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IAS Tina Dabi Video on Republic Day: IAS Tina Dabi got trolled for giving the 'wrong' salute on Republic Day!
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IAS Tina Dabi Video on Republic Day: गणतंत्र दिवस पर 'गलत' सलामी देकर IAS टीना डाबी जमकर हुईं ट्रोल!
वीडियो डेस्क, अमर उजाला डॉट कॉम Published by: भास्कर तिवारी Updated Wed, 28 Jan 2026 02:30 AM IST
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गणतंत्र दिवस के अवसर पर आईएएस अधिकारी टीना डाबी को लेकर सोशल मीडिया पर “गलत सलामी” देने का दावा करते हुए एक विवाद सामने आया, जिसने देखते ही देखते सार्वजनिक चर्चा का रूप ले लिया। कुछ वायरल वीडियो और तस्वीरों के आधार पर यह आरोप लगाया गया कि परेड या ध्वजारोहण कार्यक्रम के दौरान उन्होंने सलामी देने में प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया। हालांकि, इस तरह के दावों की सत्यता को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई, लेकिन सोशल मीडिया पर यह विषय तेजी से फैल गया और लोगों की प्रतिक्रियाएँ बँटती नज़र आईं। एक वर्ग ने बिना पूरे संदर्भ को समझे आलोचना शुरू कर दी, जबकि कई लोगों ने इसे वीडियो के कोण, टाइमिंग या अधूरी जानकारी का परिणाम बताया। प्रशासनिक अधिकारियों के सार्वजनिक कार्यक्रमों में कैमरे के फ्रेम, पलभर की देरी या किसी अलग प्रोटोकॉल के कारण अक्सर ऐसी गलतफहमियाँ पैदा हो जाती हैं, जिन्हें बाद में “गलत” कहकर पेश किया जाता है।
टीना डाबी देश की जानी-मानी आईएएस अधिकारी हैं और अपने प्रशासनिक कार्यों, पारदर्शिता और जनसेवा के लिए पहचानी जाती रही हैं। ऐसे में गणतंत्र दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व पर उनके प्रति लगाए गए आरोपों ने यह सवाल भी खड़ा किया कि क्या सोशल मीडिया पर वायरल सामग्री को बिना जांचे-परखे सच मान लेना उचित है। कई विशेषज्ञों और वरिष्ठ अधिकारियों ने भी यह राय दी कि सलामी से जुड़े प्रोटोकॉल में कार्यक्रम की प्रकृति, पद, स्थान और भूमिका के अनुसार अंतर हो सकता है, और हर स्थिति में एक ही तरह की सलामी अपेक्षित नहीं होती। इसके बावजूद, ट्रोलिंग और जल्दबाज़ी में निष्कर्ष निकालने की प्रवृत्ति ने मामले को और तूल दिया।
यह विवाद दरअसल हमारे डिजिटल दौर की उस समस्या को उजागर करता है, जहाँ किसी भी सार्वजनिक व्यक्ति की एक झलक या कुछ सेकंड का वीडियो पूरे व्यक्तित्व पर सवाल खड़े करने के लिए काफी मान लिया जाता है। गणतंत्र दिवस जैसे गरिमामय अवसर पर ध्यान राष्ट्र की एकता, संविधान के मूल्यों और लोकतांत्रिक परंपराओं पर होना चाहिए, न कि अपुष्ट दावों और विवादों पर। कुल मिलाकर, टीना डाबी से जुड़ा यह कथित “गलत सलामी” प्रकरण हमें यह सीख देता है कि किसी भी जानकारी को साझा या स्वीकार करने से पहले उसके तथ्यों, संदर्भ और आधिकारिक पक्ष को समझना आवश्यक है, ताकि सम्मान और सत्य दोनों की रक्षा की जा सके।
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