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Uttarkashi News: जंगल के बीच छह किमी की पगडंडी नापने को ग्रामीण मजबूर
Sat, 18 Jul 2026 06:06 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Sat, 18 Jul 2026 06:06 PM IST
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मुख्यमंत्री की घोषणा में शामिल होने के बाद भी नहीं हुआ काम शुरू
सड़क निर्माण नहीं होने से लोगों हो रही है खासी दिक्कत
उत्तरकाशी। मोरी विकासखंड के बंगाण क्षेत्र के देवती गांव के लोग आज भी सड़क तक पहुंचने के लिए घने जंगल के बीच पगडंडी के सहारे करीब छह किमी की दूरी नापने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि वर्ष 2016 में मुख्यमंत्री की घोषणा में शामिल होने के बावजूद सड़क निर्माण के लिए किसी प्रकार की कार्रवाई शुरू नहीं हो पाई थी।
देवती गांव की ग्राम प्रधान गीता देवी सहित प्रेम लाल, उमेश, दर्शन लाल का कहना है कि सड़क न होने के कारण आज भी उन्हें मूलभूत सुविधाओं के लिए परेशान होना पड़ता है। गांव में करीब 36 से अधिक परिवार निवास करते हैं। हनोल व सरास से गांव पहुंचने के लिए आज भी वे करीब छह किमी की पैदल दूरी तय करतेे हैं।
गांव में किसी बीमार और गर्भवती महिला को सड़क तक पहुंचाने के लिए पगडंडी वाले मार्ग पर खतरा बना रहता है। साथ ही कई लोग समय से सड़क तक न पहुंचने के कारण रास्ते में ही दम तोड़ चुके हैं। गीता देवी ने बताया कि वर्ष 2016 में मुख्यमंत्री की घोषणा में गांव के लिए सड़क निर्माण रखा गया था। उसके बाद लोक निर्माण विभाग ने इस पर सर्वे किया लेकिन उससे आगे कोई कार्रवाई नहीं हुई।
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अब सड़क निर्माण का जिम्मा पीएमजीएसवाई विभाग को दी गई है लेकिन उनकी ओर से भी अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। इसको लेकर विधायक, प्रशासन विभाग से कई बार गुहार लगाई। लेकिन कहीं सुनवाई नहीं हो रही है। पीएमजीएसवाई के सहायक अभियंता सुभाष दोरियाल ने बताया कि देवती गांव के लिए 15 किमी सड़क मार्ग का जियो सर्वे पूरा कर लिया गया है। आगे की विभागीय व तकनीकी कार्रवाई गतिमान है।
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सड़क निर्माण नहीं होने से लोगों हो रही है खासी दिक्कत
उत्तरकाशी। मोरी विकासखंड के बंगाण क्षेत्र के देवती गांव के लोग आज भी सड़क तक पहुंचने के लिए घने जंगल के बीच पगडंडी के सहारे करीब छह किमी की दूरी नापने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि वर्ष 2016 में मुख्यमंत्री की घोषणा में शामिल होने के बावजूद सड़क निर्माण के लिए किसी प्रकार की कार्रवाई शुरू नहीं हो पाई थी।
देवती गांव की ग्राम प्रधान गीता देवी सहित प्रेम लाल, उमेश, दर्शन लाल का कहना है कि सड़क न होने के कारण आज भी उन्हें मूलभूत सुविधाओं के लिए परेशान होना पड़ता है। गांव में करीब 36 से अधिक परिवार निवास करते हैं। हनोल व सरास से गांव पहुंचने के लिए आज भी वे करीब छह किमी की पैदल दूरी तय करतेे हैं।
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गांव में किसी बीमार और गर्भवती महिला को सड़क तक पहुंचाने के लिए पगडंडी वाले मार्ग पर खतरा बना रहता है। साथ ही कई लोग समय से सड़क तक न पहुंचने के कारण रास्ते में ही दम तोड़ चुके हैं। गीता देवी ने बताया कि वर्ष 2016 में मुख्यमंत्री की घोषणा में गांव के लिए सड़क निर्माण रखा गया था। उसके बाद लोक निर्माण विभाग ने इस पर सर्वे किया लेकिन उससे आगे कोई कार्रवाई नहीं हुई।
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अब सड़क निर्माण का जिम्मा पीएमजीएसवाई विभाग को दी गई है लेकिन उनकी ओर से भी अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। इसको लेकर विधायक, प्रशासन विभाग से कई बार गुहार लगाई। लेकिन कहीं सुनवाई नहीं हो रही है। पीएमजीएसवाई के सहायक अभियंता सुभाष दोरियाल ने बताया कि देवती गांव के लिए 15 किमी सड़क मार्ग का जियो सर्वे पूरा कर लिया गया है। आगे की विभागीय व तकनीकी कार्रवाई गतिमान है।