कटनी में करोड़ों रुपये की शासकीय भूमि पर अवैध कब्जे का मामला अब एक वायरल वीडियो समाने आने के बाद मुद्दा गरमा गया है। दरअसल, सरकारी जमीन पर कब्जे के आरोपों में घिरे बीजेपी नेता और स्कूल अध्यक्ष राजू माखीजा का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
वीडियो में वह जमीन के दस्तावेजों को लेकर पूछे गए सवालों का सीधा जवाब देने से बचते नजर आते हैं, वहीं राजस्व रिकॉर्ड दुरुस्त न होने के पीछे पटवारी द्वारा तीन हजार रुपये मांगने का दावा करते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों से लेकर प्रशासनिक अमले तक हलचल बढ़ गई है।
जानकारी के मुताबिक माधवनगर स्थित कुंदनदास स्कूल से लगी करोड़ों मूल्य की भूमि पर स्कूल प्रबंधन से जुड़े बीजेपी नेता एवं पार्षद पति राजू माखीजा ने शासकीय भूमि को स्कूल की संपत्ति बताकर कब्जे में ले रखा है। इतना ही नहीं जमीन के एक हिस्से का उपयोग नर्सरी संचालन और निर्माण गतिविधियों के लिए किए जाने की भी शिकायतें सामने आई हैं।
इसी बीच सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो ने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया है। दरअसल मीडिया द्वारा जमीन के स्वामित्व और रिकॉर्ड संबंधी दस्तावेज मांगे जाने पर राजू माखीजा कोई स्पष्ट दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। बातचीत के दौरान उन्होंने दावा किया कि जमीन खेल विभाग द्वारा दान में मिली थी लेकिन रिकॉर्ड स्कूल के नाम इसलिए दर्ज नहीं हो पाया क्योंकि पटवारी ने तीन हजार रुपए की मांग की थी। उनका यह बयान अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
वीडियो सामने आने के बाद कई सवाल खड़े हो गए हैं। क्योंकि खेल विभाग ने किसी भी बेशकीमती जमीन को दान देने से इनकार किया है। ऐसे बीजेपी नेता और समाज के जनप्रतिनिधि के रूप में काम करने वाले पार्षद पति राजू माखीजा द्वारा शासकीय जमीन पर अवैध कब्जा किया है। यही वजह है कि अब यह मामला केवल कब्जे के आरोपों तक सीमित नहीं रह गया बल्कि राजस्व रिकॉर्ड और प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं। वही मामले की गूंज राजनीतिक स्तर तक पहुंच गई है।
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हाल ही में कटनी पहुंचे रहे खजुराहो सांसद एवं पूर्व बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष वीडी शर्मा ने स्पष्ट कहा था कि शासकीय भूमि पर कब्जा करने वाला भाजपा का कार्यकर्ता हो ही नहीं सकता। उन्होंने कहा कि दोषी कोई भी हो, प्रशासन निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई करेगा। फिलहाल अब करोड़ों की इस जमीन पर कब्जे और रिश्वत देने वाले कथित वायरल वीडियो के बाद प्रशासन इस पर क्या कार्रवाई करेगा ये देखना बाकी है।