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Uttarkashi News: मांगों को लेकर एनएचएम कर्मचारियों का कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन
Mon, 17 Aug 2026 05:31 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Mon, 17 Aug 2026 05:31 PM IST
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पुरानी पेंशन, समान कार्य के लिए समान वेतन सहित कई मांगों के निराकरण पर अड़े
उत्तरकाशी। पुरानी पेंशन योजना बहाल करने, न्यूनतम पेंशन में बढ़ोतरी और संविदा कर्मचारियों को समान काम के लिए समान वेतन समेत 11 मांगों को लेकर एनएचएम के कर्मचारियों ने कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने जोरदार नारेबाजी करते हुए केंद्र सरकार से लंबे समय से लंबित मांगों पर जल्द निर्णय लेने की मांग की। इसके बाद जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री, केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री और केंद्रीय वित्त मंत्री को ज्ञापन भेजा गया।
सोमवार को देशव्यापी मांग दिवस मनाने के आह्वान के तहत आयोजित प्रदर्शन में संगठन ने कहा कि श्रमिकों और कर्मचारियों से जुड़े मुद्दों को लंबे समय से लंबित रखा जा रहा है। ज्ञापन में ईपीएस-95 के तहत न्यूनतम पेंशन एक हजार से बढ़ाकर 7,500 रुपये प्रतिमाह करने और इसे महंगाई राहत से जोड़ने की मांग प्रमुखता से उठाई गई।
कर्मचारियों ने ईपीएफ, ईएसआईसी और बोनस की गणना की अधिकतम सीमा बढ़ाने, पुरानी पेंशन योजना बहाल करने तथा ग्रेच्युटी की गणना 15 दिन के बजाय 30 दिन के वेतन के आधार पर करने की मांग की। ग्रेच्युटी पर अधिकतम सीमा समाप्त करने की मांग भी रखी गई। संगठन ने संविदा कर्मियों समेत सभी कर्मचारियों के लिए समान काम के लिए समान वेतन लागू करने, बढ़ती महंगाई के अनुरूप न्यूनतम वेतन बढ़ाने तथा आंगनबाड़ी, आशा, मिड-डे मील और एनएचएम सहित विभिन्न योजना कर्मियों के मानदेय में वृद्धि की मांग की।
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इसके अलावा बैंकों में पांच दिवसीय कार्य सप्ताह लागू करने, श्रम संहिताओं में श्रमिक हितों के अनुरूप संशोधन करने और विभिन्न संस्थानों के कर्मचारियों की लंबित समस्याओं के समाधान की मांग भी उठाई गई। प्रदर्शन में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मचारी संगठन के प्रदेश अध्यक्ष राम संजीवन नौटियाल सहित कई मौजूद रहे।
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उत्तरकाशी। पुरानी पेंशन योजना बहाल करने, न्यूनतम पेंशन में बढ़ोतरी और संविदा कर्मचारियों को समान काम के लिए समान वेतन समेत 11 मांगों को लेकर एनएचएम के कर्मचारियों ने कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने जोरदार नारेबाजी करते हुए केंद्र सरकार से लंबे समय से लंबित मांगों पर जल्द निर्णय लेने की मांग की। इसके बाद जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री, केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री और केंद्रीय वित्त मंत्री को ज्ञापन भेजा गया।
सोमवार को देशव्यापी मांग दिवस मनाने के आह्वान के तहत आयोजित प्रदर्शन में संगठन ने कहा कि श्रमिकों और कर्मचारियों से जुड़े मुद्दों को लंबे समय से लंबित रखा जा रहा है। ज्ञापन में ईपीएस-95 के तहत न्यूनतम पेंशन एक हजार से बढ़ाकर 7,500 रुपये प्रतिमाह करने और इसे महंगाई राहत से जोड़ने की मांग प्रमुखता से उठाई गई।
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कर्मचारियों ने ईपीएफ, ईएसआईसी और बोनस की गणना की अधिकतम सीमा बढ़ाने, पुरानी पेंशन योजना बहाल करने तथा ग्रेच्युटी की गणना 15 दिन के बजाय 30 दिन के वेतन के आधार पर करने की मांग की। ग्रेच्युटी पर अधिकतम सीमा समाप्त करने की मांग भी रखी गई। संगठन ने संविदा कर्मियों समेत सभी कर्मचारियों के लिए समान काम के लिए समान वेतन लागू करने, बढ़ती महंगाई के अनुरूप न्यूनतम वेतन बढ़ाने तथा आंगनबाड़ी, आशा, मिड-डे मील और एनएचएम सहित विभिन्न योजना कर्मियों के मानदेय में वृद्धि की मांग की।
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इसके अलावा बैंकों में पांच दिवसीय कार्य सप्ताह लागू करने, श्रम संहिताओं में श्रमिक हितों के अनुरूप संशोधन करने और विभिन्न संस्थानों के कर्मचारियों की लंबित समस्याओं के समाधान की मांग भी उठाई गई। प्रदर्शन में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मचारी संगठन के प्रदेश अध्यक्ष राम संजीवन नौटियाल सहित कई मौजूद रहे।