साध्वी प्रेम बाईसा की मौत का मामला पुलिस के लिए चुनौती बन चुका है। इस संबंध में अब तक SIT की टीम ने 10 से अधिक लोगों से पूछताछ की है। सोमवार को SIT की टीम प्रेक्षा अस्पताल पहुंची, जहां प्रेम बाईसा को सबसे पहले लाया गया था, और अस्पताल के स्टाफ से विस्तृत जानकारी जुटाई। एसआईटी की जांच में एसीपी छवि शर्मा की टीम शामिल रही। उन्होंने अस्पताल के कर्मचारियों से उस समय की तमाम परिस्थितियों के बारे में जानकारी ली, जब साध्वी प्रेम बाईसा को अस्पताल लाया गया था।
'बाईसा को थी अस्थमा की बीमारी'
प्रेक्षा अस्पताल के डॉक्टर प्रवीण कुमार जैन ने बताया कि साध्वी प्रेम बाईसा पहले जुकाम, खांसी और गले की समस्या के लिए कई बार अस्पताल में आई थीं। डॉक्टर ने कहा, 'मेरे लिए यह कहना मुश्किल है कि उन्हें अस्थमा की बीमारी थी। वह जुकाम और गले की समस्या के लिए कई बार आई थीं। जब उन्हें आखिरी बार लाया गया, तो वह बिल्कुल बेहोश (अनकॉन्शियस) थीं। शरीर में कोई हलचल नहीं थी। वह लोकल कंपाउंड से इंजेक्शन लगवाकर आई थीं।
एजेंसियों को भेजा गया सैंपल्स
SIT की इंचार्ज छवि शर्मा ने बताया कि अब तक मेडिकल बोर्ड से मिले सभी सैंपल्स को विभिन्न एजेंसियों को भेजा गया है। इसके अलावा, संबंधित लोगों से जानकारी ली जा रही है और निजी अस्पताल में उनके पिता द्वारा कराए गए इलाज की विस्तृत जानकारी भी जुटाई जा रही है।
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रिपोर्ट का इंतजार
उन्होंने आगे कहा, 'हमें जो भी तकनीकी सबूत मिल रहे हैं, उनका विश्लेषण जारी है। जो भी लीड्स सामने आ रही हैं, उन पर काम किया जा रहा है।' वहीं, कॉज ऑफ डेथ के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, 'सभी सैंपल्स के पुनः विश्लेषण के बाद ही मेडिकल बोर्ड द्वारा मौत का कारण स्पष्ट किया जा सकेगा। इसके साथ ही हम अन्य संभावनाओं की जांच भी कर रहे हैं।' SIT अब तक 10 से अधिक लोगों से पूछताछ कर चुकी है और हर पहलू की जांच लगातार जारी है।