पंजाब में सियासी घमासान की पूरी तैयारी हो चुकी है। तीन प्रमुख दलों में से कुछ ने अपने मुख्यमंत्री चेहरों का ऐलान भी कर दिया है। ऐसे में सवाल यह है कि कांग्रेस, अकाली दल आम आदमी पार्टी में से कौन पंजाब की धरती पर अपना परचम लहराएगा और किसको जनता पसंद करेगी। आम आदमी पार्टी ने जहां भगवंत मान पर भरोसा दिखाया है वहीं कांग्रेस आलाकमान ने चन्नी के ही नाम के साथ आगे बढ़ने के संकेत दिए हैं। अकाली दल सुखबीर सिंह बादल को सबसे बड़ा नेता और मुख्यमंत्री पद का दावेदार मानती है।
चरणजीत सिंह चन्नी की बात करें तो दलित वोटरों का 32% का आंकड़ा होने का फायदा चरणजीत सिंह चन्नी को मिल सकता है। इसके अलावा 100 दिन के कार्यकाल में उनके निर्णयों की चर्चा भी उनके लिए फायदेमंद साबित हो सकती है। इधर भगवंत मान पंजाब में अपनी कॉमेडी की वजह से पहले ही काफी लोकप्रिय रहे हैं भ्रष्टाचार का एक भी आरोप इन पर नहीं है। इसका फायदा भी इन्हें निश्चित तौर पर मिलेगा।
अकाली दल के सुखबीर सिंह बादल बड़े सिख नेता है और प्रशासन का भी उन्हें खासा अनुभव है। कृषि कानून के खिलाफ जाकर भाजपा का साथ छोड़ने पर भी किसानों का भरोसा उन पर बढ़ गया था। सोशल मीडिया पर भी 23 लाख से ज्यादा फॉलोअर हैं और ट्विटर पर भी आंकड़ा चार लाख से ऊपर फॉलोवर्स का है। निश्चित तौर पर उनकी लोकप्रियता अकाली दल को फायदा पहुंचाएगी।
यह तो तय है कि इन्हीं तीनों दलों में किसी की सरकार पंजाब में बनती दिखेगी और बीजेपी अपना दांव चुनाव परिणामों के बाद खेलेगी क्यों कैप्टन अमरिंदर और शिरोमणि अकाली दल बड़े दल और बहुमत के रुप में परिणामों में दिखेंगे ऐसा संभव नहीं है। इसलिए इन तीनों ही बड़े दलों ने जिन नामों को आगे किया है देखना यह है कि पंजाब की जनता इनमें से किस पर अपना भरोसा दिखाती है।