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Uttarkashi News: अदरक की बेहतर कीमत के लिए सितंबर में निकालें
Thu, 30 Jul 2026 05:33 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Thu, 30 Jul 2026 05:33 PM IST
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स्थानीय जलवायु और संसाधनों के अनुरूप खेती को बढ़ावा देने का वैज्ञानिकों ने दिया सुझाव
नई टिहरी। कृषि विज्ञान केंद्र रानीचौरी में आयोजित वैज्ञानिक सलाहकार समिति की बैठक में किसानों की समस्याओं के अनुसार प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने पर जोर दिया गया। वैज्ञानिकों ने किसानों को अदरक की बेहतर कीमत के लिए सितंबर में कल्ले समेत अदरक की गांठ निकालने, फसलों में एक ही तरह की रासायनिक दवा का लगातार इस्तेमाल न करने और सब्जी फसलों का क्षेत्रफल बढ़ाने का सुझाव दिया।
वीर चंद्र सिंह गढ़वाली उत्तराखंड औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय भरसार के कुलपति प्रो. भगवती प्रसाद भट्ट की अध्यक्षता में वानिकी महाविद्यालय रानीचौरी के बैठक संपन्न हुई। कुलपति भट्ट ने कृषि विज्ञान केंद्र की ओर से किए जा रहे कार्यों की सराहना की। विवि के सह निदेशक शोध प्रो. अमोल वशिष्ठ ने कृषि विज्ञान केंद्र में होने वाले कार्यक्रम बताए। कृषि विज्ञान केंद्र रानीचौरी के प्रभारी अधिकारी डॉ. आलोक येवले ने वर्ष 2025-26 की प्रगति और वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना प्रस्तुत की।
औद्यानिकी महाविद्यालय भरसार के अधिष्ठाता प्रो. एके जोशी ने किसानों को औद्यानिकी और कृषि फसलों में रासायनिक कीटनाशकों का एक ही समूह लगातार इस्तेमाल करने के बजाय अलग-अलग समूह की दवाओं को बदल-बदलकर इस्तेमाल करने की सलाह दी। निदेशक शैक्षणिक डॉ. अरविंद बिजल्वाण ने किसानों को तकनीकी जानकारी उपलब्ध कराने पर जोर दिया।
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भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद-अटारी, लुधियाना की प्रधान वैज्ञानिक डॉ. प्रीति ममगाईं ने खाद्यान्न फसलों के प्रदर्शन के लिए कृषि विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर नई तकनीक का प्रचार-प्रसार करने पर जोर दिया। इस मौके पर मुख्य कृषि अधिकारी विजय देवराड़ी, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. डीके शर्मा, देवेंद्र सिंह चौहान, सीता चौहान, रीता नेगी, शिवशरण डोभाल, उदय सिंह तड़ियाल, डॉ. कीर्ति कुमारी, डॉ. सचिन कुमार, डॉ. सुमित चौधरी, डॉ. अरुणिमा पालीवाल, डॉ. पंकज कुमार, डॉ. राजेंद्र सिंह बाली आदि मौजूद रहे।
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नई टिहरी। कृषि विज्ञान केंद्र रानीचौरी में आयोजित वैज्ञानिक सलाहकार समिति की बैठक में किसानों की समस्याओं के अनुसार प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने पर जोर दिया गया। वैज्ञानिकों ने किसानों को अदरक की बेहतर कीमत के लिए सितंबर में कल्ले समेत अदरक की गांठ निकालने, फसलों में एक ही तरह की रासायनिक दवा का लगातार इस्तेमाल न करने और सब्जी फसलों का क्षेत्रफल बढ़ाने का सुझाव दिया।
वीर चंद्र सिंह गढ़वाली उत्तराखंड औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय भरसार के कुलपति प्रो. भगवती प्रसाद भट्ट की अध्यक्षता में वानिकी महाविद्यालय रानीचौरी के बैठक संपन्न हुई। कुलपति भट्ट ने कृषि विज्ञान केंद्र की ओर से किए जा रहे कार्यों की सराहना की। विवि के सह निदेशक शोध प्रो. अमोल वशिष्ठ ने कृषि विज्ञान केंद्र में होने वाले कार्यक्रम बताए। कृषि विज्ञान केंद्र रानीचौरी के प्रभारी अधिकारी डॉ. आलोक येवले ने वर्ष 2025-26 की प्रगति और वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना प्रस्तुत की।
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औद्यानिकी महाविद्यालय भरसार के अधिष्ठाता प्रो. एके जोशी ने किसानों को औद्यानिकी और कृषि फसलों में रासायनिक कीटनाशकों का एक ही समूह लगातार इस्तेमाल करने के बजाय अलग-अलग समूह की दवाओं को बदल-बदलकर इस्तेमाल करने की सलाह दी। निदेशक शैक्षणिक डॉ. अरविंद बिजल्वाण ने किसानों को तकनीकी जानकारी उपलब्ध कराने पर जोर दिया।
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भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद-अटारी, लुधियाना की प्रधान वैज्ञानिक डॉ. प्रीति ममगाईं ने खाद्यान्न फसलों के प्रदर्शन के लिए कृषि विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर नई तकनीक का प्रचार-प्रसार करने पर जोर दिया। इस मौके पर मुख्य कृषि अधिकारी विजय देवराड़ी, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. डीके शर्मा, देवेंद्र सिंह चौहान, सीता चौहान, रीता नेगी, शिवशरण डोभाल, उदय सिंह तड़ियाल, डॉ. कीर्ति कुमारी, डॉ. सचिन कुमार, डॉ. सुमित चौधरी, डॉ. अरुणिमा पालीवाल, डॉ. पंकज कुमार, डॉ. राजेंद्र सिंह बाली आदि मौजूद रहे।