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US: 'शक्तिशाली भारत, चीन का मुकाबला करने के लिए बेहद जरूरी', अमेरिका के शीर्ष अधिकारी का बड़ा बयान
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
Published by: अमन तिवारी
Updated Fri, 13 Feb 2026 02:04 PM IST
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सार
अमेरिका ने भारत को चीन के खिलाफ अपना सबसे महत्वपूर्ण साथी बताया है। अमेरिकी अधिकारी पॉल कपूर के अनुसार, एक मजबूत और स्वतंत्र भारत हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन के दबदबे को रोकने के लिए जरूरी है।
पॉल कपूर (अमेरिकी सहायक सचिव)
- फोटो : ANI
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विस्तार
दक्षिण और मध्य एशिया के लिए अमेरिकी सहायक सचिव पॉल कपूर ने भारत की भूमिका पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि चीन के खिलाफ अमेरिका की कोशिशों में भारत एक बेहद जरूरी साथी है। कपूर के अनुसार, एक ताकतवर भारत न केवल चीन को हिंद-प्रशांत क्षेत्र से बाहर रखता है, बल्कि किसी भी बड़े देश को इस इलाके पर कब्जा करने या दबाव बनाने से भी रोकता है।
सवाल के जवाब में क्या बोले अमेरिकी सहायक सचिव?
उन्होंने यह बातें बुधवार को दक्षिण और मध्य एशिया पर बनी एक सब-कमेटी की बैठक में कहीं। इस बैठक का मकसद इलाके में अमेरिका की विदेश नीति की जांच करना था। जब उनसे पूछा गया कि भारत इंडो-पैसिफिक इलाके में तेजी से आक्रामक होते चीन का मुकाबला करने के लिए अमेरिकी कोशिशों में कैसे मदद करेगा। इस पर उन्होंने कहा कि भारत का आजाद रहना, अपने पैरों पर खड़ा होना और अपने काम करने की आजादी को बनाए रखना, अमेरिका के रणनीतिक फायदे के लिए है। उन्होंने साफ किया कि अमेरिका का मकसद चीन को पूरी तरह बाहर निकालना नहीं, बल्कि उसे मनमानी करने से रोकना है।
कपूर ने इस बात पर जोर दिया कि भारत को आर्थिक और सैन्य रूप से मजबूत होना चाहिए। इससे चीन पर भारत की निर्भरता कम होगी। उन्होंने कहा कि एक आजाद और खुशहाल भारत हिंद-प्रशांत क्षेत्र का एक बड़ा हिस्सा चीन के प्रभाव से बचा लेगा, जो अमेरिका के लिए एक बड़ी जीत होगी।
ये भी पढ़ें: US-Iran Tension: ट्रंप ने दूसरा युद्धपोत पश्चिम एशिया भेजा, ईरान से तनाव के बीच अमेरिका की बड़ी तैयारी
हालांकि, कैलिफोर्निया की प्रतिनिधि कामलागर-डोव ने ट्रंप सरकार के कुछ फैसलों की आलोचना की। उन्होंने कहा कि भारत पर भारी टैक्स लगाने और बैठकों में देरी करने से दोनों देशों के बीच भरोसे को नुकसान पहुंचा है। उन्होंने आरोप लगाया कि इन कदमों से हिंद-प्रशांत क्षेत्र में अमेरिका की स्थिति कमजोर हुई है।
दोनों देश के संबंध हो रहे मजबूत
इन आलोचनाओं के बीच कपूर ने कहा कि भारत और अमेरिका के संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं। दोनों देश रक्षा तकनीक और ऊर्जा के क्षेत्र में मिलकर काम कर रहे हैं। हाल ही में राष्ट्रपति ट्रंप और प्रधानमंत्री मोदी के बीच व्यापार को लेकर एक अहम सहमति बनी है। इस समझौते के तहत भारत अमेरिकी सामानों पर टैक्स कम करेगा। इसमें खेती से जुड़े उत्पाद जैसे सूखे मेवे, ताजे फल, सोयाबीन तेल, वाइन और जानवरों का चारा शामिल है।
बदले में अमेरिका कुछ खास भारतीय सामानों पर 18 प्रतिशत टैक्स लगाएगा। इसमें कपड़े, चमड़ा, जूते, प्लास्टिक, रबर और मशीनरी जैसी चीजें शामिल हैं। जब यह समझौता पूरी तरह लागू हो जाएगा, तब दवाओं, जेम्स-ज्वेलरी और हवाई जहाज के पुर्जों पर से अमेरिकी टैक्स हटा लिए जाएंगे। कपूर ने कहा कि इस समझौते से दोनों देशों की खुशहाली बढ़ेगी और भारत को अपनी सीमाओं की रक्षा करने में मदद मिलेगी।
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सवाल के जवाब में क्या बोले अमेरिकी सहायक सचिव?
