सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Flag Paint, Name Change and Russian Request, How Oil Tanker Marinera Tried to Escape US Seizure

Marinera Tanker: रूसी पोत झंडा-पेंट और नाम बदलकर अमेरिकी सेना को चकमा दे रहा था; लंबी जद्दोजहद के बाद हुआ जब्त

वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन Published by: शिवम गर्ग Updated Thu, 08 Jan 2026 09:05 AM IST
विज्ञापन
सार

अमेरिकी प्रतिबंध से बचने के लिए टैंकर बेला 1 ने नाम बदलकर मारिनेरा किया, रूसी झंडा लगाया और कूटनीतिक अनुरोध किया। लेकिन लंबी पीछा के बाद अमेरिका ने इसे अटलांटिक में जब्त कर लिया।

Flag Paint, Name Change and Russian Request, How Oil Tanker Marinera Tried to Escape US Seizure
अमेरिका वेनेजुएला में तनाव - फोटो : एएनआई
विज्ञापन

विस्तार
Follow Us

अमेरिका ने रूस के तेल टैंकर मारिनेरा को अटलांटिक महासागर में तब्त कराया, जो पहले बेला 1 नाम से जाना जाता था। यह टैंकर लंबे समय से अमेरिकी प्रतिबंधों से बचने की कोशिश कर रहा था, लेकिन दो सप्ताह से अधिक नाटकीय पीछा के बाद अमेरिकी तट रक्षक और सैन्य बलों ने इसे रोका। 

Trending Videos


यह पहली बार माना जा रहा है कि हाल के वर्षों में अमेरिका ने रूसी झंडे वाला तेल टैंकर जब्त किया है। यह जहाज पहले ईरान से आया, स्वेज नहर और जिब्राल्टर पार कर रहा था और वेनेजुएला से तेल लेने की योजना बना रहा था, जब अमेरिका ने अपने प्रतिबंधों को कड़ा कर दिया। 
विज्ञापन
विज्ञापन


पहला टकराव और पीछा
21 दिसंबर को कैरिबियन सागर में अमेरिकी तटरक्षक बल ने टैंकर को रोका, जब यह अभी भी 'बेला 1' नाम से चल रहा था। अधिकारियों का कहना था कि जहाज वैध राष्ट्रीय झंडा नहीं फहराता था, जिससे उसके पास जब्ती वारंट था। लेकिन चालक दल ने बोर्डिंग की अनुमति नहीं दी और जहाज ने अटलांटिक की ओर भागने की कोशिश की, जबकि अमेरिकी बल लगातार उसे ट्रैक करते रहे। 
 
झंडा पेंट और नाम बदलना
टैंकर के चालक दल ने अपने आप को बचाने के लिए सबसे पहले जहाज के बाहरी हिस्से पर रूसी झंडा पेंट किया। अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून के तहत ऐसा झंडा फहराने पर जहाज उस देश के संरक्षण में माना जाता है। लेकिन अमेरिकी अधिकारियों का कहना था कि यह प्रयास विफल रहा क्योंकि जहाज ने पहली बार बोर्डिंग के समय कोई वैध झंडा नहीं फहराया था। इसके बाद इसे नाम बदलकर 'मारिनेरा' कर दिया गया और रूस के आधिकारिक शिपिंग रजिस्ट्री में शामिल किया गया, जिसके होम पोर्ट के रूप में सोची को दर्शाया गया। 

रूस की  अपील
रूस ने औपचारिक रूप से अमेरिका से अनुरोध किया कि इस टैंकर का पीछा बंद किया जाए। रिपोर्ट्स के अनुसार यह अनुरोध न्यू ईयर ईव पर अमेरिकी स्टेट डिपार्टमेंट को दिया गया था। अमेरिका ने इसके बावजूद पीछा जारी रखा, यह कहते हुए कि जहाज अमेरिकी प्रतिबंधों का उल्लंघन कर रहा है और ईरानी तेल ले जा रहा है।

पिछले कुछ दिनों में पश्चिमी निगरानी विमान टैंकर के ऊपर नियमित उड़ान भरते रहे, जिसमें आइसलैंड स्थित अमेरिकी बेस और ब्रिटिश P‑8 पोसिडॉन विमान शामिल थे, जो समुद्री स्थिति का विस्तृत सर्वे करते हैं। कुछ रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि रूसी नौसेना ने इस टैंकर की सुरक्षा के लिए सबमरीन भी तैनात की थी। बुधवार को अमेरिकी तट रक्षक ने आखिरकार मारिनेरा को उत्तरी अटलांटिक में जब्त कर लिया। अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने कहा कि प्रतिबंधित तेल के खिलाफ यह कार्रवाई पूरी दुनिया में लागू है। 

क्यों था यह जहाज महत्वपूर्ण?
विश्लेषकों का मानना है कि यह टैंकर शैडो फ़्लीट का हिस्सा था, जिसका इस्तेमाल रूस, ईरान और वेनेजुएला के लिए तेल ले जाने में किया जाता है और यह अमेरिका द्वारा पहले ही 2024 में प्रतिबंधित किया जा चुका था। यह आरोप भी था कि जहाज ने अवैध कार्गो ले जाया था, जिसके कारण उस पर प्रतिबंध लगाया गया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

Election
एप में पढ़ें

Followed