पीलीभीत के जिला अस्पताल का नया दो सौ बेड का भवन आम मरीजों के लिए संचालित कर दिया गया है, लेकिन कर्मचारियों के बिना वहां अव्यवस्थाएं हावी हैं। तीन चीफ फार्मासिस्ट के सेवानिवृत्त के बाद जिला अस्पताल पर खुद के नियमित फार्मासिस्ट ही नहीं है। महिला अस्पताल से दो फॉर्मासिस्ट से दवा भंडार कक्ष, दवा वितरण कक्ष आदि की अतिरिक्त ड्यूटी ली जा रही है। दवा बांटने के लिए मेडिकल कॉलेज की ओर से प्रशिक्षु फार्मासिस्ट को विकल्प बनाया गया है। दवाओं की अधूरी जानकारी के चलते प्रशिक्षु फार्मासिस्ट मरीजों को बाहर मेडिकल से दवा लेने का रास्ता दिखा रहे हैं।
मेडिकल कॉलेज बनने के बाद भले ही जिला अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाएं बढ़ी हों, लेकिन पर्याप्त स्टाफ नहीं होने के चलते कई सेवाएं खुद वेंटिलेटर पर हैं। जिसमें प्रमुख तौर पर जिला अस्पताल में दवाओं को आकलन, रखरखाव, दवाओं की पूर्ति आदि के लिए नियमित फार्मासिस्ट की कमी खल रही है।
जिला अस्पताल के पास नहीं है फार्मासिस्ट
दो माह पहले जिला अस्पताल से चीफ फॉर्मासिस्ट के पद पर भंडार कक्ष के प्रभारी बतौर सुरेंद्र सेवानिवृत्त हो गए। उनके बाद चीफ फार्मासिस्ट केसी मिश्रा व पूर्व में एक और फार्मासिस्ट सेवानिवृत्त हुए। जिसके बाद जिला अस्पताल में खुद का कोई फार्मासिस्ट नहीं है। ऐसे में दवा भंडार, वितरण कक्ष आदि में सेवाएं देने व दवाओं के लिए रखरखाव के लिए जिला महिला अस्पताल से दो फार्मासिस्ट अतिरिक्त ड्यूटी पर लिए गए हैं।
इससे जिला अस्पताल में दवाओं की सेवा इन दिनों प्रभावित चल रही है। दवा भंडार कक्ष व वितरण कक्ष में दो फार्मासिस्ट की तैनाती दिखती है, जबकि वितरण काउंटर पर लगभग 15 प्रशिक्षु फार्मासिस्ट दवाएं वितरण करते हैं। सबसे ज्यादा परेशानी मरीजों को प्रशिक्षु फार्मासिस्टो से हो रही है, जब चिकित्सक का लिखा पर्चा लेकर मरीज दवा काउंटर पर पहुंच रहे हैं तो प्रशिक्षु लिखी दवा का नाम नहीं समझ पाते और मरीज को निजी मेडिकल से दवा लेने की सलाह दे रहे हैं।
चीफ फार्मासिस्ट के पांच व फार्मासिस्ट के तीन पद खाली
जिला अस्पताल में पांच चीफ फार्मासिस्ट व तीन फार्मासिस्ट के पद खाली चल रहे हैं। हालांकि अभी भर्ती को लेकर कोई भी प्रक्रिया नहीं चल रही है।
मेडिकल कॉलेज के उप प्राचार्य डॉ. अरुण कुमार ने बताया कि फार्मासिस्ट सेवानिवृत्त होने के बाद जो भी पद खाली चल रहे हैं। उन पर भर्ती प्रक्रिया की जाएगी, खाली पदों को जल्द भरा जाएगा। दवा वितरण केंद्र पर कोई सेवाएं बाधित नहीं हो रही हैं।