उन्होंने यह बातें बुधवार को दक्षिण और मध्य एशिया पर बनी एक सब-कमेटी की बैठक में कहीं। इस बैठक का मकसद इलाके में अमेरिका की विदेश नीति की जांच करना था। जब उनसे पूछा गया कि भारत इंडो-पैसिफिक इलाके में तेजी से आक्रामक होते चीन का मुकाबला करने के लिए अमेरिकी कोशिशों में कैसे मदद करेगा। इस पर उन्होंने कहा कि भारत का आजाद रहना, अपने पैरों पर खड़ा होना और अपने काम करने की आजादी को बनाए रखना, अमेरिका के रणनीतिक फायदे के लिए है। उन्होंने साफ किया कि अमेरिका का मकसद चीन को पूरी तरह बाहर निकालना नहीं, बल्कि उसे मनमानी करने से रोकना है।
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कपूर ने इस बात पर जोर दिया कि भारत को आर्थिक और सैन्य रूप से मजबूत होना चाहिए। इससे चीन पर भारत की निर्भरता कम होगी। उन्होंने कहा कि एक आजाद और खुशहाल भारत हिंद-प्रशांत क्षेत्र का एक बड़ा हिस्सा चीन के प्रभाव से बचा लेगा, जो अमेरिका के लिए एक बड़ी जीत होगी।
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हालांकि, कैलिफोर्निया की प्रतिनिधि कामलागर-डोव ने ट्रंप सरकार के कुछ फैसलों की आलोचना की। उन्होंने कहा कि भारत पर भारी टैक्स लगाने और बैठकों में देरी करने से दोनों देशों के बीच भरोसे को नुकसान पहुंचा है। उन्होंने आरोप लगाया कि इन कदमों से हिंद-प्रशांत क्षेत्र में अमेरिका की स्थिति कमजोर हुई है।
दोनों देश के संबंध हो रहे मजबूत
इन आलोचनाओं के बीच कपूर ने कहा कि भारत और अमेरिका के संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं। दोनों देश रक्षा तकनीक और ऊर्जा के क्षेत्र में मिलकर काम कर रहे हैं। हाल ही में राष्ट्रपति ट्रंप और प्रधानमंत्री मोदी के बीच व्यापार को लेकर एक अहम सहमति बनी है। इस समझौते के तहत भारत अमेरिकी सामानों पर टैक्स कम करेगा। इसमें खेती से जुड़े उत्पाद जैसे सूखे मेवे, ताजे फल, सोयाबीन तेल, वाइन और जानवरों का चारा शामिल है।
बदले में अमेरिका कुछ खास भारतीय सामानों पर 18 प्रतिशत टैक्स लगाएगा। इसमें कपड़े, चमड़ा, जूते, प्लास्टिक, रबर और मशीनरी जैसी चीजें शामिल हैं। जब यह समझौता पूरी तरह लागू हो जाएगा, तब दवाओं, जेम्स-ज्वेलरी और हवाई जहाज के पुर्जों पर से अमेरिकी टैक्स हटा लिए जाएंगे। कपूर ने कहा कि इस समझौते से दोनों देशों की खुशहाली बढ़ेगी और भारत को अपनी सीमाओं की रक्षा करने में मदद मिलेगी।
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