{"_id":"69b2a935cd942be9eb03dd14","slug":"instructions-given-to-provide-quality-fodder-for-animals-uttarkashi-news-c-54-1-uki1010-118571-2026-03-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Uttarkashi News: पशुओं के लिए गुणवत्तापूर्ण चारा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Uttarkashi News: पशुओं के लिए गुणवत्तापूर्ण चारा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Thu, 12 Mar 2026 05:23 PM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
- जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने पशुपालन विभाग की योजनाओं की समीक्षा की
पशुओं के लिए गुणवत्तापूर्ण चारा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए
उत्तरकाशी। जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने पशुपालन विभाग की योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने विभाग को पशुओं के लिए गुणवत्तापूर्ण चारा उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया।
डीएम ने विभागीय अधिकारियों को जिले में पशुपालकों को उन्नत चारा उपलब्ध कराने के लिए अजोला पिनाटा, नेपियर घास और सहजन जैसे पौष्टिक चारा विकल्पों को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। इसे अगली वित्तीय वर्ष की कार्य योजना में शामिल किया जाए। इसके लिए विभाग गांव स्तर पर अजोला पिनाटा, नेपियर के निर्माण को प्रोत्साहित करे तथा पशुपालकों को इसके लाभ और उत्पादन की विधि के बारे में जागरूक करें। उन्होंने नेपियर घास और सहजन जैसे उच्च पोषक तत्वों से भरपूर चारा पौधों के अधिक से अधिक रोपण और उत्पादन पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि इन विकल्पों को बढ़ावा देने से पशुपालकों को सस्ता और पौष्टिक चारा उपलब्ध होगा। इससे दुग्ध उत्पादन में भी वृद्धि होगी। साथ ही इससे पशुपालकों की आय बढ़ाने में भी मदद मिलेगी। बैठक में मुख्य पशुचिकित्साधिकारी एचएस बिष्ट, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी अतुल आनंद सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
Trending Videos
पशुओं के लिए गुणवत्तापूर्ण चारा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए
उत्तरकाशी। जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने पशुपालन विभाग की योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने विभाग को पशुओं के लिए गुणवत्तापूर्ण चारा उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया।
डीएम ने विभागीय अधिकारियों को जिले में पशुपालकों को उन्नत चारा उपलब्ध कराने के लिए अजोला पिनाटा, नेपियर घास और सहजन जैसे पौष्टिक चारा विकल्पों को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। इसे अगली वित्तीय वर्ष की कार्य योजना में शामिल किया जाए। इसके लिए विभाग गांव स्तर पर अजोला पिनाटा, नेपियर के निर्माण को प्रोत्साहित करे तथा पशुपालकों को इसके लाभ और उत्पादन की विधि के बारे में जागरूक करें। उन्होंने नेपियर घास और सहजन जैसे उच्च पोषक तत्वों से भरपूर चारा पौधों के अधिक से अधिक रोपण और उत्पादन पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि इन विकल्पों को बढ़ावा देने से पशुपालकों को सस्ता और पौष्टिक चारा उपलब्ध होगा। इससे दुग्ध उत्पादन में भी वृद्धि होगी। साथ ही इससे पशुपालकों की आय बढ़ाने में भी मदद मिलेगी। बैठक में मुख्य पशुचिकित्साधिकारी एचएस बिष्ट, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी अतुल आनंद सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन