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Uttarkashi News: सिलक्यारा सुरंग में सुरक्षा मानकों की जांच की उठाई मांग
Sat, 18 Jul 2026 05:46 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Sat, 18 Jul 2026 05:46 PM IST
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स्थानीय लोगों ने प्रधानमंत्री से सुप्रीम कोर्ट के जज की निगरानी की जांच की मांग
बड़कोट। सिलक्यारा सुरंग हादसे के बाद भी निर्माण कार्य की गुणवत्ता और सुरक्षा को लेकर उठ रहे सवालों के बीच एक बार फिर जांच की मांग तेज हो गई है। पूर्व जिला पंचायत सदस्य एवं अधिवक्ता आनंद सिंह राणा ने प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजकर सिलक्यारा-बड़कोट सुरंग की तकनीकी जांच सुप्रीम कोर्ट के सेवारत न्यायाधीश की निगरानी में कराने की मांग की है।
उपजिलाधिकारी बड़कोट के माध्यम से प्रेषित ज्ञापन में आनंद राणा ने कहा है कि करीब दो वर्ष पूर्व सिलक्यारा सुरंग में हुए हादसे में कई मजदूर सुरंग के भीतर फंस गए थे, जिन्हें लंबे रेस्क्यू अभियान के बाद सुरक्षित बाहर निकाला गया था। उनका कहना है कि इस घटना के बाद भी निर्माण कार्य की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि सुरंग निर्माण में मानकों के अनुरूप सामग्री का उपयोग नहीं किया जा रहा है। हाल ही में निर्माण कार्य के दौरान एक मजदूर की मौत का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि यदि उच्च गुणवत्ता की सामग्री का प्रयोग किया जाता और निर्धारित मानकों का पालन होता तो इस प्रकार की घटनाओं से बचा जा सकता था।
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उन्होंने कहा कि सुरंग को अतिरिक्त सहारा देने के लिए बीच में सुरक्षा दीवार का निर्माण किया जा रहा है जिससे करोड़ों रुपये की अतिरिक्त लागत आ रही है। उन्होंने इसे देश की पहली ऐसी सुरंग बताया है, जिसमें बीच में दीवार बनाकर संरचना को सहारा देने का प्रयास किया जा रहा है।
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बड़कोट। सिलक्यारा सुरंग हादसे के बाद भी निर्माण कार्य की गुणवत्ता और सुरक्षा को लेकर उठ रहे सवालों के बीच एक बार फिर जांच की मांग तेज हो गई है। पूर्व जिला पंचायत सदस्य एवं अधिवक्ता आनंद सिंह राणा ने प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजकर सिलक्यारा-बड़कोट सुरंग की तकनीकी जांच सुप्रीम कोर्ट के सेवारत न्यायाधीश की निगरानी में कराने की मांग की है।
उपजिलाधिकारी बड़कोट के माध्यम से प्रेषित ज्ञापन में आनंद राणा ने कहा है कि करीब दो वर्ष पूर्व सिलक्यारा सुरंग में हुए हादसे में कई मजदूर सुरंग के भीतर फंस गए थे, जिन्हें लंबे रेस्क्यू अभियान के बाद सुरक्षित बाहर निकाला गया था। उनका कहना है कि इस घटना के बाद भी निर्माण कार्य की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
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उन्होंने आरोप लगाया कि सुरंग निर्माण में मानकों के अनुरूप सामग्री का उपयोग नहीं किया जा रहा है। हाल ही में निर्माण कार्य के दौरान एक मजदूर की मौत का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि यदि उच्च गुणवत्ता की सामग्री का प्रयोग किया जाता और निर्धारित मानकों का पालन होता तो इस प्रकार की घटनाओं से बचा जा सकता था।
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उन्होंने कहा कि सुरंग को अतिरिक्त सहारा देने के लिए बीच में सुरक्षा दीवार का निर्माण किया जा रहा है जिससे करोड़ों रुपये की अतिरिक्त लागत आ रही है। उन्होंने इसे देश की पहली ऐसी सुरंग बताया है, जिसमें बीच में दीवार बनाकर संरचना को सहारा देने का प्रयास किया जा रहा है।