{"_id":"698dd3e80f5ea9ce5f0ca575","slug":"bangladesh-election-2026-sheikh-hasina-awami-league-calls-vote-illegal-and-voter-rejected-2026-02-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bangladesh Election: 'रद्द करो बांग्लादेश का ये चुनाव'; मतगणना के बीच शेख हसीना की अवामी लीग ने लगाए आरोप","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
Bangladesh Election: 'रद्द करो बांग्लादेश का ये चुनाव'; मतगणना के बीच शेख हसीना की अवामी लीग ने लगाए आरोप
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ढाका
Published by: शिवम गर्ग
Updated Thu, 12 Feb 2026 06:53 PM IST
विज्ञापन
सार
बांग्लादेश में हुए संसद चुनाव के बाद पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की अवामी लीग ने चुनाव को अवैध, फर्जी और जनता विरोधी करार दिया है। पार्टी ने आरोप लगाया कि इस चुनाव में मतदाताओं के अधिकारों, लोकतांत्रिक मूल्यों और संविधान की भावना की पूरी तरह अवहेलना की गई।
बांग्लादेश चुनाव 2026: अवामी लीग
- फोटो : ANI
विज्ञापन
विस्तार
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की अवामी लीग ने चुनाव को फर्जी, अवैध और असंवैधानिक करार दिया। पार्टी ने जनता के मतदान अधिकार, लोकतांत्रिक मूल्य और संविधान की भावना की अवहेलना का आरोप लगाया। अवामी लीग ने ट्वीट में कहा कि चुनाव की प्रक्रिया योजना बनाकर रची गई एक तमाशा थी, जिसमें पार्टी की भागीदारी नहीं थी। पार्टी ने जनता, माताओं, बहनों और अल्पसंख्यक समुदायों का धन्यवाद किया, जिन्होंने इस जबरदस्त फर्जी चुनाव को नकार दिया।
चुनाव को जनता ने पूरी तरह से खारिज किया
पार्टी ने बताया कि मतदान की पूर्व संध्या (11 फरवरी) से चुनाव केंद्रों पर कब्जा, गोलीबारी, वोट खरीदी, पैसों का वितरण, बैलेट स्टाम्पिंग और एजेंटों द्वारा परिणाम पत्रक पर हस्ताक्षर जैसी घटनाएं हुईं। 12 फरवरी की सुबह तक, अधिकांश मतदान केंद्रों में मतदान नगण्य रहा और कई केंद्रों में बिल्कुल भी मतदाता नहीं आए। चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, सुबह 11 बजे तक केवल 14.96% मतदाताओं ने मतदान किया, जो दर्शाता है कि अवामी लीग-रहित चुनाव जनता द्वारा पूरी तरह से खारिज किया गया।
अवामी लीग ने अपने बयान में इन मांगों को रखा है:
अवामी लीग ने यह भी आरोप लगाया कि मतदान से पहले और दौरान समर्थकों, शुभचिंतकों और अल्पसंख्यक समुदायों पर लगातार हमले, गिरफ्तारियां, धमकियां और डर का माहौल बनाया गया। इसके बावजूद जनता ने इस जाली चुनाव को अस्वीकार कर दिया और अधिकांश मतदान केंद्र खाली रहे। साथ ही, ढाका में मतदाता सूची में असामान्य वृद्धि देखी गई, जिसे पार्टी ने गंभीर और संदिग्ध बताया।
बांग्लादेश में 299 सीटों पर मतदान खत्म, मतगणना जारी
बांग्लादेश में 299 निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान समाप्त होने के बाद ढाका में मतगणना जारी है। स्थानीय मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, दोपहर 2 बजे तक करीब 48 फीसदी मतदान हुआ। बता दें कि, एक सीट पर उम्मीदवार की मौत के कारण मतदान रद्द किया गया था।
18 महीने बाद हुए चुनाव
बता दें कि ये चुनाव पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के 15 साल लंबे शासन के खत्म होने के करीब 18 महीने बाद हो रहे हैं। शेख हसीना को देशभर में हुए बड़े विरोध प्रदर्शनों के बाद सत्ता छोड़नी पड़ी थी। उसके बाद से देश में मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व में अंतरिम सरकार काम कर रही है। हालांकि, यूनुस सरकार के कार्यकाल के दौरान देश में लगातार विरोध प्रदर्शन हुए हैं। इतना ही नहीं कट्टर इस्लामी संगठनों के प्रभाव में बढ़ोतरी और अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा की घटनाओं को लेकर चिंता जताई गई है। कई अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों ने आरोप लगाया है कि इस दौरान कानून-व्यवस्था की स्थिति कमजोर हुई है और ठोस सुधार नहीं हुए हैं।
12.7 करोड़ से अधिक मतदाता
