जिले में खाद की कालाबाजारी बंद करने और किसानों को खाद उपलब्ध कराने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया गया। आज बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता, पदाधिकारी और किसानों ने बैलगाड़ी व ट्रैक्टर से रैली निकाली। यह रैली कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंची, जहां जमकर नारेबाजी करते हुए विरोध जताया गया।
डोंगरगांव विधानसभा के किसानों ने खाद-बीज की समस्याओं और कालाबाजारी के विरोध में अनोखे तरीके से प्रदर्शन किया। उन्होंने हाथों में बैनर-पोस्टर लेकर प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। किसानों ने खाद की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की।
कांग्रेस नेता और जिला पंचायत सदस्य महेंद्र यादव ने बताया कि बुवाई का सीजन चालू है। किसानों को डीएपी खाद और डीजल नहीं मिल रहा है, जिससे वे परेशान हैं। उन्होंने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर जल्द डीएपी खाद उपलब्ध कराने की मांग की। यादव ने आरोप लगाया कि किसी भी सोसाइटी में खाद नहीं है।
लेकिन निजी व्यापारियों के पास डीएपी खाद का अवैध भंडारण है और इसे दोगुने दाम पर 3000 रुपये में बेचा जा रहा है। उन्होंने इसे किसानों के साथ अन्याय बताया। यादव ने चेतावनी दी कि यदि मांगें पूरी नहीं हुईं तो सड़क पर आंदोलन करने को मजबूर होना पड़ेगा।
किसानों की मुख्य मांगें
प्रदर्शनकारी किसानों की प्रमुख मांग डीएपी खाद की कालाबाजारी रोकना है। वे चाहते हैं कि सरकार किसानों को उचित मूल्य पर डीएपी खाद उपलब्ध कराए। इसके साथ ही, किसानों को डीजल की कमी से भी राहत दिलाने की मांग की गई। बुवाई के सीजन में इन आवश्यक वस्तुओं की अनुपलब्धता से किसान परेशान हैं।
अवैध भंडारण और मूल्य वृद्धि
महेंद्र यादव ने निजी व्यापारियों पर डीएपी खाद के अवैध भंडारण का आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि सोसाइटी में खाद उपलब्ध नहीं है, जबकि व्यापारी इसे दोगुने दाम पर बेच रहे हैं। एक बोरी डीएपी खाद 3000 रुपये में बेची जा रही है। यह स्थिति किसानों के लिए आर्थिक रूप से बेहद हानिकारक है। सरकार से इस पर तत्काल कार्रवाई की अपेक्षा की गई है।