण के ठोस इंतजाम नजर नहीं आ रहे। यात्रा सीजन में हजारों तीर्थयात्रियों और पर्यटकों के ठहराव के कारण प्रतिदिन बड़ी मात्रा में कूड़ा एकत्र हो रहा है लेकिन इसके निस्तारण की कोई स्थायी व्यवस्था नहीं है। इस कारण स्थानीय व्यवसायियों और होटल संचालकों के सामने बड़ी परेशानी खड़ी हो गई है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि नेताला नगर पालिका क्षेत्र से बाहर होने के कारण यहां नियमित कूड़ा संग्रहण की व्यवस्था नहीं है। मजबूरी में कई स्थानों पर कूड़ा पहाड़ियों, ढलानों और खाली जगहों पर डंप किया जा रहा है। स्थिति यह है कि गंगा और भागीरथी नदी से सटी पहाड़ियों पर भी जगह-जगह कचरे के ढेर दिखाई देने लगे हैं जिससे पर्यावरणीय खतरा लगातार बढ़ रहा है। होटल व्यवसायी नवनीत डबराल ने बताया कि कई बार नगर पालिका प्रशासन से नेताला तक कूड़ा उठान वाहन भेजने की मांग की गई लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला। वहीं होटल एसोसिएशन के उपाध्यक्ष धीरज सेमवाल ने कहा कि अन्य यात्रा मार्ग पर सफाई व्यवस्था के नाम पर दो से तीन हजार रुपये तक शुल्क वसूला है लेकिन धरातल पर सफाई और कूड़ा निस्तारण की कोई प्रभावी व्यवस्था नजर नहीं आती। व्यवसायियों का कहना है कि चारधाम यात्रा के दौरान पर्यटकों की संख्या कई गुना बढ़ जाती है जिससे कूड़े की मात्रा भी बढ़ जाती है। होटल एसोसिएशन उत्तरकाशी के अध्यक्ष शैलेंद्र मटूड़ा ने प्रशासन से नेताला सहित अन्य प्रमुख यात्रा पड़ावों में नियमित कूड़ा संग्रहण, डोर-टू-डोर उठान और वैज्ञानिक कूड़ा निस्तारण व्यवस्था लागू करने की मांग की है। उनका कहना है कि चारधाम यात्रा में स्वच्छता पर विशेष जोर दिया जाता है लेकिन नेताला जैसे महत्वपूर्ण पड़ावों में कूड़ा प्रबंधन की व्यवस्था न होना स्वच्छता अभियान की मंशा पर सवाल खड़े करता है।
- व्यवसायियों और स्थानीय लोगों ने उठाई स्थायी समाधान की मांग
- चारधाम यात्रा मार्ग के प्रमुख पड़ाव नेताला
श्रद्धा का रास्ता या कचरे का ढेर, नेताला में स्वच्छता व्यवस्था फेल
उत्तरकाशी। चारधाम यात्रा मार्ग के प्रमुख पड़ाव नेताला में कूड़ा निस्तारण के ठोस इंतजाम नजर नहीं आ रहे। यात्रा सीजन में हजारों तीर्थयात्रियों और पर्यटकों के ठहराव के कारण प्रतिदिन बड़ी मात्रा में कूड़ा एकत्र हो रहा है लेकिन इसके निस्तारण की कोई स्थायी व्यवस्था नहीं है। इस कारण स्थानीय व्यवसायियों और होटल संचालकों के सामने बड़ी परेशानी खड़ी हो गई है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि नेताला नगर पालिका क्षेत्र से बाहर होने के कारण यहां नियमित कूड़ा संग्रहण की व्यवस्था नहीं है। मजबूरी में कई स्थानों पर कूड़ा पहाड़ियों, ढलानों और खाली जगहों पर डंप किया जा रहा है। स्थिति यह है कि गंगा और भागीरथी नदी से सटी पहाड़ियों पर भी जगह-जगह कचरे के ढेर दिखाई देने लगे हैं जिससे पर्यावरणीय खतरा लगातार बढ़ रहा है। होटल व्यवसायी नवनीत डबराल ने बताया कि कई बार नगर पालिका प्रशासन से नेताला तक कूड़ा उठान वाहन भेजने की मांग की गई लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला। वहीं होटल एसोसिएशन के उपाध्यक्ष धीरज सेमवाल ने कहा कि अन्य यात्रा मार्ग पर सफाई व्यवस्था के नाम पर दो से तीन हजार रुपये तक शुल्क वसूला है लेकिन धरातल पर सफाई और कूड़ा निस्तारण की कोई प्रभावी व्यवस्था नजर नहीं आती। व्यवसायियों का कहना है कि चारधाम यात्रा के दौरान पर्यटकों की संख्या कई गुना बढ़ जाती है जिससे कूड़े की मात्रा भी बढ़ जाती है। होटल एसोसिएशन उत्तरकाशी के अध्यक्ष शैलेंद्र मटूड़ा ने प्रशासन से नेताला सहित अन्य प्रमुख यात्रा पड़ावों में नियमित कूड़ा संग्रहण, डोर-टू-डोर उठान और वैज्ञानिक कूड़ा निस्तारण व्यवस्था लागू करने की मांग की है। उनका कहना है कि चारधाम यात्रा में स्वच्छता पर विशेष जोर दिया जाता है लेकिन नेताला जैसे महत्वपूर्ण पड़ावों में कूड़ा प्रबंधन की व्यवस्था न होना स्वच्छता अभियान की मंशा पर सवाल खड़े करता है।
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