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Uttarkashi News: चिह्नित राज्य आंदोलनकारियों ने सरकार का पुतला फूंका
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Mon, 15 Jun 2026 07:12 PM IST
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चिह्नित राज्य आंदोलनकारियों ने सरकार का पुतला फूंका
उत्तरकाशी। चिह्नित राज्य आंदोलनकारी संयुक्त समिति के बैनर तले सोमवार को राज्य आंदोलनकारियों ने देवभूमि परिवार कानून के विरोध में नगर क्षेत्र में जोरदार प्रदर्शन किया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए हनुमान चौक पर पुतला दहन किया। जिला अध्यक्ष प्रताप सिंह चौहान के नेतृत्व और केंद्रीय कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. विजेन्द्र पोखरियाल की मौजूदगी में आयोजित बैठक व प्रदर्शन में आंदोलनकारियों ने आरोप लगाया कि सरकार मूल निवासियों के हितों की अनदेखी कर रही है और ऐसे कानूनों से उत्तराखंड की मूल पहचान कमजोर हो रही है। डॉ. विजेन्द्र पोखरियाल ने कहा कि सरकार की नीतियों से मूल निवासी अपने ही राज्य में उपेक्षित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मूल निवास व्यवस्था लागू नहीं की गई तो गांव-गांव जनजागरण अभियान चलाकर व्यापक आंदोलन किया जाएगा। वरिष्ठ आंदोलनकारी खुशहाल सिंह बिष्ट ने कहा कि उत्तराखंड राज्य निर्माण का उद्देश्य मूल निवासियों और युवाओं के अधिकारों की रक्षा था, जो अब संकट में है। बैठक में स्थानीय रोजगार, कानून व्यवस्था और मूल निवास से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई। आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी कि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन को प्रदेशभर में और तेज किया जाएगा। प्रदर्शन में राजेंद्र प्रसाद पैन्यूली, चतर सिंह राणा, संतोष सेमवाल, धर्म सिंह मेहर, राम लाल नेगी, तेग सिंह राणा, मूलचंद सिंह पंवार, दीपक सिंह बिष्ट सहित बड़ी संख्या में राज्य आंदोलनकारी मौजूद रहे।
उत्तरकाशी। चिह्नित राज्य आंदोलनकारी संयुक्त समिति के बैनर तले सोमवार को राज्य आंदोलनकारियों ने देवभूमि परिवार कानून के विरोध में नगर क्षेत्र में जोरदार प्रदर्शन किया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए हनुमान चौक पर पुतला दहन किया। जिला अध्यक्ष प्रताप सिंह चौहान के नेतृत्व और केंद्रीय कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. विजेन्द्र पोखरियाल की मौजूदगी में आयोजित बैठक व प्रदर्शन में आंदोलनकारियों ने आरोप लगाया कि सरकार मूल निवासियों के हितों की अनदेखी कर रही है और ऐसे कानूनों से उत्तराखंड की मूल पहचान कमजोर हो रही है। डॉ. विजेन्द्र पोखरियाल ने कहा कि सरकार की नीतियों से मूल निवासी अपने ही राज्य में उपेक्षित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मूल निवास व्यवस्था लागू नहीं की गई तो गांव-गांव जनजागरण अभियान चलाकर व्यापक आंदोलन किया जाएगा। वरिष्ठ आंदोलनकारी खुशहाल सिंह बिष्ट ने कहा कि उत्तराखंड राज्य निर्माण का उद्देश्य मूल निवासियों और युवाओं के अधिकारों की रक्षा था, जो अब संकट में है। बैठक में स्थानीय रोजगार, कानून व्यवस्था और मूल निवास से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई। आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी कि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन को प्रदेशभर में और तेज किया जाएगा। प्रदर्शन में राजेंद्र प्रसाद पैन्यूली, चतर सिंह राणा, संतोष सेमवाल, धर्म सिंह मेहर, राम लाल नेगी, तेग सिंह राणा, मूलचंद सिंह पंवार, दीपक सिंह बिष्ट सहित बड़ी संख्या में राज्य आंदोलनकारी मौजूद रहे।