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Uttarkashi News: इस वर्ष भी जोखिम भरे रास्ते से गंगोत्री जाएगी मां गंगा की डोली

संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी Updated Fri, 17 Apr 2026 06:07 PM IST
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This year too, the palanquin of Mother Ganga will travel to Gangotri via the perilous route.
मुखबा जांगला पैदल मार्ग से अवाजाही करते गंगोत्री धाम के तीर्थपुरोहित। संवाद फाइल फोटो
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मुखबा-जांगला सड़क के लिए लंबे समय से आंदोलित हैं ग्रामीण
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गांव में पंचायत चुनाव नहीं होने से प्रधान विहीन है गंगा का मायका
उत्तरकाशी। मुखबा-जांगला मोटर मार्ग निर्माण नहीं होने से मां गंगा की डोली इस साल भी इसी पगडंडी और जोखिमभरे सात किमी मार्ग से डोली गंगोत्री धाम के लिए जांंगला तक जाएगी। तीर्थपुरोहित व स्थानीय लोग लंबे समय से मार्ग निर्माण की मांग कर रहे हैं लेकिन समस्या जस की तस है। स्थिति यह है कि गांव के लोगों ने एलान किया है कि जब तक सड़क नहीं बनेगी वो मतदान नहीं करेंगे। यही वजह है कि गांव पंचायत चुनाव के नौ माह बाद भी प्रधान विहीन है।
मुखबा-जांगला मोटर मार्ग निर्माण के लिए किसी प्रकार की कार्रवाई न होने पर नौ माह बाद भी पंचायत चुनाव नहीं हो पाए हैं। इसलिए इस वर्ष भी गंगा की विग्रह डोली को पगडंडी और जोखिमभरे सात किमी मार्ग से जांंगला तक पहुंचाया जाएगा। हालांकि विधायक गंगोत्री सुरेश चौहान और गंगोत्री मंदिर समिति के पदाधिकारियों की मुलाकात के बाद सचिव लोनिवि ने इस पर जल्द ही कार्रवाई आगे बढ़ाने के लिए विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए हैं।
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गंगा के शीतकालीन प्रवास मुखबा गांव के ग्रामीण और गंगोत्री के तीर्थ पुरोहित लंबे समय से करीब सात किमी लंबे मुखबा-जांगला मोटर मार्ग निर्माण की मांग कर रहे हैं। लेकिन संरक्षित वन भूमि होने के कारण इसको स्वीकृति नहीं मिल पा रही है। डीएम, सीएम और पीएम से गुहार लगाने के बाद भी जब कोई कार्रवाई नहीं हुई तो गत वर्ष प्रदेश में हुए त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में मुखबा गांव के ग्रामीणों ने प्रतिभाग नहीं किया था। इसलिए वहां पर ग्राम सभा नौ माह से प्रधान और क्षेत्र पंचायत सदस्य विहीन चल रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि नौ माह बाद भी इस पर किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं हुई है। इसलिए इस वर्ष भी तीर्थ पुरोहिता गंगा की विग्रह डोली को मुखबा से जांगला तक पगडंडी औ जोखिमभरे मार्ग से ले जाएंगे। पैदल मार्ग संकरा होने के कारण खाई में गिरने का भय बना रहता है। हालांकि इस संबंध में विधायक गंगोत्री सुरेश चौहान और गंगोत्री मंदिर समिति के सचिव सुरेश सेमवाल ने लोनिवि पंकज पांडे से मुलाकात की। इसके बाद लोनिवि सचिव ने संबंधित अधिकारियों को जल्द ही इस पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
लोनिवि के अधिशासी अभियंता नवीन लाल वर्मा ने कहा कि वन विभाग की ओर से कुछ आपत्तियां मांग गई थी। उनकी रिपोर्ट तैयार कर डीएफओ को भेज दी गई है। जल्द ही इस पर आगे प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
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