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Uttarkashi News: सीएचसी में डॉक्टरों की कमी से क्षेत्र के लोग परेशान
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Sun, 01 Mar 2026 06:21 PM IST
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इलाज और अल्ट्रासाउंड के लिए मसूरी और देहरादून का करना पड़ता है रुख
थत्यूड़ (टिहरी)। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी के चलते क्षेत्र के लोगों को उपचार के मसूरी और देहरादून की दौड़ लगानी पड़ती है। अल्ट्रासाउंड की सुविधा नहीं होने से पेट संबंधी बीमारी और गर्भवती महिलाओं को परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
सीएचसी थत्यूड़ में समुचित स्वास्थ्य सुविधा न होने के कारण क्षेत्र के लोग उपचार के लिए 35 किलोमीटर दूर मसूरी या 70 किलोमीटर देहरादून का रुख करने को मजबूर हैं। जिससे लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ती है।
व्यापार मंडल अध्यक्ष अकबीर पंवार ने कहा कि स्वास्थ्य केंद्र पर अल्ट्रासाउंड की सुविधा नहीं होनेे से गर्भवती महिलाएं और पेट संबंधित बीमारियों की शिकायत लेकर आने वाले मरीजों को जांच के लिए मसूरी और देहरादून भेजा जाता है। सीएचसी में अल्ट्रासाउंड की सुविधा होनी चाहिए। प्रधान सरस्वती रावत ने कहा कि सीएचसी में डॉक्टरों के 10 पद स्वीकृत हैं, लेकिन यहां मात्र चार डॉक्टर ही कार्यरत है। बाल रोग, हडडी, सर्जन और महिला विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी के चलते लोगों को पूरा उपचार नहीं मिल पाता है जिससे लोग की परेशानी बढ़ जाती है।
क्षेत्र की बह्मी देवी असवाल, ब्लॉक प्रमुख महिपाल सिंह रावत का कहना है कि सीएचसी थत्यूड़ पूर्व के वर्षों में पीपीपी मोड़ पर संचालित होता था तब अल्ट्रासाउंड की सुविधा थी। पीपीपी मोड़ से हटाने के बाद अल्ट्रासाउंड मशीन को जिला मुख्यालय टिहरी भेज दिया गया है। तब से अल्ट्रासाउंड की सुविधा बंद है।
सीएचसी थत्यूड़ में रेडियोलॉजिस्ट का पद स्वीकृत नहीं है जिससे लोगों को अल्ट्रासाउंड जांच की सुविधा नहीं मिल पाती है। डॉक्टरों के अन्य जो पद रिक्त चल रहे है पर उन तैनाती के लिए निदेशालय को डिमांड भेजी गई है।
डॉ. मनीषा भारती, प्रभारी सीएचसी थत्यूड़।
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थत्यूड़ (टिहरी)। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी के चलते क्षेत्र के लोगों को उपचार के मसूरी और देहरादून की दौड़ लगानी पड़ती है। अल्ट्रासाउंड की सुविधा नहीं होने से पेट संबंधी बीमारी और गर्भवती महिलाओं को परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
सीएचसी थत्यूड़ में समुचित स्वास्थ्य सुविधा न होने के कारण क्षेत्र के लोग उपचार के लिए 35 किलोमीटर दूर मसूरी या 70 किलोमीटर देहरादून का रुख करने को मजबूर हैं। जिससे लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ती है।
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व्यापार मंडल अध्यक्ष अकबीर पंवार ने कहा कि स्वास्थ्य केंद्र पर अल्ट्रासाउंड की सुविधा नहीं होनेे से गर्भवती महिलाएं और पेट संबंधित बीमारियों की शिकायत लेकर आने वाले मरीजों को जांच के लिए मसूरी और देहरादून भेजा जाता है। सीएचसी में अल्ट्रासाउंड की सुविधा होनी चाहिए। प्रधान सरस्वती रावत ने कहा कि सीएचसी में डॉक्टरों के 10 पद स्वीकृत हैं, लेकिन यहां मात्र चार डॉक्टर ही कार्यरत है। बाल रोग, हडडी, सर्जन और महिला विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी के चलते लोगों को पूरा उपचार नहीं मिल पाता है जिससे लोग की परेशानी बढ़ जाती है।
क्षेत्र की बह्मी देवी असवाल, ब्लॉक प्रमुख महिपाल सिंह रावत का कहना है कि सीएचसी थत्यूड़ पूर्व के वर्षों में पीपीपी मोड़ पर संचालित होता था तब अल्ट्रासाउंड की सुविधा थी। पीपीपी मोड़ से हटाने के बाद अल्ट्रासाउंड मशीन को जिला मुख्यालय टिहरी भेज दिया गया है। तब से अल्ट्रासाउंड की सुविधा बंद है।
सीएचसी थत्यूड़ में रेडियोलॉजिस्ट का पद स्वीकृत नहीं है जिससे लोगों को अल्ट्रासाउंड जांच की सुविधा नहीं मिल पाती है। डॉक्टरों के अन्य जो पद रिक्त चल रहे है पर उन तैनाती के लिए निदेशालय को डिमांड भेजी गई है।
डॉ. मनीषा भारती, प्रभारी सीएचसी थत्यूड़।

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