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Bihar Election 2025: Before Bihar elections, Tejashwi questions the Election Commission on the issue of the po
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Bihar Election 2025 : बिहार चुनाव से पहले गरीबों के मुद्दे पर तेजस्वी ने चुनाव आयोग पर दागे सवाल!
वीडियो डेस्क, अमर उजाला डॉट कॉम Published by: भास्कर तिवारी Updated Fri, 27 Jun 2025 11:00 PM IST
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राष्ट्रीय जनता दल के नेता और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने शुक्रवार को पटना में हुई एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में चुनाव आयोग पर बरसते हुए कहा कि बिहार में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले वोटर लिस्ट के विशेष पुनरीक्षण की घोषणा एक 'साजिश' है, जिसका मकसद गरीबों, दलितों और अल्पसंख्यकों का वोटिंग का अधिकार छीनना है। तेजस्वी ने इस साजिश में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और केंद्र की बीजेपी सरकार को भी शामिल बताया।
बिहार में अक्टूबर-नवंबर 2025 में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। इस बीच, इलेक्शन कमीशन ने 24 जून 2025 को बिहार में वोटर लिस्ट के विशेष पुनरीक्षण का ऐलान किया। इस प्रक्रिया में बूथ लेवल ऑफिसर घर-घर जाकर वोटरों की जानकारी और दस्तावेजों की जांच करेंगे। आखिरी बार ऐसा पुनरीक्षण 2003 में हुआ था, जो 2 साल तक चला था। इस बार कमीशन ने सिर्फ 25 दिनों में 8 करोड़ वोटरों की सूची तैयार करने का लक्ष्य रखा है, जिसे तेजस्वी ने 'असंभव' और 'संदिग्ध' बताया है। तेजस्वी यादव ने दावा किया कि बिहार में चुनाव आयोग 8 करोड़ मतदाताओं की मौजूदा वोटर लिस्ट को हटाकर एक नई लिस्ट तैयार करने की प्रक्रिया में जुटा है. उन्होंने कहा, यह बेहद खतरनाक साजिश है. भाजपा को बिहार में अपनी हार साफ दिख रही है, इसलिए वह लोकतांत्रिक व्यवस्था को ही कमजोर करने में लगी है. गरीबों, मजदूरों और दलितों के नाम वोटर लिस्ट से हटाने की कोशिश की जा रही है
दीपांकर भट्टाचार्य ने कहा कि इस समय में नए सिरे से मतदाता सूची से कोई मतलब नहीं है. इसमें पहले मतदाता का पहले चुनाव किया जाएगा. यह मतदाता का चुनने का काम चुनाव आयोग का नहीं है. चुनाव आयोग का काम है कि 18 साल से ऊपर का कोई मतदाता नहीं रह जाए. उन्होंने कहा कि इससे बड़ा संविधान की हत्या क्या हो सकता है? संविधान हत्या का सबसे बड़ा कदम चुनाव आयोग के जरिए उठाया जा रहा है. प्रेस कॉन्फ्रेंस में महागठबंधन के अन्य नेताओं ने भी एक स्वर में भाजपा और चुनाव आयोग पर पक्षपात का आरोप लगाया। नेताओं ने कहा कि यदि मौजूदा वोटर लिस्ट को हटाकर नई लिस्ट बनाई जाती है, तो इससे लाखों लोगों के नाम कट सकते हैं, जिससे निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव संभव नहीं होगा.महागठबंधन ने चेतावनी दी कि यदि आयोग ने इस दिशा में कोई कदम उठाया तो सड़कों पर आंदोलन किया जाएगा। नेताओं ने चुनाव आयोग से मांग की कि वह इस प्रक्रिया को तुरंत रोके और पारदर्शिता सुनिश्चित करे.
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