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, इस चुनाव में लगभग 12 करोड़ 77 लाख (127.7 मिलियन) पंजीकृत मतदाता थे। जिसमें करीब 6 करोड़ 28 लाख महिलाएं शामिल हैं। खास बात यह है कि पहली बार वोट देने के लिए पंजीकरण कराने वाली महिलाओं की संख्या पुरुषों से ज्यादा है। लगभग 27 लाख नई महिला मतदाता हैं, जबकि नए पुरुष मतदाताओं की संख्या करीब 18.7 लाख है।
Trending Videos
चुनाव को जनता ने पूरी तरह से खारिज किया
पार्टी ने बताया कि मतदान की पूर्व संध्या (11 फरवरी) से चुनाव केंद्रों पर कब्जा, गोलीबारी, वोट खरीदी, पैसों का वितरण, बैलेट स्टाम्पिंग और एजेंटों द्वारा परिणाम पत्रक पर हस्ताक्षर जैसी घटनाएं हुईं। 12 फरवरी की सुबह तक, अधिकांश मतदान केंद्रों में मतदान नगण्य रहा और कई केंद्रों में बिल्कुल भी मतदाता नहीं आए। चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, सुबह 11 बजे तक केवल 14.96% मतदाताओं ने मतदान किया, जो दर्शाता है कि अवामी लीग-रहित चुनाव जनता द्वारा पूरी तरह से खारिज किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
Bangladesh Awami League tweets, "Gratitude from the People’s Leader Sheikh Hasina to All Citizens, for Rejecting the Farcical Election of the Murderous-Fascist Yunus. Today’s so-called election by Yunus, who seized power illegally and unconstitutionally, was essentially a… pic.twitter.com/fOl6Lgdm8m
— ANI (@ANI) February 12, 2026
अवामी लीग ने अपने बयान में इन मांगों को रखा है:
- इस वोटर-लेस, अवैध और असंवैधानिक चुनाव को रद्द किया जाए।
- मर्डरर-फासीवादी युनुस का इस्तीफा लिया जाए।
- सभी राजनीतिक कैदियों की रिहाई, जिसमें शिक्षक, पत्रकार और बुद्धिजीवी शामिल हैं, और झूठे मामले वापस लिए जाएं।
- अवामी लीग की गतिविधियों पर लगी रोक को हटाया जाए।
- जनता के मतदान अधिकारों की बहाली के लिए तटस्थ अस्थायी सरकार के तहत स्वतंत्र, निष्पक्ष और समावेशी चुनाव कराए जाएं।
अवामी लीग ने यह भी आरोप लगाया कि मतदान से पहले और दौरान समर्थकों, शुभचिंतकों और अल्पसंख्यक समुदायों पर लगातार हमले, गिरफ्तारियां, धमकियां और डर का माहौल बनाया गया। इसके बावजूद जनता ने इस जाली चुनाव को अस्वीकार कर दिया और अधिकांश मतदान केंद्र खाली रहे। साथ ही, ढाका में मतदाता सूची में असामान्य वृद्धि देखी गई, जिसे पार्टी ने गंभीर और संदिग्ध बताया।
बांग्लादेश में 299 सीटों पर मतदान खत्म, मतगणना जारी
बांग्लादेश में 299 निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान समाप्त होने के बाद ढाका में मतगणना जारी है। स्थानीय मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, दोपहर 2 बजे तक करीब 48 फीसदी मतदान हुआ। बता दें कि, एक सीट पर उम्मीदवार की मौत के कारण मतदान रद्द किया गया था।
18 महीने बाद हुए चुनाव
बता दें कि ये चुनाव पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के 15 साल लंबे शासन के खत्म होने के करीब 18 महीने बाद हो रहे हैं। शेख हसीना को देशभर में हुए बड़े विरोध प्रदर्शनों के बाद सत्ता छोड़नी पड़ी थी। उसके बाद से देश में मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व में अंतरिम सरकार काम कर रही है। हालांकि, यूनुस सरकार के कार्यकाल के दौरान देश में लगातार विरोध प्रदर्शन हुए हैं। इतना ही नहीं कट्टर इस्लामी संगठनों के प्रभाव में बढ़ोतरी और अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा की घटनाओं को लेकर चिंता जताई गई है। कई अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों ने आरोप लगाया है कि इस दौरान कानून-व्यवस्था की स्थिति कमजोर हुई है और ठोस सुधार नहीं हुए हैं।
12.7 करोड़ से अधिक मतदाता
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, इस चुनाव में लगभग 12 करोड़ 77 लाख (127.7 मिलियन) पंजीकृत मतदाता थे। जिसमें करीब 6 करोड़ 28 लाख महिलाएं शामिल हैं। खास बात यह है कि पहली बार वोट देने के लिए पंजीकरण कराने वाली महिलाओं की संख्या पुरुषों से ज्यादा है। लगभग 27 लाख नई महिला मतदाता हैं, जबकि नए पुरुष मतदाताओं की संख्या करीब 18.7 लाख है।
विज्ञापन
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.
विज्ञापन
विज्ञापन