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Uttarkashi News: श्रीकोट को जोड़ने वाली सड़क बनी बदहाल
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Wed, 20 May 2026 07:01 PM IST
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महज तीन किमी सड़क की हालत में सुधार नहीं कर पाया विभाग
पुरोला। विकासखंड के ग्राम सभा श्रीकोट को पुरोला-मोरी मुख्य मोटर मार्ग से जोड़ने वाली संपर्क सड़क की बदहाल बनी हुई है। महज तीन किमी की सड़क की हालत में विभाग सुधार नहीं कर पाया है जिससे ग्रामीणों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि डेढ़ दशक पहले बनी इस सड़क की हालत इतनी खराब हो चुकी है। तीन किलोमीटर की दूरी तय करने में भी लोगों को लगभग एक घंटा लग जाता है। सड़क पर जगह-जगह गड्ढे, उबड़-खाबड़ रास्ते और कीचड़ होने से आवाजाही बेहद कठिन हो गई है। बरसात के दिनों में हालात और भी बदतर हो जाते हैं क्योंकि सड़क पर अब तक डामरीकरण और नालियों का निर्माण नहीं हो पाया है।
सामाजिक कार्यकर्ता दिनेश खत्री ने बताया कि गांव में करीब 55 परिवार निवास करते हैं और अधिकांश ग्रामीण नकदी व बेमौसमी सब्जी फसलों की खेती पर निर्भर हैं। गांव में सब्जी, राजमा और अन्य नकदी फसलों का बड़े पैमाने पर उत्पादन होता है लेकिन सड़क खराब होने के कारण किसान समय पर अपनी उपज बाजार तक नहीं पहुंचा पा रहे हैं।
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ग्रामीणों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से जल्द सड़क की मरम्मत और डामरीकरण की मांग की है। वहीं सहायक अभियंता पीएमजीएसवाई सुभाष दोरियाल ने बताया कि श्रीकोट सड़क के चार किमी डामरीकरण के लिए शासन से तीन करोड़ 75 लाख रुपये स्वीकृत हो चुके हैं। वर्तमान में कार्य टेंडर प्रक्रिया में है।
पुरोला। विकासखंड के ग्राम सभा श्रीकोट को पुरोला-मोरी मुख्य मोटर मार्ग से जोड़ने वाली संपर्क सड़क की बदहाल बनी हुई है। महज तीन किमी की सड़क की हालत में विभाग सुधार नहीं कर पाया है जिससे ग्रामीणों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि डेढ़ दशक पहले बनी इस सड़क की हालत इतनी खराब हो चुकी है। तीन किलोमीटर की दूरी तय करने में भी लोगों को लगभग एक घंटा लग जाता है। सड़क पर जगह-जगह गड्ढे, उबड़-खाबड़ रास्ते और कीचड़ होने से आवाजाही बेहद कठिन हो गई है। बरसात के दिनों में हालात और भी बदतर हो जाते हैं क्योंकि सड़क पर अब तक डामरीकरण और नालियों का निर्माण नहीं हो पाया है।
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सामाजिक कार्यकर्ता दिनेश खत्री ने बताया कि गांव में करीब 55 परिवार निवास करते हैं और अधिकांश ग्रामीण नकदी व बेमौसमी सब्जी फसलों की खेती पर निर्भर हैं। गांव में सब्जी, राजमा और अन्य नकदी फसलों का बड़े पैमाने पर उत्पादन होता है लेकिन सड़क खराब होने के कारण किसान समय पर अपनी उपज बाजार तक नहीं पहुंचा पा रहे हैं।
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