दमोह में मिशन अस्पताल में हुई सात मौतों के मामले में अस्पताल प्रबंधन समिति के एक आरोपी विजय लैंबर्ट को उत्तराखंड से गिरफ्तार किया गया। उसे दमोह लाया गया । फिलहाल इस मामले में सात आरोपी अभी भी फरार चल रहे हैं जिनकी पुलिस तलाश कर रही हैं। एक आरोपी असीम न्यूटन जमानत पर है।
इसी मामले में फर्जी डॉक्टर के आरोप झेल रहे डॉक्टर एनजॉन केम को भी पुलिस ने यूपी से हिरासत में लिया था जो फिलहाल जेल में है। पुलिस इस मामले में चालान भी पेश कर चुकी है। जो फरार आरोपी है उन पर दमोह एसपी श्रुतकीर्ति सोमवंशी ने तीन 3- 3 हजार रुपए का इनाम भी घोषित किया है। सात आरोपी अभी भी फरार हैं।
दमोह सीएसपी एचआर पांडे ने बताया कि मिशन अस्पताल के फर्जी कैथ लैब मामले में मिशन अस्पताल प्रबंधन समिति से जुड़े सदस्यों में से एक आरोपी विजय लैंबर्ट को गिरफ्तार कर लिया गया। न्यायालय में पेश किया गया है। बाकी आरोपियों की तलाश की जा रही है।
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अप्रैल 2025 महीने में हुआ था खुलासा
आपको बता दें कि मिशन अस्पताल में एंजियोग्राफी के दौरान 7 मरीजों की मौत हुई थी जिसका खुलासा अप्रैल महीने में हुआ था। जिसके बाद मामले ने तूल पकड़ा था । पूरे प्रदेश में यह मामला गर्माया था। सरकार की ओर से कार्रवाई हुई तो अस्पताल का लाइसेंस भी निलंबित कर दिया गया। मामले की जांच हुई तो पता चला कि एंजियोग्राफी करने वाला डॉक्टर एनजॉन केम उर्फ नरेंद्र यादव फर्जी डिग्री के तहत यहां पर नौकरी कर रहा था, जिसे मिशन अस्पताल की प्रबंध समिति ने अप्रूव किया था। वर्तमान में इस मामले से जुड़े मिशन अस्पताल प्रबंधन समिति के आरोपी फ्रैंक हैरिसन, इंदु लाल, जीवन मैसी, रोशन प्रसाद, कदीर युसूफ, डॉ अजय लाल और संजू लैंबर्ट फरार चल रहे हैं।