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Uttarkashi News: आईटीआई मेंं व्यवसायिक विषय नहीं होने से युवा परेशान
Sat, 18 Jul 2026 06:35 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Sat, 18 Jul 2026 06:35 PM IST
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13 वर्ष पूर्व खुले संस्थान में बंद हो चुका है वेल्डर ट्रेड
उत्तरकाशी। औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान बनचौरा में शासन-प्रशासन की लापरवाही के कारण युवाओं के प्रशिक्षण व रोजगार से जोड़ने के लिए व्यवसायिक विषयों का विधिवत संचालन नहीं हो पा रहा है। स्थिति यह है कि वहां पर 13 वर्ष पूर्व आईटीआई खुलने के बाद फीटर और वेल्डर की ट्रेड शुरू की गई थी लेकिन उसमें वेल्डर बंद हो गया और फीटर में भी मात्र नौ ही प्रशिक्षणार्थी हैं।
खदाड़ा प्रधान सोहन लाल, विवेक बिष्ट, राजेंद्र रांगड़, सचिन कोहली, प्रहलाद सिंह का कहना है कि तेरह वर्ष पूर्व आईटीआई के भवन निर्माण के बाद संचालन शुरू होने पर लोगों को उम्मीद थी कि अब क्षेत्र के युवाओं को घर पर ही व्यवसायिक प्रशिक्षण मिल पाएगा। साथ ही युवाओं को रोजगार के नए आयाम मिलेंगे। लेकिन दुर्भाग्य से इन तेरह वर्षों में वहां पर मात्र एक फीटर ट्रेड का संचालन ही किया जा रहा है।
उसमें भी अगर किसी छात्र ने प्रवेश नहीं लिया तो कई बार पूरा वर्ष ही प्रशिक्षणार्थियों के बीना खाली जा चुका है। हालांकि वर्तमान में वहां पर मुश्किल से नौ प्रशिक्षणार्थी प्रशिक्षण ले रहे हैं लेकिन इस वर्ष नए प्रवेश नहीं हो पाए हैं। शुरूआत में वेल्डर ट्रेड भी शुरू किया गया लेकिन वह बंद हो गया जबकि संस्थान में स्टाफ भी पूरा है।
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उत्तरकाशी। औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान बनचौरा में शासन-प्रशासन की लापरवाही के कारण युवाओं के प्रशिक्षण व रोजगार से जोड़ने के लिए व्यवसायिक विषयों का विधिवत संचालन नहीं हो पा रहा है। स्थिति यह है कि वहां पर 13 वर्ष पूर्व आईटीआई खुलने के बाद फीटर और वेल्डर की ट्रेड शुरू की गई थी लेकिन उसमें वेल्डर बंद हो गया और फीटर में भी मात्र नौ ही प्रशिक्षणार्थी हैं।
खदाड़ा प्रधान सोहन लाल, विवेक बिष्ट, राजेंद्र रांगड़, सचिन कोहली, प्रहलाद सिंह का कहना है कि तेरह वर्ष पूर्व आईटीआई के भवन निर्माण के बाद संचालन शुरू होने पर लोगों को उम्मीद थी कि अब क्षेत्र के युवाओं को घर पर ही व्यवसायिक प्रशिक्षण मिल पाएगा। साथ ही युवाओं को रोजगार के नए आयाम मिलेंगे। लेकिन दुर्भाग्य से इन तेरह वर्षों में वहां पर मात्र एक फीटर ट्रेड का संचालन ही किया जा रहा है।
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उसमें भी अगर किसी छात्र ने प्रवेश नहीं लिया तो कई बार पूरा वर्ष ही प्रशिक्षणार्थियों के बीना खाली जा चुका है। हालांकि वर्तमान में वहां पर मुश्किल से नौ प्रशिक्षणार्थी प्रशिक्षण ले रहे हैं लेकिन इस वर्ष नए प्रवेश नहीं हो पाए हैं। शुरूआत में वेल्डर ट्रेड भी शुरू किया गया लेकिन वह बंद हो गया जबकि संस्थान में स्टाफ भी पूरा है।
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