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Uttarkashi News: पटवारी चौकियों पर ताला, ग्रामीणों पर आर्थिक मार
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Wed, 11 Mar 2026 06:15 PM IST
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चौकियों में नहीं बैठ रहे हैं राजस्व उपनिरीक्षक और कर्मचारी
उत्तरकाशी। जनपद मुख्यालय के आसपास की पटवारी चौकियों में राजस्व उपनिरीक्षक और उनके कर्मचारी नहीं बैठने के कारण वे जर्जर हो गई है। स्थिति यह है कि बाजार चौकी में लंबे समय से ताला लटका है। बाहर दीवार पर पेंट को घिसकर नंबर लिखा गया है। उसकी सूचना वहां खेलते बच्चे दे रहे हैं कि पटवारी जोशियाड़ा मिलेंगे।
सरकार की ओर से करोड़ों की धनराशि खर्च कर न्याय पंचायत और विभिन्न क्षेत्र के मुख्य केंद्रों पर करोड़ों की लागत से दो-दो मंजिला पटवारी चौकी भवनों का निर्माण किया गया। जनपद मुख्यालय से महज पांच से छह किमी की दूरी पर बोंगा सहित साल्ड चौकी की यह स्थिति है। वहीं, राजस्व विभाग दोबारा इनके मरम्मत के लिए प्रस्ताव भेज रहा है।
चौकियों में पटवारी नहीं मिलने के कारण ग्रामीणों को शहर आने में रोज अतिरिक्त आर्थिक बोझ से जूझना पड़ता है। उसके बावजूद कई बार पटवारी जोशियाड़ा चौकी नहीं मिलने के कारण लोगों को चक्कर काटने पड़ते हैं। स्थिति इतनी दयनीय है कि बाजार चौकी में भी कई महिनों से ताला लगा हुआ है।
स्थानीय निवासी शरद सिंह रावत का कहना है कि ग्रामीणों को रोज परेशान होना पड़ता है। बाजार पटवारी चौकी और आसपास के पांच किमी की चौकियों के यह हाल हैं तो दूरस्थ क्षेत्रों से उम्मीद करना बेमानी है। प्रभारी तहसीलदार जगेंद्र चौहान का कहना है कि सभी पटवारी जोशियाड़ा में मिल जाते हैं।
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उत्तरकाशी। जनपद मुख्यालय के आसपास की पटवारी चौकियों में राजस्व उपनिरीक्षक और उनके कर्मचारी नहीं बैठने के कारण वे जर्जर हो गई है। स्थिति यह है कि बाजार चौकी में लंबे समय से ताला लटका है। बाहर दीवार पर पेंट को घिसकर नंबर लिखा गया है। उसकी सूचना वहां खेलते बच्चे दे रहे हैं कि पटवारी जोशियाड़ा मिलेंगे।
सरकार की ओर से करोड़ों की धनराशि खर्च कर न्याय पंचायत और विभिन्न क्षेत्र के मुख्य केंद्रों पर करोड़ों की लागत से दो-दो मंजिला पटवारी चौकी भवनों का निर्माण किया गया। जनपद मुख्यालय से महज पांच से छह किमी की दूरी पर बोंगा सहित साल्ड चौकी की यह स्थिति है। वहीं, राजस्व विभाग दोबारा इनके मरम्मत के लिए प्रस्ताव भेज रहा है।
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चौकियों में पटवारी नहीं मिलने के कारण ग्रामीणों को शहर आने में रोज अतिरिक्त आर्थिक बोझ से जूझना पड़ता है। उसके बावजूद कई बार पटवारी जोशियाड़ा चौकी नहीं मिलने के कारण लोगों को चक्कर काटने पड़ते हैं। स्थिति इतनी दयनीय है कि बाजार चौकी में भी कई महिनों से ताला लगा हुआ है।
स्थानीय निवासी शरद सिंह रावत का कहना है कि ग्रामीणों को रोज परेशान होना पड़ता है। बाजार पटवारी चौकी और आसपास के पांच किमी की चौकियों के यह हाल हैं तो दूरस्थ क्षेत्रों से उम्मीद करना बेमानी है। प्रभारी तहसीलदार जगेंद्र चौहान का कहना है कि सभी पटवारी जोशियाड़ा में मिल जाते हैं।