कालंद्री के आरके ट्रस्ट ने सामाजिक सरोकार के क्षेत्र में अनुकरणीय कार्य किए हैं। बीते 18 सालों में ट्रस्ट ने 1 हजार से ज्यादा जरूरतमंदों की आंखों के मोतियाबिंद के ऑपरेशन करवाकर उनकी जिंदगी में रोशनी लौटाई है। इसके साथ ही ट्रस्ट ने कई परिवारों को गोद लेकर उन्हें हरसंभव सहायता दी है। शिक्षा के क्षेत्र में भी अहम योगदान देते हुए ट्रस्ट कालंद्री में 5 करोड़ रुपए की लागत से बालिका हायर सेकंडरी स्कूल का निर्माण करवा रहा है।
आरके ट्रस्ट ने अब तक 16 निःशुल्क नेत्र शिविरों का आयोजन किया है, जिनमें मोतियाबिंद ऑपरेशन के अलावा नेत्र जांच, चश्मों का वितरण, हड्डी रोग उपचार और जोड़ों के दर्द की चिकित्सा जैसी सुविधाएं निःशुल्क दी गईं। महामारी के समय में भी ट्रस्ट ने अपनी सेवाएं जारी रखते हुए ग्लोबल हॉस्पिटल, माउंट आबू के सहयोग से 350 लोगों के वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट तैयार करवाए, ताकि वे सुरक्षित रूप से चिकित्सा लाभ प्राप्त कर सकें।
ट्रस्ट ने 35 बेहद जरूरतमंद परिवारों को गोद लिया है और उन्हें भोजन, स्वास्थ्य सुविधाएं एवं अन्य आवश्यक सहायता उपलब्ध करवाई जा रही है। ट्रस्ट में पिछले साल 700 मरीजों का पंजीकरण हुआ, जिनमें से 600 से अधिक को निःशुल्क दवाइयाँ वितरित की गईं।
आरके ट्रस्ट के चेयरमैन भामाशाह रमेश कुमार शाह ने "सिखवा री गाड़ी" नामक घूमते-फिरते शिक्षा वाहन की शुरुआत की है, जिसमें टीवी व कम्प्यूटर सहित सभी अत्याधुनिक सुविधाएं हैं, जिससे उन बच्चों को डिजिटल माध्यम से प्रारम्भिक शिक्षा मिल रही है, जो स्कूल नहीं जा पा रहे।
भामाशाह रमेश कुमार शाह कालंद्री में 5 करोड़ की लागत से अत्याधुनिक बालिका हायर सेकंडरी स्कूल का निर्माण करवा रहे हैं, जिसे इस वर्ष राज्य सरकार को सौंपा जाएगा। इसके अलावा बालिका हायर सेकंडरी स्कूल की प्रतिभावान बालिकाओं को यूपीएससी परीक्षा की भी तैयारी करवाकर उन्हें आईएएस व आईपीएस बनने का अवसर उपलब्ध कराया जा रहा है।
ट्रस्ट ने चिकित्सा, शिक्षा और सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में जो कार्य किए हैं, वह मानवता की सेवा का एक बेहतरीन उदाहरण हैं। ट्रस्ट की यह पहल केवल चिकित्सा सेवा नहीं बल्कि जरूरतमंदों की जिंदगी में रोशनी लाने का एक सतत प्रयास है।