{"_id":"6a81c37db6743342190ed00f","slug":"debris-entered-houses-in-kot-and-vishan-villages-due-to-excessive-rainfall-uttarkashi-news-c-50-1-nth1001-120719-2026-08-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Uttarkashi News: अतिवृष्टि से कोट और विशन गांव के घरों में घुसा मलबा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Uttarkashi News: अतिवृष्टि से कोट और विशन गांव के घरों में घुसा मलबा
Sun, 16 Aug 2026 07:34 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Sun, 16 Aug 2026 07:34 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
घनसाली (टिहरी)। बालगंगा तहसील में गत रात्रि हुई अतिवृष्टि से बूढ़ाकेदार क्षेत्र के ग्राम पंचायत कोट और विशन के कई घरों में मलबा घुस गया, जिससे ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई। मलबे के चलते एक परिवार के शौचालय की दीवार ढह गई।
ग्रामीण राजेंद्र लेखवार ने बताया आपदा की दृष्टि से बूढ़ाकेदार क्षेत्र का कोट गांव और विशन गांव अति संवेदनशील है। वर्ष 2002 की आपदा में गांव के तीन लोगों की मौत हो गई थी। वर्ष 2018 में 32 और 2022 में 28 परिवारों का विस्थापन किया गया। लेकिन अन्य प्रभावित परिवारों का अभी तक विस्थापन नहीं किया जा सका है।
अतिवृष्टि के कारण कोट गांव निवासी उम्मेद सिंह, संतोष और कुंदन सिंह के घरों के आंगन में भारी मलबा आ गया। साथ ही विशन गांव के गदेरे के उफान आने से बूढ़ाकेदार-घडियाल सौंड़ की सड़क क्षतिग्रस्त हो गई। गांवों की पेयजल लाइन, संपर्क मार्ग सहित कई अन्य परिसंपत्तियों को भारी नुकसान पहुंचा है।
विज्ञापन
ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत सहायता देने, क्षतिग्रस्त परिसंपत्तियों की मरम्मत करने आपदा से प्रभावित परिवारों का सुरक्षित स्थान विस्थापन की मांग की है। इस बाबत बालगंगा के तहसीलदार महेशा शाह ने बताया अतिवृष्टि के कारण कोट और विशन गांव में आये मलबे को हटा लिया गया है। राजस्व टीम को रविवार सुबह ही मौके पर भेज दिया गया था। उच्चाधिकारियों को सूचना भेज दी गई है। जल्द भूगर्भीय टीम से स्थलीय निरीक्षण करवाया जाएगा।
विज्ञापन
ग्रामीण राजेंद्र लेखवार ने बताया आपदा की दृष्टि से बूढ़ाकेदार क्षेत्र का कोट गांव और विशन गांव अति संवेदनशील है। वर्ष 2002 की आपदा में गांव के तीन लोगों की मौत हो गई थी। वर्ष 2018 में 32 और 2022 में 28 परिवारों का विस्थापन किया गया। लेकिन अन्य प्रभावित परिवारों का अभी तक विस्थापन नहीं किया जा सका है।
विज्ञापन
अतिवृष्टि के कारण कोट गांव निवासी उम्मेद सिंह, संतोष और कुंदन सिंह के घरों के आंगन में भारी मलबा आ गया। साथ ही विशन गांव के गदेरे के उफान आने से बूढ़ाकेदार-घडियाल सौंड़ की सड़क क्षतिग्रस्त हो गई। गांवों की पेयजल लाइन, संपर्क मार्ग सहित कई अन्य परिसंपत्तियों को भारी नुकसान पहुंचा है।
विज्ञापन
ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत सहायता देने, क्षतिग्रस्त परिसंपत्तियों की मरम्मत करने आपदा से प्रभावित परिवारों का सुरक्षित स्थान विस्थापन की मांग की है। इस बाबत बालगंगा के तहसीलदार महेशा शाह ने बताया अतिवृष्टि के कारण कोट और विशन गांव में आये मलबे को हटा लिया गया है। राजस्व टीम को रविवार सुबह ही मौके पर भेज दिया गया था। उच्चाधिकारियों को सूचना भेज दी गई है। जल्द भूगर्भीय टीम से स्थलीय निरीक्षण करवाया जाएगा।