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मोबाइल टावर से उपकरण चुराने वाले गैंग का पर्दाफाश, करोड़ों की चोरी का माल बरामद, कई राज्यों में फैला था गिरोह
नोएडा ब्यूरो
Updated Fri, 02 May 2025 05:33 PM IST
सूरजपुर कोतवाली पुलिस ने शुक्रवार को मोबाइल टावर से कीमती उपकरण चुराने वाले एक अंतरराज्यीय गैंग का भंडाफोड़ किया है। इस गिरोह के आठ सदस्यों को सूरजपुर थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने इनके कब्जे से 35 रेडियो रिसीवर यूनिट (आरआरयू), 4850 रुपये नकद, एक लाल रंग की वैगनआर कार सहित चोरी में प्रयुक्त औजार भी बरामद किए हैं। बरामद किए गए माल की अनुमानित कीमत लगभग 3.5 करोड़ रुपये बताई गई है। डीसीपी सेंट्रल नोएडा शक्ति मोहन अवस्थी का कहना है कि स्वाट दो और थाना सूरजपुर पुलिस की संयुक्त टीम ने इस गिरोह को सूरजपुर क्षेत्र की मकोड़ा पुलिया के पास से दबोचा है। आरोपियों की पहचान सलीम मलिक (38), अब्बास मलिक उर्फ बाशू (57), सुहैल कुरैशी (25), शहनवाज उर्फ सोनू (32), शानू मलिक (40), शानू (37), इमरान मलिक (23), और सलमान कुरैशी (25) के रूप में हुई है। सभी आरोपी गाजियाबाद, बागपत और मुजफ्फरनगर जनपदों के निवासी हैं। पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि वे पिछले एक वर्ष से राजस्थान, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, दिल्ली, नोएडा सहित एनसीआर क्षेत्र में मोबाइल टावरों से रेडियो रिसीवर यूनिट, बैटरियां व अन्य कीमती उपकरण चुराते आ रहे थे। दिन में टावरों की रेकी की जाती थी और रात या तड़के चोरी को अंजाम दिया जाता था। कुछ सदस्य टावर पर चढ़कर औजारों की मदद से उपकरण खोलते, जबकि अन्य सदस्य निगरानी रखते व चोरी का माल वाहनों में लेकर फरार हो जाते थे। गिरोह के मुख्य सदस्य सुहैल कुरैशी, शहनवाज, शानू मलिक, शानू व इमरान मलिक टावरों से आरआरयू व बैटरियां चुराने का कार्य करते थे। सलमान कुरैशी चोरी के दौरान गाड़ी लेकर साथ चलता था। जबकि सलीम मलिक और अब्बास मलिक गिरोह की रेकी व आर्थिक सहायता का जिम्मा संभालते थे। चोरी के माल की बिक्री दिल्ली व मुरादनगर में की जाती थी। अब्बास मलिक को इस गिरोह का ‘लोडर’ कहा जाता है जो माल को आगे बेचता था। आरोपी अधिकतर कक्षा 2 से 8 तक ही पढ़े हैं। गिरोह में शामिल सभी आरोपी पूर्व में भी आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त रहे हैं। इन पर हत्या के प्रयास, हथियार अधिनियम और चोरी जैसे गंभीर धाराओं में कई मुकदमे दर्ज हैं।
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