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Uttarkashi News: जर्जर पुल से जान जोखिम में डालकर सफर कर रहे स्कूली बच्चे
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Mon, 30 Mar 2026 06:07 PM IST
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ग्रामीण लंबे समय से कर रहे थे पुल पुनर्निर्माण की मांग
बड़कोट। तहसील के बंचाणगांव और चपटाड़ी गांव के बीच मैड़ा खड्ड पर बना वर्षों पुराना पैदल पुल अब पूरी तरह जर्जर हालत में पहुंच चुका है। पुल की खराब स्थिति के कारण यहां से गुजरने वाले ग्रामीणों और स्कूली बच्चों की जान को हर वक्त खतरा बना हुआ है। लंबे समय से पुल के पुनर्निर्माण की मांग के बावजूद अभी तक प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
बंचाणगांव से करीब 40 छात्र-छात्राएं प्रतिदिन राजकीय इंटर कॉलेज सरनौल पढ़ने जाते हैं जिन्हें मजबूरन इसी जर्जर पुल से होकर गुजरना पड़ता है। इन दिनों खड्ड में पानी कम होने के कारण कुछ लोग सीधे खड्ड से आवाजाही कर लेते हैं लेकिन बरसात के मौसम में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है।
पानी बढ़ने और तेज बहाव के चलते खड्ड से गुजरना असंभव हो जाता है जिससे ग्रामीणों और छात्रों को जान जोखिम में डालकर पुल का इस्तेमाल करना पड़ता है। क्षेत्र में कोई वैकल्पिक मार्ग भी उपलब्ध नहीं है। ग्राम प्रधान उपेंद्र रावत ने बताया कि पुल के पुनर्निर्माण के लिए प्रस्ताव आपदा मद से स्वीकृति हेतु जिला प्रशासन के पास लंबित है लेकिन अब तक इसे मंजूरी नहीं मिल सकी है। उन्होंने प्रशासन से शीघ्र स्वीकृति प्रदान कर निर्माण कार्य शुरू कराने की मांग की है।
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बड़कोट। तहसील के बंचाणगांव और चपटाड़ी गांव के बीच मैड़ा खड्ड पर बना वर्षों पुराना पैदल पुल अब पूरी तरह जर्जर हालत में पहुंच चुका है। पुल की खराब स्थिति के कारण यहां से गुजरने वाले ग्रामीणों और स्कूली बच्चों की जान को हर वक्त खतरा बना हुआ है। लंबे समय से पुल के पुनर्निर्माण की मांग के बावजूद अभी तक प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
बंचाणगांव से करीब 40 छात्र-छात्राएं प्रतिदिन राजकीय इंटर कॉलेज सरनौल पढ़ने जाते हैं जिन्हें मजबूरन इसी जर्जर पुल से होकर गुजरना पड़ता है। इन दिनों खड्ड में पानी कम होने के कारण कुछ लोग सीधे खड्ड से आवाजाही कर लेते हैं लेकिन बरसात के मौसम में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है।
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पानी बढ़ने और तेज बहाव के चलते खड्ड से गुजरना असंभव हो जाता है जिससे ग्रामीणों और छात्रों को जान जोखिम में डालकर पुल का इस्तेमाल करना पड़ता है। क्षेत्र में कोई वैकल्पिक मार्ग भी उपलब्ध नहीं है। ग्राम प्रधान उपेंद्र रावत ने बताया कि पुल के पुनर्निर्माण के लिए प्रस्ताव आपदा मद से स्वीकृति हेतु जिला प्रशासन के पास लंबित है लेकिन अब तक इसे मंजूरी नहीं मिल सकी है। उन्होंने प्रशासन से शीघ्र स्वीकृति प्रदान कर निर्माण कार्य शुरू कराने की मांग की है।