{"_id":"6a3389b2099993376002a3d7","slug":"video-five-punjabi-youths-stranded-in-lebanon-return-home-thanks-to-khalsa-aids-efforts-2026-06-18","type":"video","status":"publish","title_hn":"खालसा एड के प्रयासों से लेबनान में फंसे पांच पंजाबी युवकों की वतन वापसी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खालसा एड के प्रयासों से लेबनान में फंसे पांच पंजाबी युवकों की वतन वापसी
मानवता की सेवा के लिए दुनिया भर में पहचान बना चुकी खालसा एड ने एक बार फिर अपनी प्रतिबद्धता साबित करते हुए लेबनान में फंसे पंजाब के पांच युवकों को सुरक्षित भारत वापस लाने में अहम भूमिका निभाई है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण लेबनान में हालात लगातार अस्थिर होते जा रहे थे, जिसके चलते ये युवक वहां फंस गए थे और लंबे समय से अपने घर लौटने का इंतजार कर रहे थे।खालसा एड ने इस संवेदनशील मामले को प्राथमिकता देते हुए भारत सरकार, पूर्व विदेश सचिव एवं वर्तमान राज्यपाल तरनजीत सिंह संधू तथा बेरुत स्थित भारतीय दूतावास के साथ समन्वय स्थापित किया। सभी आवश्यक कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रियाएं पूरी करने के बाद इन युवकों की सुरक्षित वतन वापसी सुनिश्चित की गई। खालसा एड के ट्रस्टी जसप्रीत सिंह दाहिया ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बताया कि सुरक्षित लौटने वाले युवकों में करम सिंह और जसप्रीत सिंह (पटियाला), दलबीर सिंह और हरजिंदर कुमार (जालंधर) तथा विचित्र सिंह (होशियारपुर) शामिल हैं। अंतरराष्ट्रीय तनाव के कारण ये सभी युवक बेहद कठिन परिस्थितियों में जीवन गुजार रहे थे और अपने परिवारों से मिलने की उम्मीद लगभग छोड़ चुके थे।
जसप्रीत सिंह दाहिया ने बताया कि युवकों की परेशानी सामने आते ही खालसा एड के प्रमुख रवि सिंह ने मामले को गंभीरता से लिया। इसके बाद उन्होंने तुरंत तरनजीत सिंह संधू से संपर्क किया। उनके सहयोग से भारत सरकार और बेरुत स्थित भारतीय दूतावास के बीच आवश्यक तालमेल स्थापित हुआ, जिससे युवकों की सुरक्षित वापसी का रास्ता साफ हो सका। इस अवसर पर जसप्रीत सिंह दाहिया ने कहा कि खालसा एड का उद्देश्य केवल राहत सामग्री पहुंचाना नहीं, बल्कि संकट में फंसे लोगों को सुरक्षा, सम्मान और नई उम्मीद देना है। उन्होंने बताया कि खालसा एड आज दुनिया के 50 से अधिक देशों में प्राकृतिक आपदाओं, युद्ध और अन्य मानवीय संकटों के दौरान बिना किसी भेदभाव के सेवा कार्य कर रही है।
भारत पहुंचने के बाद सभी युवकों और उनके परिजनों की आंखों में खुशी के आंसू छलक पड़े। युवकों ने खालसा एड, रवि सिंह, जसप्रीत सिंह दाहिया, भारतीय दूतावास और तरनजीत सिंह संधू का आभार जताते हुए कहा कि समय पर मिली मदद ने उन्हें नई जिंदगी दी है। उन्होंने बताया कि लेबनान के तनावपूर्ण माहौल में वे मानसिक रूप से टूट चुके थे, लेकिन खालसा एड के प्रयासों ने उनका हौसला बनाए रखा।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
अमर उजाला प्रीमियम वीडियो सिर्फ सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध है
प्रीमियम वीडियो
सभी विशेष आलेख
फ्री इ-पेपर
सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।