बहुजन समाज पार्टी के कार्यकर्ताओ ने एकत्रित होकर शुक्रवार को अलवर शहर के प्रताप ऑडिटोरियम से लेकर मिनी सचिवालय गेट तक केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के विरोध में रैली निकाली और अमित शाह का पुतला दहन किया। वहीं, उनके मुर्दाबाद के नारे लगाए और उनके इस्तीफे की मांग की।
जानकारी के अनुसार, जिलाध्यक्ष बाबूलाल बौद्ध ने बताया कि पार्लियामेंट में संविधान के 75 साल होने के अवसर पर सदन में संविधान पर जो चर्चा चल रही थी। इस मौके पर देश के गृहमंत्री अमित शाह द्वारा बाबा साहब भीमराव आंबेडकर पर की गई अशोभनीय टिप्पणी की बहुजन समाज पार्टी कड़े शब्दों में निंदा करती है। यह मांग करती है कि अमित शाह को तुरंत अपने द्वारा की गई टिप्पणी के लिए देश से माफी मांगनी चाहिए। क्योंकि उनके इन शब्दों से करोड़ों बाबा साहब के अनुयायियों की भावनाओं को ठेस पहुंची है। वरना यह साबित हो जाएगा कि भारतीय जनता पार्टी और भाजपा के नेताओं की मानसिकता व सोच पूरी तरह जातिवादी है और न तो वह संविधान में विश्वास रखते हैं और न ही दलित समाज के प्रति उनकी मानसिकता बदली है।
भाजपा भी जिस तरह कांग्रेस ने बाबा साहब का अपमान किया, उसी राह पर है। बाबा साहब डॉ. बीआर आंबेडकर की बदौलत ही दलित, मुस्लिम, पिछड़े और महिलाओं को सम्मान से जीने का हक और अधिकार मिला है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने जो कहा कि आज कल देश में फैशन हो गया है, आंबेडकर, आंबेडकर, आंबेडकर बोलने का। अगर इतना भगवान का नाम लेते तो स्वर्ग में चले जाते, जो बेहद आपत्तिजनक है। उनको अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए, जिसके लिए आज बसपा ने अलवर के प्रताप ऑडिटोरियम से मिनी सचिवालय तक रैली निकाली और आखिर में उनका पुतला दहन किया गया और राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा गया।