विपक्षी INDIA गठबंधन की अहम बैठक से एक दिन पहले तृणमूल कांग्रेस के भीतर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी रविवार को दिल्ली पहुंच गईं, जबकि पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी एक दिन पहले ही राष्ट्रीय राजधानी पहुंच चुके थे। ऐसे समय में ममता का दिल्ली दौरा बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जब पार्टी के भीतर असंतोष और संभावित बगावत की चर्चाएं लगातार जोर पकड़ रही हैं।
ममता बनर्जी के साथ राज्यसभा सांसद डोला सेन और वरिष्ठ लोकसभा सांसद कल्याण बनर्जी भी दिल्ली पहुंचे हैं। सूत्रों के मुताबिक, INDIA गठबंधन की बैठक से पहले तृणमूल कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व पार्टी के भीतर पैदा हुए हालात का आकलन करने और संगठन को एकजुट रखने की रणनीति पर चर्चा करेगा। पार्टी को आशंका है कि विधानसभा में सामने आई बगावत जैसी स्थिति संसदीय दल तक भी पहुंच सकती है।
दरअसल, पिछले सप्ताह पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम तब सामने आया, जब तृणमूल कांग्रेस के 80 में से 58 विधायक पार्टी के आधिकारिक विधायी दल से अलग हो गए। निष्कासित विधायक ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले इस समूह को विधानसभा में प्रमुख विपक्षी दल के रूप में मान्यता भी मिल गई। इसे ममता बनर्जी के राजनीतिक करियर के सबसे बड़े झटकों में से एक माना जा रहा है।
अब इसी घटनाक्रम की आंच संसद तक पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। राजनीतिक सूत्रों का दावा है कि लोकसभा और राज्यसभा में भी कुछ सांसदों को अपने पक्ष में करने की कोशिशें जारी हैं। इसी वजह से दिल्ली में ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी की मौजूदगी को बेहद अहम माना जा रहा है। माना जा रहा है कि दोनों नेता सांसदों के साथ अलग-अलग दौर की बैठकें कर सकते हैं और पार्टी में एकजुटता बनाए रखने का संदेश देंगे।
बागी विधायक और नए विधायी दल के उपनेता संदीपन साहा ने दावा किया है कि विधानसभा के बाद अब संसदीय दल में भी असंतोष बढ़ रहा है। उनका कहना है कि पश्चिम बंगाल विधानसभा जैसा घटनाक्रम नई दिल्ली में भी देखने को मिल सकता है। विधानसभा चुनाव में पार्टी की हार के बाद कई नेताओं ने खुलकर अभिषेक बनर्जी की कार्यशैली और नेतृत्व पर सवाल उठाए हैं, जिससे अंदरूनी मतभेद और गहरे होते दिखाई दे रहे हैं।
संसदीय गणित की बात करें तो बसीरहाट से सांसद हाजी नुरुल इस्लाम के निधन के बाद लोकसभा में तृणमूल कांग्रेस के सांसदों की संख्या घटकर 28 रह गई है। दल-बदल विरोधी कानून के तहत किसी अलग संसदीय समूह को मान्यता प्राप्त करने के लिए कम से कम दो-तिहाई सांसदों का समर्थन आवश्यक होता है। मौजूदा स्थिति में यह आंकड़ा 19 सांसदों का बनता है। वहीं राज्यसभा में पार्टी के 13 सांसद हैं। ऐसे में किसी भी संभावित टूट की चर्चा राजनीतिक गलियारों में खास महत्व रखती है।
इस बीच ममता बनर्जी ने रविवार को कोलकाता नगर निगम यानी केएमसी के तृणमूल पार्षदों के साथ प्रस्तावित अहम बैठक भी रद्द कर दी। यह बैठक कोलकाता के तृणमूल भवन में आयोजित होने वाली थी और पार्षदों को पहले ही इसमें शामिल होने के निर्देश दिए गए थे। हालांकि बैठक रद्द करने के पीछे की वजह आधिकारिक तौर पर नहीं बताई गई है।
केएमसी की बैठक रद्द होने को भी मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों से जोड़कर देखा जा रहा है। दरअसल, पश्चिम बंगाल के पूर्व नगर विकास मंत्री और कोलकाता के पूर्व मेयर फिरहाद हकीम के इस्तीफे के बाद राजनीतिक समीकरण तेजी से बदले हैं। इसी बीच मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली नई राज्य सरकार ने केएमसी अधिकारियों को नोटिस जारी कर यह बताने को कहा है कि मेयर के इस्तीफे के बाद तृणमूल कांग्रेस के नियंत्रण वाले नगर निगम बोर्ड को क्यों न भंग कर दिया जाए।
ऐसे में INDIA गठबंधन की बैठक से पहले तृणमूल कांग्रेस दोहरी चुनौती का सामना करती दिखाई दे रही है। एक तरफ पार्टी को राष्ट्रीय स्तर पर विपक्षी राजनीति में अपनी भूमिका मजबूत रखनी है, तो दूसरी तरफ संगठन के भीतर बढ़ते असंतोष और संभावित बगावत को भी संभालना है। अब सबकी निगाहें दिल्ली में होने वाली बैठकों और ममता बनर्जी की अगली राजनीतिक रणनीति पर टिकी हैं।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
अमर उजाला प्रीमियम वीडियो सिर्फ सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध है
प्रीमियम वीडियो
सभी विशेष आलेख
फ्री इ-पेपर
सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।