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Heavy rain alert in Uttar Pradesh from June 29, flood like situation in many states
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29 जून से उत्तर प्रदेश में झमाझम बारिश का अलर्ट, कई राज्यों में बाढ़ जैसे हालात
वीडियो डेस्क अमर उजाला डॉट कॉम Published by: आदर्श Updated Sat, 28 Jun 2025 01:31 PM IST
उत्तर भारत में गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत की खबर है। मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि 29 जून से उत्तर प्रदेश में मानसून एक बार फिर जोर पकड़ेगा। दक्षिणी हिस्से से प्रवेश कर मानसूनी बारिश प्रदेश के अन्य जिलों तक फैलेगी। वहीं देश के अन्य हिस्सों—राजस्थान और जम्मू-कश्मीर—में मानसून की भीषण बारिश से बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है।
उत्तर प्रदेश में पिछले दो-तीन दिनों से कुछ इलाकों में हल्की बारिश तो कहीं सिर्फ बादलों की आवाजाही रही। इससे गर्मी और उमस की स्थिति बनी रही, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हुआ।
29 जून से शुरू होकर मानसून एक बार फिर सक्रिय होगा, जिसकी शुरुआत प्रदेश के दक्षिणी हिस्से सोनभद्र से होगी। इसके बाद झमाझम बारिश का सिलसिला पूर्वी और पश्चिमी जिलों तक पहुंचेगा। मौसम विभाग ने मुजफ्फरनगर, मेरठ, बरेली, पीलीभीत, झांसी, ललितपुर समेत 10 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।
वहीं 40 से अधिक जिलों में गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी दी गई है। इससे सतर्क रहने और खुले स्थानों से दूर रहने की अपील की गई है।
शुक्रवार को प्रदेश के कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई, जिनमें सोनभद्र, वाराणसी, प्रयागराज, प्रतापगढ़, अंबेडकरनगर, ललितपुर, आगरा, मथुरा, मैनपुरी शामिल हैं।
हालांकि, कई क्षेत्रों में केवल बूंदाबांदी या बादलों की आवाजाही से लोग मायूस भी नजर आए। गर्मी और उमस ने लोगों को राहत नहीं दी। ऐसे में अब 29 जून से शुरू हो रही झमाझम बारिश की उम्मीद लोगों को थोड़ी राहत दे रही है।
मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि वर्तमान मौसमी स्थितियां पूरी तरह से दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए अनुकूल हैं।
उन्होंने बताया, “29 जून से सोनभद्र से मानसूनी बारिश दोबारा सक्रिय होगी और धीरे-धीरे यह पूरे प्रदेश में फैल जाएगी।”
रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर, अंबेडकरनगर समेत पूर्वी व पश्चिमी जिलों में आकाशीय बिजली गिरने की आशंका जताई गई है।
मौसम विभाग के अनुसार, जिन जिलों में तेज बारिश की संभावना है, उनमें शामिल हैं:
• शामली
• मुजफ्फरनगर
• बागपत
• मेरठ
• अमरोहा
• बरेली
• पीलीभीत
• जालौन
• झांसी
• ललितपुर
इन इलाकों के आसपास के क्षेत्रों को भी सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
जम्मू-कश्मीर में भी मानसून का प्रभाव तेजी से दिख रहा है। बीते कुछ दिनों से हो रही भारी बारिश के कारण चिनाब नदी उफान पर है। जल स्तर इतना बढ़ गया है कि बगलिहार जलविद्युत परियोजना में पानी भर गया है।
डोडा-किश्तवाड़-रामबन रेंज के डीआईजी श्रीधर पाटिल ने कहा कि स्थिति गंभीर हो सकती है और लोगों से अपील की है कि वे नदी और उफनती धाराओं से दूर रहें।
उन्होंने बताया कि स्थानीय प्रशासन रेस्क्यू टीमों को अलर्ट पर रखे हुए है और निचले इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गई है।
राजस्थान में मानसून की दस्तक के साथ ही भारी बारिश के कारण कई जिले जलमग्न हो गए हैं।
शुक्रवार को पूर्वी राजस्थान में मूसलाधार बारिश हुई, जिससे कई इलाकों में सड़कें पानी में डूब गईं और लोगों का आना-जाना प्रभावित हुआ।
बांसवाड़ा जिले के सज्जानगढ़ में सबसे अधिक 130 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि जयपुर के बस्सी में 110 मिमी बारिश हुई।
राजधानी जयपुर में भी जलभराव की स्थिति बन गई है और नगर निगम की टीमें पानी निकालने में जुटी हैं।
जहां एक ओर उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में लोग मानसून की अस्थिरता के कारण परेशान हैं, वहीं दूसरी ओर राजस्थान और जम्मू-कश्मीर जैसे राज्यों में भारी बारिश ने आफत मचा दी है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले 4-5 दिनों में देश के अधिकांश हिस्सों में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो जाएगा।
उत्तर भारत के बड़े हिस्सों में गर्मी और उमस से परेशान लोगों को बारिश की संभावना ने राहत दी है, लेकिन इसके साथ ही बिजली गिरने और जलजमाव जैसी समस्याओं ने चिंता भी बढ़ा दी है।
राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SDMA) ने लोगों से आग्रह किया है कि वे
• बिना जरूरत घर से बाहर न निकलें
• खुले स्थानों में मोबाइल फोन का इस्तेमाल न करें
• पेड़ के नीचे खड़े होने से बचें
• बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सतर्क रहें
29 जून से शुरू होने वाली बारिश उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों के लिए एक नई चुनौती लेकर आ सकती है। जहां लोगों को गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है, वहीं बिजली गिरने, बाढ़ और जलभराव जैसी समस्याएं मुसीबत बन सकती हैं।
मौसम की हर छोटी-बड़ी गतिविधि पर नजर रखना और सतर्क रहना ही सबसे बड़ी सुरक्षा है। मौसम विभाग की सलाह मानें, खुद सुरक्षित रहें और दूसरों को भी सतर्क करें।
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