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Uttarkashi News: नौगांव सीएचसी का विस्तारीकरण न होने से बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं को तरसे लोग
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Fri, 27 Feb 2026 07:30 PM IST
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नौगांव (उत्तरकाशी)। चारधाम यात्रा के प्रथम पड़ाव पर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नौगांव का विस्तारीकरण न होने से क्षेत्रीय लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध नहीं हो पा रही है। आठ माह पहले मुख्यमंत्री की ओर से अस्पताल के विस्तारीकरण की घोषणा अब तक धरातल पर नहीं उतर पाई है। इससे पूर्व भी सीएचसी के विस्तारीकरण की कई बार घोषणाएं हो चुकी है।
अगस्त माह में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नौगांव के विस्तारीकरण के लिए तैंतालीस करोड़ की घोषणा की गई थी जिससे लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए अस्पताल में आधुनिक चिकित्सा उपकरण, सहित नए वार्ड बनाये जाने थे। स्थानीय भाजपा नेताओं ने मुख्यमंत्री की घोषणा को क्षेत्र हित में बताते हुए खूब वाहवाही लूटी थी, लेकिन आठ माह बाद भी घोषणा के धरातल पर न उतरने से विपक्ष ने सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। जनपद के सबसे बड़े अस्पताल में स्त्री रोग विशेषज्ञ, हड्डी रोग, नेत्र, ईएनटी, फिजिशियन, बाल रोग विशेषग्यों के पद रिक्त है, जिससे विमार लोगों को ईलाज के लिए डेढ़ सौ किमी दूर देहरादून की दौड़ लगानी पड़ रही है। अस्पताल पर क्षेत्र के करीब सौ ग्राम पंचायतों की स्वास्थ्य की जिम्मेदारी है। 1958 में स्थापित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का 1987 में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उच्चीकरण हुआ था। उत्तराखण्ड बनने के बाद भी अस्पताल में न तो विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति हो पाई और ना ही अस्पताल का उप जिला चिकत्ससालय में उच्चीकरण हो पाया। कांग्रेस अनुसूचित जाति मोर्चा के पूर्व जिला अध्यक्ष रमेश इन्दवाण का कहना है कि सरकार चारधाम यात्रा मार्ग पर स्थित सीएचसी नौगांव की सुध नहीं ले रही है। जनता कब तक असुविधाओं का रोना रोयेगी। अस्पताल के विस्तारीकरण के लिए की गई 43 करोड़ घोषणा कागजों में सिमट कर रह गई है। वहीं मुख्यचिकित्साधिकारी डॉ बीएस रावत का कहना है कि यह मामला अभी शासन स्तर पर है जिसमें समय लगेगा।
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अगस्त माह में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नौगांव के विस्तारीकरण के लिए तैंतालीस करोड़ की घोषणा की गई थी जिससे लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए अस्पताल में आधुनिक चिकित्सा उपकरण, सहित नए वार्ड बनाये जाने थे। स्थानीय भाजपा नेताओं ने मुख्यमंत्री की घोषणा को क्षेत्र हित में बताते हुए खूब वाहवाही लूटी थी, लेकिन आठ माह बाद भी घोषणा के धरातल पर न उतरने से विपक्ष ने सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। जनपद के सबसे बड़े अस्पताल में स्त्री रोग विशेषज्ञ, हड्डी रोग, नेत्र, ईएनटी, फिजिशियन, बाल रोग विशेषग्यों के पद रिक्त है, जिससे विमार लोगों को ईलाज के लिए डेढ़ सौ किमी दूर देहरादून की दौड़ लगानी पड़ रही है। अस्पताल पर क्षेत्र के करीब सौ ग्राम पंचायतों की स्वास्थ्य की जिम्मेदारी है। 1958 में स्थापित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का 1987 में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उच्चीकरण हुआ था। उत्तराखण्ड बनने के बाद भी अस्पताल में न तो विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति हो पाई और ना ही अस्पताल का उप जिला चिकत्ससालय में उच्चीकरण हो पाया। कांग्रेस अनुसूचित जाति मोर्चा के पूर्व जिला अध्यक्ष रमेश इन्दवाण का कहना है कि सरकार चारधाम यात्रा मार्ग पर स्थित सीएचसी नौगांव की सुध नहीं ले रही है। जनता कब तक असुविधाओं का रोना रोयेगी। अस्पताल के विस्तारीकरण के लिए की गई 43 करोड़ घोषणा कागजों में सिमट कर रह गई है। वहीं मुख्यचिकित्साधिकारी डॉ बीएस रावत का कहना है कि यह मामला अभी शासन स्तर पर है जिसमें समय लगेगा।
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