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Uttarkashi News: सामान लदे घोड़े को पुलिस ने लौटाया
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Mon, 01 Jun 2026 05:44 PM IST
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यमुनोत्री के तीर्थ पुरोहितों ने लगाया मनमानी का आरोप
बड़कोट। यमुनोत्री धाम यात्रा के दौरान एक बार फिर स्थानीय व्यवस्थाओं को लेकर विवाद सामने आया है। यमुनोत्री धाम के तीर्थ पुरोहित आशुतोष उनियाल ने जानकीचट्टी पुलिस चौकी में तैनात पुलिस कर्मियों पर मनमानी व अभद्र व्यवहार करने का गंभीर आरोप लगाया है। घटना के बाद पुरोहित समाज में नाराजगी है।
सोमवार सुबह तीर्थ पुरोहित उनियाल अपनी निर्धारित पूजा की बारी के तहत यमुनोत्री धाम जा रहे थे। उनके साथ एक घोड़े पर मंदिर समिति एवं रसोई से संबंधित आवश्यक सामान लदा था जिसे धाम तक पहुंचाया जाना था। आरोप है कि जानकीचट्टी क्षेत्र में तैनात दो पुलिस कर्मियों ने उन्हें रास्ते में रोक लिया और सामान से लदे घोड़े को आगे जाने की अनुमति देने के बजाय लौटा दिया।
कहना है कि यात्रा संचालन के दौरान इससे पूर्व भी कई बार मंदिर एवं अन्य आवश्यक सामग्री लेकर घोड़े यमुनोत्री धाम भेजे जाते रहे हैं। ऐसे में बिना किसी साफ कारण के उनके घोड़े को रोकना अनुचित है। घटना की जानकारी मिलते ही यमुनोत्री धाम से जुड़े पुरोहितों एवं स्थानीय लोगों में नाराजगी है। पुरोहित समाज का कहना है कि धाम की धार्मिक परंपराओं और व्यवस्थाओं को सुचारु रूप से संचालित करने में तीर्थ पुरोहितों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। यदि आवश्यक सामग्री को बिना उचित कारण रोका जाएगा तो इससे धाम की व्यवस्थाओं पर असर पड़ सकता है।
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कोतवाली प्रभारी निरीक्षक सुभाष चन्द्र ने बताया कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार श्रद्धालुओं की अत्यधिक भीड़ और सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए पुलिस कर्मियों की ओर से ऐसा कदम उठाया गया होगा। हालांकि उन्होंने साफ किया कि किसी के साथ अभद्र व्यवहार स्वीकार्य नहीं है।
बड़कोट। यमुनोत्री धाम यात्रा के दौरान एक बार फिर स्थानीय व्यवस्थाओं को लेकर विवाद सामने आया है। यमुनोत्री धाम के तीर्थ पुरोहित आशुतोष उनियाल ने जानकीचट्टी पुलिस चौकी में तैनात पुलिस कर्मियों पर मनमानी व अभद्र व्यवहार करने का गंभीर आरोप लगाया है। घटना के बाद पुरोहित समाज में नाराजगी है।
सोमवार सुबह तीर्थ पुरोहित उनियाल अपनी निर्धारित पूजा की बारी के तहत यमुनोत्री धाम जा रहे थे। उनके साथ एक घोड़े पर मंदिर समिति एवं रसोई से संबंधित आवश्यक सामान लदा था जिसे धाम तक पहुंचाया जाना था। आरोप है कि जानकीचट्टी क्षेत्र में तैनात दो पुलिस कर्मियों ने उन्हें रास्ते में रोक लिया और सामान से लदे घोड़े को आगे जाने की अनुमति देने के बजाय लौटा दिया।
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कहना है कि यात्रा संचालन के दौरान इससे पूर्व भी कई बार मंदिर एवं अन्य आवश्यक सामग्री लेकर घोड़े यमुनोत्री धाम भेजे जाते रहे हैं। ऐसे में बिना किसी साफ कारण के उनके घोड़े को रोकना अनुचित है। घटना की जानकारी मिलते ही यमुनोत्री धाम से जुड़े पुरोहितों एवं स्थानीय लोगों में नाराजगी है। पुरोहित समाज का कहना है कि धाम की धार्मिक परंपराओं और व्यवस्थाओं को सुचारु रूप से संचालित करने में तीर्थ पुरोहितों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। यदि आवश्यक सामग्री को बिना उचित कारण रोका जाएगा तो इससे धाम की व्यवस्थाओं पर असर पड़ सकता है।
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