बुरहानपुर जिला मुख्यालय से सटे ग्राम चाकबारा में बीते दिन लगी भीषण आग ने ऐसा कहर बरपाया कि दो सगे भाइयों की पूरी गृहस्थी पल भर में राख के ढेर में बदल गई। शॉर्ट सर्किट से भड़की आग ने योगेश सीताराम महाजन और रवींद्र राजाराम महाजन के मकानों को पूरी तरह अपनी चपेट में ले लिया। राहत की बात यह रही कि इस भयावह हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन आर्थिक रूप से परिवार पूरी तरह टूट चुका है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग इतनी तेजी से फैली कि घर के सदस्यों को संभलने तक का अवसर नहीं मिला। देखते ही देखते लपटों ने पूरे मकान को घेर लिया और धुएं का गुबार आसमान तक उठने लगा। आग की भयावहता देखकर गांव के लोग तत्काल मौके पर पहुंचे और अपने स्तर पर आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। बाल्टियों, टंकियों और पाइपों के जरिए ग्रामीणों ने घंटों मशक्कत की।
हालांकि जब तक आग पर काबू पाया गया, तब तक घर के भीतर रखा सारा सामान जलकर खाक हो चुका था। साल भर का अनाज, जरूरी दस्तावेज, कपड़े, बर्तन, फर्नीचर और रोजमर्रा की हर आवश्यक वस्तु राख में तब्दील हो गई। परिवार के सदस्यों की आंखों के सामने उनकी बरसों की मेहनत जलती रही और वे बेबस होकर देखते रह गए।
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इस अग्निकांड ने दोनों परिवारों के सामने जीवन-यापन का गंभीर संकट खड़ा कर दिया है। पीड़ितों का कहना है कि अब उनके पास पहनने के लिए कपड़े तक नहीं बचे हैं। रहने का ठिकाना समाप्त हो चुका है और खुले आसमान के नीचे रात गुजारने की नौबत आ गई है। ग्रामवासियों ने मानवीय संवेदना दिखाते हुए तत्काल मदद पहुंचाई है, लेकिन घर दोबारा बसाने के लिए यह सहायता अपर्याप्त साबित हो रही है।
महाजन परिवार ने शासन-प्रशासन से उचित मुआवजा और त्वरित आर्थिक सहायता की मांग की है। ग्रामीणों ने भी अपील की है कि पटवारी और संबंधित अधिकारी मौके पर पहुंचकर नुकसान का आकलन करें, ताकि पीड़ित भाइयों को जल्द राहत मिल सके।