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पश्चिम एशिया संकट: ट्रंप ने जोन्स एक्ट की छूट को 90 दिनों के लिए बढ़ाया; तेल बाजार में स्थिरता की कोशिश
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला।
Published by: राकेश कुमार
Updated Fri, 24 Apr 2026 05:42 PM IST
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सार
ईरान युद्ध के चलते तेल की कीमतों में आए उछाल को रोकने के लिए ट्रंप प्रशासन ने जोन्स एक्ट में 90 दिनों की अतिरिक्त छूट दी है। दावा किया जा रहा है कि इस कदम से विदेशी जहाजों की मदद से अमेरिका में ईंधन की आपूर्ति तेज होगी और बाजार में स्थिरता आएगी।
डोनाल्ड ट्रंप, अमेरिकी राष्ट्रपति
- फोटो : एक्स@WhiteHouse
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विस्तार
पश्चिम एशिया संकट के बीच अमेरिका से एक बड़ी खबर आई है। दरअसल, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जोन्स एक्ट की छूट को अगले 90 दिनों के लिए विस्तार देने का निर्णय लिया है। व्हाइट हाउस की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, इस फैसले का मुख्य उद्देश्य अमेरिकी ऊर्जा बाजार में आई भारी अस्थिरता को कम करना और तेल-प्राकृतिक गैस की आपूर्ति को सुगम बनाना है। ईरान और अमेरिका के बीच तनाव से उपजे वैश्विक संकट के बाद राष्ट्रपति ट्रंप के इस फैसले को मास्टरस्ट्रोक माना जा रहा है।
विदेशी जहाजों के लिए खुले रास्ते
इस छूट के लागू होने के बाद अब गैर-अमेरिकी जहाजों के लिए अमेरिकी बंदरगाहों से तेल और प्राकृतिक गैस का परिवहन करना काफी आसान हो जाएगा। जोन्स एक्ट के प्रावधानों के तहत केवल अमेरिका में बने, अमेरिकी स्वामित्व वाले और अमेरिकी चालक दल वाले जहाजों को ही घरेलू समुद्री व्यापार की अनुमति होती है। हालांकि, मौजूदा ऊर्जा संकट के बाद आपूर्ति श्रृंखला में आए अवरोधों को देखते हुए ट्रंप प्रशासन ने इन नियमों में ढील दी है।
यह भी पढ़ें: पीएम नेतन्याहू कैंसर से पीड़ित रहे!: इस्राइली प्रधानमंत्री ने कब और कैसे कराया अपना इलाज? खुद किया इसका खुलासा
होर्मुज बंद होने की वजह से लिया गया फैसला
ज्ञात हो कि ट्रंप ने सबसे पहले मार्च के मध्य में 60 दिनों की छूट की घोषणा की थी। यह निर्णय होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने के बाद लिया गया था। पश्चिम एशिया संकट गहराने की वजह से अंतरराष्ट्रीय तेल आपूर्ति काफी हद तक बाधित हुई है। वर्तमान में इस जलमार्ग के बंद होने से अमेरिका पहुंचने वाले जहाजों की आवाजाही पर बड़ा असर पड़ा है। इसी कमी को पूरा करने के लिए अब विदेशी जहाजों के माध्यम से आपूर्ति को तेज करने की योजना बनाई गई है।
नई रिपोर्ट में सकारात्मक संकेत
व्हाइट हाउस की ओर से सोशल मीडिया पर साझा किए गए डाटा के अनुसार, मार्च में दी गई शुरुआती छूट के नतीजे काफी उत्साहजनक रहे हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि छूट मिलने के बाद से अमेरिकी बंदरगाहों तक अधिक मात्रा में तेल और गैस की सप्लाई हो सकी है। इसी डाटा को आधार बनाकर प्रशासन ने अगले 90 दिनों के लिए इस व्यवस्था को जारी रखने का फैसला किया है, जिससे कीमतों में स्थिरता बनी रहे।
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इस छूट के लागू होने के बाद अब गैर-अमेरिकी जहाजों के लिए अमेरिकी बंदरगाहों से तेल और प्राकृतिक गैस का परिवहन करना काफी आसान हो जाएगा। जोन्स एक्ट के प्रावधानों के तहत केवल अमेरिका में बने, अमेरिकी स्वामित्व वाले और अमेरिकी चालक दल वाले जहाजों को ही घरेलू समुद्री व्यापार की अनुमति होती है। हालांकि, मौजूदा ऊर्जा संकट के बाद आपूर्ति श्रृंखला में आए अवरोधों को देखते हुए ट्रंप प्रशासन ने इन नियमों में ढील दी है।
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ज्ञात हो कि ट्रंप ने सबसे पहले मार्च के मध्य में 60 दिनों की छूट की घोषणा की थी। यह निर्णय होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने के बाद लिया गया था। पश्चिम एशिया संकट गहराने की वजह से अंतरराष्ट्रीय तेल आपूर्ति काफी हद तक बाधित हुई है। वर्तमान में इस जलमार्ग के बंद होने से अमेरिका पहुंचने वाले जहाजों की आवाजाही पर बड़ा असर पड़ा है। इसी कमी को पूरा करने के लिए अब विदेशी जहाजों के माध्यम से आपूर्ति को तेज करने की योजना बनाई गई है।
नई रिपोर्ट में सकारात्मक संकेत
व्हाइट हाउस की ओर से सोशल मीडिया पर साझा किए गए डाटा के अनुसार, मार्च में दी गई शुरुआती छूट के नतीजे काफी उत्साहजनक रहे हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि छूट मिलने के बाद से अमेरिकी बंदरगाहों तक अधिक मात्रा में तेल और गैस की सप्लाई हो सकी है। इसी डाटा को आधार बनाकर प्रशासन ने अगले 90 दिनों के लिए इस व्यवस्था को जारी रखने का फैसला किया है, जिससे कीमतों में स्थिरता बनी रहे।
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