{"_id":"69f88debddbb1c1e2e085b8f","slug":"the-movement-demanding-a-separate-district-will-reach-every-village-uttarkashi-news-c-54-1-uki1010-119681-2026-05-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Uttarkashi News: पृथक जनपद की मांग के लिए गांव-गांव तक पहुंचेगा आंदोलन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Uttarkashi News: पृथक जनपद की मांग के लिए गांव-गांव तक पहुंचेगा आंदोलन
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Mon, 04 May 2026 05:45 PM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
पुरोला। रवांई घाटी को पृथक जिला बनाए जाने की मांग को लेकर संघर्ष समिति ने अब आंदोलन को व्यापक स्तर पर तेज करने की रणनीति बनाई है। समिति ने न्याय पंचायत स्तर पर बैठकों की शृंखला शुरू कर दी है जिसके माध्यम से गांव-गांव तक लोगों को जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
संघर्ष समिति के संयोजक प्रकाश कुमार ने बताया कि पृथक रवांई घाटी जिला बनाने की मांग लंबे समय से उठाई जा रही है लेकिन अब इसे जनआंदोलन का रूप दिया जाएगा। इसके तहत पुरोला विकासखंड की तीनों न्याय पंचायतों में बैठकें आयोजित की जा रही है। इन बैठकों में जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, युवाओं और आम लोगों से सक्रिय भागीदारी करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
समिति के अध्यक्ष बलदेव असवाल ने जानकारी दी कि आने वाले दिनों में मोरी और नौगांव प्रखंडों में भी इसी प्रकार की बैठकों का आयोजन किया जाएगा। समिति का कहना है कि भौगोलिक दृष्टि से दुर्गम और दूरस्थ होने के कारण रवांई घाटी के लोगों को प्रशासनिक कार्यों के लिए काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। बैठक में बलदेव असवाल, जयेंद्र नेगी, राकेश पंवार, नीरज राणा, आशुतोष, चंडी प्रसाद, रणबीर राणा, गोविन्द राम, राधेश्याम, रामस्वरूप, मोहन लाल, राजमोहन चौहान मौजूद थे। संवाद
Trending Videos
संघर्ष समिति के संयोजक प्रकाश कुमार ने बताया कि पृथक रवांई घाटी जिला बनाने की मांग लंबे समय से उठाई जा रही है लेकिन अब इसे जनआंदोलन का रूप दिया जाएगा। इसके तहत पुरोला विकासखंड की तीनों न्याय पंचायतों में बैठकें आयोजित की जा रही है। इन बैठकों में जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, युवाओं और आम लोगों से सक्रिय भागीदारी करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
समिति के अध्यक्ष बलदेव असवाल ने जानकारी दी कि आने वाले दिनों में मोरी और नौगांव प्रखंडों में भी इसी प्रकार की बैठकों का आयोजन किया जाएगा। समिति का कहना है कि भौगोलिक दृष्टि से दुर्गम और दूरस्थ होने के कारण रवांई घाटी के लोगों को प्रशासनिक कार्यों के लिए काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। बैठक में बलदेव असवाल, जयेंद्र नेगी, राकेश पंवार, नीरज राणा, आशुतोष, चंडी प्रसाद, रणबीर राणा, गोविन्द राम, राधेश्याम, रामस्वरूप, मोहन लाल, राजमोहन चौहान मौजूद थे। संवाद