बारां जिले के छबड़ा–मोतीपुरा थर्मल पावर प्लांट में कार्यरत मजदूर की मौत के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया। शनिवार को थर्मल प्लांट में काम कर रहे मजदूर राजू मीणा की मौत हो गई। राजू मीणा निजी कंपनी एलसीपीएल के माध्यम से थर्मल पावर प्लांट में कार्यरत था। मजदूर संघ का आरोप है कि ड्यूटी के दौरान उसकी तबीयत बिगड़ने पर समय पर इलाज और एंबुलेंस की सुविधा उपलब्ध नहीं कराई गई, जिससे उसकी जान चली गई।
रविवार को मुख्य गेट पर धरना प्रदर्शन
मजदूर की मौत से आक्रोशित श्रमिकों ने रविवार को थर्मल पावर प्लांट के मुख्य गेट के बाहर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शन कर रहे मजदूरों का कहना है कि यदि समय रहते उचित चिकित्सा सुविधा दी जाती तो राजू मीणा की जान बचाई जा सकती थी। उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम के लिए ठेका कंपनी और प्लांट प्रशासन को जिम्मेदार ठहराते हुए गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं।
मुआवजा और वैधानिक लाभ की मांग
धरने पर बैठे मजदूरों ने मृतक राजू मीणा के परिजनों को 50 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग की है। इसके साथ ही ईएसआईसी के माध्यम से पारिवारिक पेंशन, पीएफ की राशि का भुगतान और सभी वैधानिक लाभ तत्काल दिलाने की भी मांग रखी गई है। मजदूरों का कहना है कि मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
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प्रशासन ने संभाली स्थिति, जांच का आश्वासन
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मौके पर डीएसपी ताराचंद पहुंचे और मजदूरों से समझाइश का प्रयास किया। प्रशासन की ओर से कहा गया है कि पूरे मामले की जांच की जाएगी और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। फिलहाल मजदूर अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं और थर्मल गेट के बाहर धरना जारी है।