यदि आप झालावाड़ के पर्यटन स्थलों की सैर करने की योजना बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए महत्वपूर्ण है। नए साल यानी 1 जनवरी 2026 से जिले के चुनिंदा पर्यटन स्थलों का प्रवेश शुल्क बढ़ा दिया गया है। इस बढ़ोतरी का असर देशी-विदेशी पर्यटकों के साथ-साथ छात्रों पर भी पड़ेगा। पुरातत्व विभाग ने झालावाड़ गढ़ परिसर स्थित म्यूजियम और विश्व धरोहर स्थल गागरोन फोर्ट पर आने वाले पर्यटकों से नया बढ़ा हुआ शुल्क वसूलना शुरू कर दिया है।
छात्रों से अब पहले की तुलना में दोगुना शुल्क लिया जा रहा है, जबकि विदेशी पर्यटकों के लिए भी शुल्क में काफी बढ़ोतरी हुई है। हालांकि जिले के कई अन्य ऐतिहासिक और दर्शनीय स्थल जैसे कोलवी की गुफाएं, दहलनपुर, सूर्य मंदिर, उल्टा मंदिर और भीमसागर स्थित महू महल अभी भी बिना शुल्क के देखे जा सकते हैं। पुरातत्व विभाग केवल म्यूजियम और गागरोन फोर्ट पर ही टिकट शुल्क ले रहा है।
झालावाड़ म्यूजियम के प्रभारी अजय कुमार ने बताया कि नया शुल्क 1 जनवरी से लागू कर दिया गया है। अब म्यूजियम में वयस्क पर्यटकों के लिए 20 रुपये से बढ़ाकर 30 रुपये किया गया है, छात्रों के लिए 10 रुपये से बढ़ाकर 20 रुपये, विदेशी वयस्कों के लिए 100 रुपये से 150 रुपये और विदेशी छात्रों के लिए 50 रुपये से 100 रुपये कर दिया गया है।
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गागरोन फोर्ट में वयस्क पर्यटकों के लिए शुल्क 55 रुपये पर अपरिवर्तित रखा गया है, जबकि छात्रों से 20 रुपये के बजाय 25 रुपये लिया जाएगा। विदेशी वयस्कों का शुल्क 200 रुपये से बढ़ाकर 250 रुपये और विदेशी छात्रों का शुल्क 50 रुपये से 100 रुपये कर दिया गया है।
पुरातत्व विभाग के अनुसार, जनवरी 2025 से दिसंबर 2025 के बीच म्यूजियम में 6,562 पर्यटकों ने टिकट लेकर भ्रमण किया, जबकि गागरोन फोर्ट पर 18,099 पर्यटक आए। हाल ही में जिला प्रशासन द्वारा गागरोन फोर्ट परिसर में आयोजित प्रतियोगिता में लगभग 6,000 छात्र, अधिकारी और आम लोग निशुल्क शामिल हुए थे। पर्यटन विशेषज्ञों का मानना है कि शुल्क वृद्धि से विशेषकर छात्र और घरेलू पर्यटकों की संख्या पर असर पड़ सकता है और इससे पर्यटन गतिविधियों में गिरावट आने की संभावना है।