जांजगीर-चांपा जिले के ग्राम धरदेई में पंप ऑपरेटर से ढाई लाख रुपये की लूट के मामले मे बिलासपुर से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि दो आरोपी अब भी फरार हैं। पकड़े गए आरोपी बिहार के रहने वाले हैं, जिन्होंने जांजगीर-चांपा समेत कोरबा, अंबिकापुर, रायगढ़ और सारंगढ़ में कुल 9 लाख 83 हजार रुपये से अधिक की लूट और उठाईगिरी की वारदातों को अंजाम दिया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दो बाइक, तीन मोबाइल, फर्जी आधार कार्ड और 10 हजार रुपये नगद बरामद किए हैं।
एसपी विजय कुमार पाण्डेय ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मामले का खुलासा किया है कि थाना शिवरीनारायण क्षेत्र के ग्राम धरदेई का है, जहां पंप ऑपरेटर से 2.50 लाख रुपये लूटे गए थे। घटना के बाद साइबर टीम को सक्रिय किया गया।
एएसपी उमेश कुमार कश्यप के नेतृत्व में टीम ने 150 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की जांच की। फुटेज के आधार पर आरोपियों के बिलासपुर की ओर भागने की जानकारी मिली।
बिलासपुर में होटलों, लॉज और धर्मशालाओं की सघन जांच के दौरान शिवम लॉज से दो संदिग्धों को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में आरोपियों ने अपनी पहचान छुपाने के लिए फर्जी आधार कार्ड बनवाना स्वीकार किया। वही आरोपियों ने इसके अलावा अंबिकापुर, रायगढ़, सारंगढ़ और कोरबा में भी वारदातें करना स्वीकार किया। इनमें अंबिकापुर में 2 लाख, रायगढ़ में 1 लाख और 2 लाख, सारंगढ़ में 60 हजार तथा कोरबा में 85 हजार रुपये की लूट शामिल है। पुलिस ने आरोपियों से दो चोरी की बाइक, तीन मोबाइल फोन और 10 हजार रुपये नगद बरामद किए हैं।
आरोपी बेहद शातिर तरीके से वारदात को अंजाम देते थे। पहले बैंक से बड़ी रकम निकालने वाले बुजुर्गों और महिलाओं की रेकी करते, फिर मौका पाकर उन पर केंवाच (खुजली) पाउडर छिड़ककर उन्हें उलझा देते और रकम लेकर फरार हो जाते थे। फिलहाल पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है, जबकि दो अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है।