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Uttarkashi News: रिंगाली देवी की डोली के साथ नेलांग-जादूंग पहुंचे ग्रामीण
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Wed, 03 Jun 2026 05:49 PM IST
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जाड़ समुदाय के लोगों ने किया लाल देवता का पूजन और पांडव नृत्य भी किया
इनर लाइन बाध्यता समाप्त करने व नेलांग को दोबारा बसाने की मांग
उत्तरकाशी। भारत-चीन सीमा पर स्थित जादूंग और नेलांग गांव में जाड़ समुदाय के ग्रामीणों के आराध्य लाल देवता की वार्षिक पूजा और पांडव नृत्य का आयोजन किया। बगोरी के ग्रामीण अपने पैतृक जादूंग गांव को दोबारा बसता देख भावुक हो उठे। साथ ही उन्होंने जादूंग की तर्ज पर नेलांग को भी दोबारा बसाने की मांग की। कहा कि क्षेत्र में इनर लाइन बाध्यताओं को समाप्त किया जाए।
बगोरी गांव के जाड़ समुदाय के लोग रिंगाली देवी की डोली के साथ जादूंग और नेलांग पहुंचे। पहले नेलांग गांव की देव थात सहित लाल देवता मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना के साथ ही पांडवों के अस्त्र-शस्त्रों की पूजा की गई। उसके बाद वहां पर पांडव नृत्य का आयोजन किया गया। उसके बाद जादूंग गांव पहुंचकर भी देवथात और भगवती मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना के साथ पांडव नृत्य का आयोजन किया गया।
उसके बाद रिंगाली देवी की देवडोली के साथ ग्रामीणों ने पारंपरिक वेशभूषा में रासो-तांदी नृत्य किया। सेना और आईटीबीपी के जवानों ने ग्रामीणों का स्वागत किया। इस दौरान ग्रामीणों ने जादूंग में बन रहे होमस्टे आदि का अवलोकन किया। ग्राम प्रधान रणजीता डोगरा, भवान सिंह राणा, जाड़ भोटिया जन कल्याण समिति के अध्यक्ष इंद्र सिंह नेगी, जसपाल रावत ने कहा कि जादूंग गांव को बसाने के लिए सरकार कार्य कर रही है।
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इसके तर्ज पर नेलांग गांव को भी दोबारा बसाना चाहिए। प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री ने इसकी घोषणा की थी लेकिन अभी तक अमल नहीं हो पाया। ग्रामीणों ने कहा कि अपने पैतृक गांव आने के लिए उन्हें कई प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ता है। इसलिए इस क्षेत्र को इनर लाइन की बाध्यताओं से मुक्त करना चाहिए।
इनर लाइन बाध्यता समाप्त करने व नेलांग को दोबारा बसाने की मांग
उत्तरकाशी। भारत-चीन सीमा पर स्थित जादूंग और नेलांग गांव में जाड़ समुदाय के ग्रामीणों के आराध्य लाल देवता की वार्षिक पूजा और पांडव नृत्य का आयोजन किया। बगोरी के ग्रामीण अपने पैतृक जादूंग गांव को दोबारा बसता देख भावुक हो उठे। साथ ही उन्होंने जादूंग की तर्ज पर नेलांग को भी दोबारा बसाने की मांग की। कहा कि क्षेत्र में इनर लाइन बाध्यताओं को समाप्त किया जाए।
बगोरी गांव के जाड़ समुदाय के लोग रिंगाली देवी की डोली के साथ जादूंग और नेलांग पहुंचे। पहले नेलांग गांव की देव थात सहित लाल देवता मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना के साथ ही पांडवों के अस्त्र-शस्त्रों की पूजा की गई। उसके बाद वहां पर पांडव नृत्य का आयोजन किया गया। उसके बाद जादूंग गांव पहुंचकर भी देवथात और भगवती मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना के साथ पांडव नृत्य का आयोजन किया गया।
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उसके बाद रिंगाली देवी की देवडोली के साथ ग्रामीणों ने पारंपरिक वेशभूषा में रासो-तांदी नृत्य किया। सेना और आईटीबीपी के जवानों ने ग्रामीणों का स्वागत किया। इस दौरान ग्रामीणों ने जादूंग में बन रहे होमस्टे आदि का अवलोकन किया। ग्राम प्रधान रणजीता डोगरा, भवान सिंह राणा, जाड़ भोटिया जन कल्याण समिति के अध्यक्ष इंद्र सिंह नेगी, जसपाल रावत ने कहा कि जादूंग गांव को बसाने के लिए सरकार कार्य कर रही है।
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