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Beldanga violence: SDOP makes big revelation on Beldanga violence, 30 arrested, more than 100 identified!
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Beldanga violence: बेलडांगा हिंसा पर SDOP ने किया बड़ा खुलासा, 30 गिरफ्तार, 100 से ज्यादा चिन्हित!
वीडियो डेस्क, अमर उजाला डॉट कॉम Published by: भास्कर तिवारी Updated Tue, 20 Jan 2026 03:00 AM IST
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बेलडांगा हिंसा के बाद बेलडांगा में एसडीपीओ उत्तम गरई ने बताया, हिंसा में शामिल लोगों को मौके से ही गिरफ़्तार किए गए। उसी दिन 30 लोगों की गिरफ़्तारी की गई। CCTV से 100 से ज्यादा लोगों को चिन्हित किया गया है। छापेमारी करके भी गिरफ़्तारी की जा रही हैं। बेलडांगा में अभी स्थिति सामान्य है। हम यहां समुदाय के नेताओं से भी बात किए हैं।
बेलडांगा हिंसा पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के बेलडांगा क्षेत्र में हुई एक गंभीर और संवेदनशील घटना के रूप में सामने आई, जिसने इलाके में तनाव और चिंता का माहौल पैदा कर दिया। यह हिंसा मुख्य रूप से दो समुदायों के बीच विवाद के बाद भड़की, जो देखते ही देखते झड़पों और आगजनी में बदल गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, किसी स्थानीय मुद्दे या आपसी कहासुनी से शुरू हुआ विवाद अचानक हिंसक हो गया, जिसमें पथराव, तोड़फोड़ और आग लगाने की घटनाएं सामने आईं। हालात बिगड़ने पर कई दुकानों, वाहनों और घरों को नुकसान पहुंचा, जिससे सामान्य जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। हिंसा के दौरान कई लोग घायल हुए और उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
घटना की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने तत्काल पुलिस बल तैनात किया और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त सुरक्षाबलों को बुलाया गया। तनाव को फैलने से रोकने के लिए कुछ समय के लिए इंटरनेट सेवाएं बंद की गईं और इलाके में निषेधाज्ञा जैसे कदम भी उठाए गए। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने शांति बहाल करने के लिए फ्लैग मार्च किया और स्थानीय लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने तथा संयम बरतने की अपील की। प्रशासन का कहना है कि हालात धीरे-धीरे नियंत्रण में लाए गए, लेकिन एहतियात के तौर पर सुरक्षा व्यवस्था सख्त रखी गई।
राजनीतिक दृष्टि से भी बेलडांगा हिंसा को लेकर बयानबाजी देखने को मिली। विभिन्न राजनीतिक दलों ने एक-दूसरे पर हिंसा को लेकर आरोप लगाए और प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाए। कुछ नेताओं ने इसे कानून-व्यवस्था की विफलता बताया, जबकि सरकार की ओर से कहा गया कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, चाहे वे किसी भी समुदाय या राजनीतिक पृष्ठभूमि से हों। पुलिस ने मामले में कई लोगों को हिरासत में लिया और सीसीटीवी फुटेज व अन्य सबूतों के आधार पर जांच शुरू की गई।
बेलडांगा हिंसा ने एक बार फिर सामुदायिक सौहार्द, प्रशासनिक सतर्कता और अफवाहों की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी घटनाओं से निपटने के लिए केवल पुलिस कार्रवाई ही नहीं, बल्कि स्थानीय स्तर पर संवाद, विश्वास निर्माण और सामाजिक जागरूकता भी जरूरी है। फिलहाल, क्षेत्र में शांति बनाए रखने के प्रयास जारी हैं और प्रशासन का दावा है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
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