भीलवाड़ा शहर में कानून-व्यवस्था को खुली चुनौती देने वाली एक सनसनीखेज घटना सामने आई है। बुधवार देर शाम जिला पुलिस अधीक्षक (एसपी) के बंगले के ठीक सामने, महज 50 मीटर की दूरी पर एक युवती का सरेआम अपहरण कर लिया गया। कलेक्ट्रेट परिसर और एसपी कार्यालय जैसे अति संवेदनशील क्षेत्र में हुई इस वारदात ने पुलिस सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ब्लैक स्कॉर्पियो में सवार बदमाशों ने युवती को जबरन गाड़ी में डाला और तेज रफ्तार में फरार हो गए। इस दौरान उन्हें रोकने की कोशिश कर रहे पुलिसकर्मियों को कुचलने का प्रयास भी किया गया।
जानकारी के अनुसार, युवती ने पांच दिन पहले घर से भागकर लखमणियास निवासी गोपाल जाट के साथ मंदिर में शादी की थी और दोनों लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहे थे। इस विवाह से युवती का पीहर पक्ष नाराज था। हालात इतने बिगड़ गए थे कि युवती ने अपने ही परिजनों से जान का खतरा बताते हुए एक शपथ पत्र तैयार कराया था। इसी शपथ पत्र के साथ वह अपने पति के साथ बयान दर्ज कराने एसपी कार्यालय पहुंची थी।
बताया गया कि बयान दर्ज कराने के बाद जैसे ही दंपती एसपी कार्यालय से बाहर निकले, तभी अचानक एक ब्लैक स्कॉर्पियो वहां आकर रुकी। गाड़ी में सवार लोगों ने बिना किसी डर के युवती को जबरन पकड़कर खींचा और उसे गाड़ी में डाल लिया। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने तुरंत वाहन को रोकने का प्रयास किया, लेकिन बदमाशों ने गाड़ी नहीं रोकी और फरार हो गए।
विशेष शाखा में तैनात एएसआई प्रताप सिंह, महेंद्र सिंह और उदयलाल ने चलती स्कॉर्पियो के सामने खड़े होकर उसे रोकने की कोशिश की। आरोप है कि किडनैपर्स ने जानबूझकर गाड़ी की रफ्तार और तेज कर दी और पुलिसकर्मियों को कुचलने का प्रयास किया। इस दौरान एएसआई प्रताप सिंह का मोबाइल सड़क पर गिरकर टूट गया, हालांकि वे बाल-बाल बच गए। घटनास्थल पर मौजूद दो वकीलों ने भी स्कॉर्पियो को रोकने की कोशिश की, लेकिन बदमाश उन्हें चकमा देकर फरार हो गए। तेज रफ्तार वाहन ने रास्ते में एक बाइक सवार को भी कुचलने का प्रयास किया, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
युवती के ससुराल पक्ष ने आरोप लगाया है कि स्कॉर्पियो में सवार लोग युवती के पीहर पक्ष से जुड़े हुए थे। उनका कहना है कि युवक-युवती ने शादी कर ली थी, लेकिन परिवार वाले इससे नाराज थे और लगातार धमकियां दे रहे थे। इसी कारण युवती सुरक्षा की गुहार लेकर एसपी कार्यालय पहुंची थी, लेकिन वहीं से उसका अपहरण हो जाना बेहद गंभीर मामला है।
घटना के बाद जिलेभर में नाकाबंदी कर दी गई। पुलिस ने ब्लैक स्कॉर्पियो को जब्त कर लिया है। एडिशनल एसपी पारस जैन ने बताया कि युवती को सुरक्षित डिटेन कर लिया गया है और कुछ आरोपियों को हिरासत में लिया गया है। मामले में अपहरण, जानलेवा हमला और राजकार्य में बाधा डालने की धाराओं में प्रकरण दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
एसपी कार्यालय और कलेक्ट्रेट जैसे हाई-सिक्योरिटी जोन में इस तरह की घटना ने न सिर्फ पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है, बल्कि यह भी बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है कि जब कानून के रखवालों के दरवाजे पर ही कानून को चुनौती दी जाए, तो आम नागरिक खुद को कितना सुरक्षित महसूस करेगा।