बालोतरा जिले के कल्याणपुर क्षेत्र से पर्यावरण को झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। कोरना से चादराई जाने वाले सड़क मार्ग पर अज्ञात लोगों द्वारा खेजड़ी के दर्जनों हरे-भरे पेड़ों को काट दिया गया। जब स्थानीय ग्रामीणों को इस घटना की जानकारी मिली तो क्षेत्र में आक्रोश फैल गया और बड़ी संख्या में लोग मौके पर एकत्रित हो गए।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सड़क किनारे वर्षों पुराने खेजड़ी के पेड़ धराशायी मिले। कई पेड़ों को जड़ों के पास से काटा गया था, जिससे साफ प्रतीत होता है कि यह सुनियोजित तरीके से की गई कटाई है। ग्रामीणों का कहना है कि ये पेड़ सिर्फ हरियाली का प्रतीक नहीं थे, बल्कि मरुस्थलीय जीवन का आधार भी थे। खेजड़ी का पेड़ पशुओं के चारे, छाया और मिट्टी संरक्षण में अहम भूमिका निभाता है।
पर्यावरण प्रेमियों ने जताई गहरी चिंता
घटना की सूचना मिलते ही क्षेत्र के पर्यावरण प्रेमी और सामाजिक कार्यकर्ता भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने इसे प्राकृतिक संसाधनों के साथ गंभीर खिलवाड़ बताया। उनका कहना है कि मरुस्थल में हर पेड़ का महत्व कई गुना अधिक होता है, क्योंकि यहां हरियाली सीमित है। ऐसे में दर्जनों पेड़ों की कटाई भविष्य के लिए गंभीर संकेत है।
ग्रामीणों ने बताया कि खेजड़ी हमारे यहां की पहचान है। यह पेड़ न केवल पर्यावरण संतुलन बनाए रखता है, बल्कि अकाल और सूखे के समय भी जीवनदाता साबित होता है। इसे इस तरह काट देना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
प्रशासन मौके पर, जांच शुरू
घटना की जानकारी प्रशासन तक पहुंचने पर संबंधित अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने पूरे क्षेत्र का निरीक्षण किया और कटे हुए पेड़ों की संख्या व स्थिति का आकलन किया। प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि पेड़ों की कटाई किसके निर्देश पर और किस उद्देश्य से की गई। प्रशासनिक अधिकारियों ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया है कि दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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आंदोलन की चेतावनी
ग्रामीणों ने साफ कहा है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन करेंगे। उनका कहना है कि क्षेत्र में पहले ही हरियाली कम है और यदि इस तरह पेड़ों की अवैध कटाई जारी रही तो आने वाले समय में पर्यावरणीय संकट और गहरा जाएगा। स्थानीय लोगों ने यह भी मांग की है कि जहां पेड़ों की कटाई हुई है, वहां नए पौधे लगाए जाएं और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए निगरानी तंत्र मजबूत किया जाए।
खेजड़ी का महत्व
खेजड़ी का पेड़ राजस्थान के मरुस्थलीय क्षेत्रों में जीवनरेखा माना जाता है। इसकी पत्तियां पशुओं के लिए पौष्टिक चारा हैं, जबकि इसकी जड़ें मिट्टी को कटाव से बचाती हैं। यही कारण है कि इसे यहां की सांस्कृतिक और पर्यावरणीय विरासत का हिस्सा माना जाता है। फिलहाल प्रशासन पूरे मामले की गहन जांच में जुटा है।