बुरहानपुर में SIR प्रक्रिया के दौरान सामने आई कथित फर्जी आपत्तियों ने सियासी माहौल गर्मा दिया है। कांग्रेस ने इसे सुनियोजित राजनीतिक साजिश करार देते हुए शिकारपुरा थाने का घेराव किया और दोषियों पर एफआईआर दर्ज करने की मांग की। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि नगर निगम के निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को बदनाम करने और प्रशासनिक प्रक्रिया को बाधित करने के उद्देश्य से झूठी आपत्तियां दर्ज कराई गईं। इस मामले में पांच बार के पार्षद इस्माइल अंसारी और उनके बड़े भाई के नाम पर भी फर्जी आपत्ति लगाए जाने का आरोप है।
इस्माइल अंसारी पिछले 25 वर्षों से नगर निगम में पार्षद हैं और उनकी पहचान, निवास व सेवाओं को लेकर कभी कोई विवाद नहीं रहा। इसके बावजूद उनके नाम पर आपत्ति दर्ज होना कई सवाल खड़े करता है। कांग्रेस के पूर्व प्रदेश महासचिव अजय रघुवंशी, पार्षद इस्माइल अंसारी और पूर्व उपनेता प्रतिपक्ष अमर यादव शिकारपुरा थाने पहुंचे और पूरे मामले को लेकर औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। नेताओं ने मांग की कि फर्जी आपत्ति दर्ज कराने वालों पर शासकीय कार्य में बाधा, षड्यंत्र और जालसाजी की धाराओं में प्रकरण दर्ज किया जाए।
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कांग्रेस का दावा है कि शहर के कुल आठ पार्षदों के नामों पर आपत्तियां दर्ज कराई गई हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि यह किसी एक व्यक्ति को नहीं बल्कि संगठित रूप से चुने हुए जनप्रतिनिधियों को निशाना बनाने का प्रयास है। पार्टी ने आरोप लगाया कि इस तरह की कार्रवाइयों से लोकतांत्रिक प्रक्रिया को कमजोर किया जा रहा है।
इस्माइल अंसारी, पार्षद ने कहा कि 25 वर्षों की सार्वजनिक सेवा के बावजूद मेरे नाम पर फर्जी आपत्ति लगाई गई है, जो पूरी तरह दुर्भावनापूर्ण है। वहीं पूर्व प्रदेश महासचिव अजय रघुवंशी ने कहा कि यह एक सुनियोजित साजिश है। यदि दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं की गई तो कांग्रेस आंदोलन के लिए मजबूर होगी। कांग्रेस ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच और दोषियों पर तत्काल कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
कांग्रेस नेताओं ने शिकारपुरा थाने पहुंचकर दर्ज कराई शिकायत